संघ लोक सेवा आयोग के प्रारंभिक परीक्षा में मात्र 3 महीना –(क्या करें , कैसे करें और क्या नहीं करें )

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क्या करें और क्या नहीं करें —

क्या करें ?

  • यदि किसी अभ्यर्थी के मन में यह प्रश्न चल रहा है कि मैं परीक्षा दू या न दू तो अभी ही तय कर ले ,और यदि परीक्षा नहीं देना है तो 2018 के लिए तैयारी में लग जाए . अब इस 90 दिनों के समय में ऐसे द्वन्द के लिए 1 सेकंड भी समय नहीं हैं.
  • जिन अभ्यर्थी को 2017 का प्रारंभिक परीक्षा देना हैं , वे खुद से पूछे कि उनका कौन – कौन सा टॉपिक तैयार हो गया हैं .यहाँ तैयार से मतलब हैं कि (जैसे आधुनिक भारत का इतिहास ) आप ने NCERT कि पुस्तक 2 -3 बार पढ़ कर एक नोट बना लिया हैं . स्पेक्ट्रम पब्लिकेशन कि पुस्तक आधुनिक भारत का इतिहास आप ने रट्टा मार लिया हैं . विगत वर्षों के पूछे हुए प्रश्न हल कर लिए हो ,और किसी टेस्ट सीरीज का प्रश्न हल कर लिया हो . अर्थात अब आपको ये टॉपिक परीक्षा से 1 सप्ताह पहले पढ़ना हो ,बीच में इसे पढ़ने कि कोई आवश्यकता नहीं हो.
  • हरेक अभ्यर्थी स्वयं से पूछे कि उनकी तैयारी कैसी हैं .और उसी के अनुसार अपनी आगे की रणनीति बनाए .किसी भी अभ्यर्थी के लिए सबसे लज्जाजनक स्थिति होती हैं प्रीलिम्स में फेल हो जाना.ये एक ऐसी आदत बन जाती हैं कि हम पूरे वर्ष प्रीलिम्स की तैयारी करते हैं और फिर भी परीक्षा से पूर्व डरते हैं कि पास होंगे या फेल .
  • कैसे पढ़े ?

  • कभी कभी लगता हैं कि अभी तक तो मैंने कुछ नही पढ़ा हैं, लेकिन इस तीन महीने में मैं 15 – 16 घंटे पढ़ कर सब तैयार कर लूंगा,और फिर ऐसे ही मेरा मेंस और इंटरव्यू हो जाएगा .मैं आईएएस बनकर बहुत सारे अच्छे अच्छे काम करूँगा .
  • सबसे पहले, दिन में सपने देखने से बढ़िया हैं कि पढाई करें ,सपने खुद ही पूरे हो जाएंगे .दूसरी बात कोई भी अभ्यर्थी तीन महीने तक लगातार 15 – 16 घंटे नही पढ़ सकता हैं , इसीलिए ज्यादा जोश में न आए और 7 – 8 घंटे ईमानदारी से पढ़े .
  • UPSC लगभग हरेक वर्ष 60 – 70 % प्रश्न बेसिक पुस्तकों से पूछती हैं ,इसीलिए इतिहास ,भूगोल ,राजव्यवस्था ,अर्थव्यवस्था ,पर्यावरण आदि कि पुस्तकों को ज्यादा से ज्यादा पढ़े.
  • कर्रेंट अफेयर्स को पढ़ने का एक ही तरीका हैं कि पूरे वर्ष पेपर पढ़े और अपना नोट बनाए . मार्केट में या वेबसाइट पर उपलब्ध रेडीमेड नोट से बचे ,इससे आपको तभी फायदा होगा जब आपने खुद पढाई की हो .
  • क्या नहीं करें ?

  • परीक्षा तक फेसबुक , व्हाट्सएप्प ,इंस्टाग्राम आदि से दूरी बना ले .इससे हो सकता हैं बहुत सारे फायदे भी हो लेकिन यहाँ पर डिस्कशन के नाम पर 4 – 5 घंटे कब चला जाता हैं पता ही नहीं चलता ,और आप मुश्किल से 1 या 2 पॉइंट सीखते हैं या 1 -2 लोगों को संतुष्ट कर पाते हैं .पर आप तैयारी इसलिए कर रहे हैं कि upsc के द्वारा पूछे गए प्रश्नों को हल कर सके न कि किसी व्यक्ति विशेष को संतुष्ट करने के लिए .इसीलिए इन चीजों से दूरी बना ले .
  • कोई भी शादी-विवाह जैसे आयोजन से अपने आप को दूर रखे – इसका पहला नुकसान यह कि आपका 2 दिन समय ख़राब हो जाएगा.
  • शादी हमेशा सफल लोगों कि होती हैं, तो आप वहां जाकर कुछ देर के लिए भले ही खुश हो जाए पर आपके अंदर एक नेगेटिव एनर्जी का प्रवाह होगा जिससे आपकी पढाई में बाधा आएगी.आपने upsc की तैयारी शुरू की अर्थात आपने सबसे कठिन मार्ग चुना, जहाँ सफलता के लिए आपका अपने ऊपर आत्म नियंत्रण होना अत्यधिक अनिवार्य है.इसीलिए जहाँ तक हो सके इन चीज़ों से बचे.
  • और अंत में ‘कोई भी इंसान जो ईमानदारी से प्रयास करें वो सफल ज़रूर होता हैं’ — भले ही आपका सेलेक्शन upsc में नही हो पाया तो किसी राज्य लोक सेवा आयोग में आपको सफलता मिलेगी.बस आप ईमानदारी और मेहनत से प्रयास करे .आप सभी को प्रारंभिक परीक्षा के लिए शुभकामना.
  • ‘This is war zone dont stay idle ‘
    अर्थात ‘संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी करना युद्ध क्षेत्र में युद्ध लड़ने के सामान हैं , आप यहाँ निरर्थक आलस्य न दिखाए वरना कोई और आपसे आगे निकल जाएगा.’

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