समसामयिकी दिसम्बर : CURRENT AFFAIRS DECEMBER: 12-17

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समसामयिकी दिसम्बर : CURRENT AFFAIRS DECEMBER: 12-17

पूर्वोत्तर विशेष बुनियादी ढांचा विकास योजना “(एनईसआईडीएस) की शुरूआत हुई:

  • केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने केन्‍द्रीय क्षेत्र की नई योजना ‘‘पूर्वोत्‍तर विशेष बुनियादी ढांचा विकास योजना’’ (एनईएसआईडीएस) को केंद्र सरकार की शत-प्रतिशत सहायता के साथ 2017-18 से शुरू करने की मंजूरी दे दी, ताकि मार्च, 2020 तक विनिर्दिष्‍ट क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के सृजन से संबंधित अंतरों को पाटा जा सके।
  • एनईएसआईडीएस की विशेषताएं:

  • नई योजना व्‍यापक तौर पर निम्‍नलिखित क्षेत्रों के अंतर्गत बुनियादी ढांचे के सृजन को शामिल करेगी।
  • जलापूर्ति, विद्युत, सम्‍पर्क और विशेषकर पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं से संबंधित भौतिक बुनियादी ढांचा; शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य के सामाजिक क्षेत्रों का बुनियादी ढांचा।

केंद्र ने सामुद्रिक विज्ञान के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने पर यूनेस्को के साथ समझौते को मंज़ूरी दी:

  • प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने यूनेस्को के श्रेणी-2 केन्द्र (सी2सी) के रूप में हैदराबाद में परिचालनगत सामुद्रिक विज्ञान के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने को मंज़ूरी दे दी है।
  • इस समझौते का उद्देश्य हिंद महासागर के किनारों (आईओआर), भारतीय और अटलांटिक महासागर से जुड़े अफ्रीकी देशों, यूनेस्को के ढांचे के अंतर्गत लघु द्वीपीय देशों के लिए क्षमता निर्माण की दिशा में प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना करना है।
  • परिचालनगत सामुद्रिक विज्ञान मछुआरों, आपदा प्रबंधन, जहाजरानी, बंदरगाह, तटीय राज्यों, नौसेना, तट रक्षक, पर्यावरण, दैनिक परिचालन को सुचारू रूप से चलाने के लिए अपतटीय उद्योगों जैसे विभिन्न क्षेत्रों को सूचनाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रणालीगत सामुद्रिक विज्ञान अध्य्यन आयोजित करने के लिए एक कारगर गतिविधि है।
  • केन्द्र सरकार क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण, ज्ञान साझा करने और सूचनाओं के आदान प्रदान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहायता मुहैया कराएगा। भारत यूनेस्को की कार्य योजना के प्रभाव और दृश्यता को बढ़ाकर यूनेस्को और इसके अंतर सरकारी सामुद्रिक विज्ञान आयोग (आईओसी) के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत का प्रतिनिधित्व कर सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी मिजोरम में 60 मेगावॉट की ट्युरिअल जलविद्युत परियोजना राष्ट्र को समर्पित करेंगे:

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16 दिसंबर 2017 को मिजोरम में 60 मेगावॉट की ट्युरिअल जलविद्युत परियोजना राष्ट्र को समर्पित की। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर “माईडोनर एप” का शुभारंभ किया और आईजोल में आयोजित एक कार्यक्रम में स्टार्टअप उद्यमियो को चैक वितरित किये।
  • ट्युरिअल जलविद्युत परियोजना का निर्माण केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में किया गया है। इसका क्रियान्यवन विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत पूर्वोत्तर इलेक्ट्रिक पॉवर कार्पोरेशन (नीपको) द्वारा किया गया है।
  • आर्थिक मामलो पर मंत्रीमंडलीय समिति(सीसीईए) ने जुलाई 1998 में परियोजना के क्रियान्यवन को अनुमति प्रदान की थी और जुलाई 2006 में इसके पूरा होने का समय निर्धारित किया था। जून, 2004 में परियोजना का तीस प्रतिशत कार्य पूरा होने के बाद स्थानीय आंदोलन के कारण काम को पूर्ण रूप से रोकना पड़ा।

एनजीटी ने गंगा के किनारों पर स्थित शहरों में प्लास्टिक की चीज़ों पर रोक लगाई:

  • राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गंगा नदी के किनारे स्थित हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे शहरों में कैरी बैग, प्लेट और कटलरी जैसी प्लास्टिक से बनी चीज़ों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।
  • एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तरकाशी तक इस तरह की चीज़ों की बिक्री, विनिर्माण और भंडारण पर भी रोक लगा दी। हरित अधिकरण ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर 50 हज़ार रुपए का जुर्माना लगेगा और गलती करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी
  • एनजीटी ने ये उल्लेख करने के बाद आदेश पारित किया कि इसके पूर्व के आदेश के बावजूद इन क्षेत्रों में प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे गंगा नदी में प्रदूषण हो रहा है।

ओडिशा वन विभाग ने ओलिव रिडले टर्टल्स की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा इकाइयां स्थापित की:

  • ओडिशा वन विभाग ने गंजम जिले में रुशिकुल्या नदी के मुहाने के पास ओलिव रिडले टर्टल्स (कछुओं) का सुरक्षित प्रवास सुनिश्चित करने के लिए नौ संरक्षण इकाईयां स्थापित की हैं। रुशिकुल्या नदी का मुहाना बरहामपुर से 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
  • टर्टल्स एक लुप्तप्राय जीव है और यह जगह प्रजनन के लिहाज से उनके लिए सबसे बड़े क्षेत्रों में से एक है। इस बार कछुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि गोखरकुड़ा से पुरुनाबांध तक समुद्र के किनारों की चौड़ाई प्राकृतिक तौर पर बढ़ गई है।
  • फरवरी के तीसरे हफ्ते में कछुओं द्वारा बड़े स्तर पर आशियाना बनाए जाने की उम्मीद है। इस साल 14 से 22 फरवरी के बीच रिकॉर्ड संख्या में 3.70 लाख समुद्री कछुओं ने रुशिकुल्या नही तट के पास अंडे दिए थे।

नई दिल्ली में चौथी भारत-ऑस्ट्रेलिया-जापान त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित:

  • विदेश सचिव डॉ. एस. जयशंकर ने 13 दिसंबर 2017 को नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के विदेश एवं व्यवसाय विभाग सचिव फ्रांसिस एडमसन और जापान के उप-विदेश मंत्री शिंसुके जे. सुगियामा के साथ चौथी भारत-ऑस्ट्रेलिया-जापान त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की।
  • तीनों पक्षों ने भारत-प्रशांत क्षेत्र में अपने-अपने देशों के हितों के बढ़ते अभिसरण और इस क्षेत्र में शांति, लोकतंत्र, आर्थिक विकास और नियम-आधारित व्यवस्था के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने भारत-प्रशांत क्षेत्र की राजनीतिक और सुरक्षा स्थितियों में आसियान की केंद्रीयता के प्रति अपने समर्थन का भी उल्लेख किया।
  • तीनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, क्षेत्र की जागरूकता और आपदा प्रतिक्रिया क्षमताओं की दिशा में अधिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद की समस्या से लड़ने के अपने संकल्प को दोहराया और आतंकवाद प्रतिरोध में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • जापान के उप-मंत्री ने अगली वार्ता टोकियो में आयोजित करने का प्रस्ताव दिया।

विश्व व्यापार संगठन (WTO) के 11वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन का ब्यूनस आयर्स में आयोजन:

  • अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में विश्व व्यापार संगठन (WTO) के 11वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में बातचीत असफल होने से भारत जैसे अन्य विकासशील देशों को निराशा हुई है। इसकी अहम वजह अमेरिका का सार्वजनिक खाद्य भंडारण (पब्लिक फूड स्टॉकहोल्डिंग) के मुद्दे का स्थायी समाधान ढूंढने की अपनी प्रतिबद्धता से पीछे हटना है।
  • चार दिवसीय यह बैठक बिना किसी मंत्रिस्तरीय घोषणा या बिना किसी ठोस परिणाम के ही समाप्त हो गई। फिशरीज और ई-कॉमर्स के सेक्टर में ही थोड़ी प्रगति हुई है क्योंकि इसके लिए कामकाजी कार्यक्रमों पर सहमति बनी है।
  • भारत द्वारा प्रमुख तौर पर उठाई गई खाद्य सुरक्षा की मांग को लेकर एक साझा स्तर पर पहुंचने से अमेरिका ने मना कर दिया जिससे यह बातचीत असफल रही। इस बैठक में भारतीय दल का नेतृत्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने किया था।
  • इस संगठन में 164 सदस्य देश शामिल हैं। मंत्रिस्तरीय सम्मेलन इस संगठन की शीर्ष निर्णय इकाई है।

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस: 14 दिसंबर

  • भारत में प्रत्येक वर्ष 14 दिसम्बर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया जाता है। विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत ऊर्जा दक्षता ब्‍यूरो (बीईई) ऊर्जा दक्षता और संरक्षण के महत्‍व के बारे में जन जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिवर्ष 14 दिसंबर को राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाता है।
  • जागरूकता फैलाने के रूप में बीईई ऊर्जा उपभोग को कम करने में उद्योगों के प्रयासों को मान्‍यता प्रदान करने तथा उन्‍हें प्रोत्‍साहित करने के लिए राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्‍कार प्रदान करता है।
  • भारत में ऊर्जा संरक्षण अधिनियम वर्ष 2001 में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) द्वारा लागू किया गया था। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) एक संवैधानिक निकाय है जो भारत सरकार के अधीन आता है और ऊर्जा के उपयोग को कम करने के लिए नीतियों और रणनीतियों के विकास में मदद करता है।

यूपी सरकार ने यूपीसीओसीए विधेयक को मंजूरी दी:

  • उत्तर प्रदेश में भू-माफिया, खनन माफिया और संगठित अपराधियों से निपटने के लिए सरकार ने 13 दिसंबर 2017 को कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक (यूपीकोका) कानून को मंजूरी दे दी है।
  • इसे 14 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में पेश किया जायेगा। यहां से मसौदे को हरी झंडी मिलते ही कानून बनाने के लिए इसे राज्यपाल के पास भेजा जायेगा। वहां से मंजूरी मिलते ही कानून अमल में आ जायेगा।
  • यूपीकोका कानून के लागू हो जाने से प्रदेश में संगठित अपराध पर लगाम लगाया जा सकेगा। यूपीकोका कानून का मसौदा तैयार करने के पहले महाराष्ट्र के मकोका समेत कर्नाटक व गुजरात में लागू संबंधित कानूनों का अध्ययन कर तैयार किया गया है।

यूएनडब्लूटीओ/यूनेस्को द्वारा दूसरे विश्व पर्यटन व संस्कृति सम्मेलन का मस्कट में आयोजन:

  • केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री महेश शर्मा ने संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन/ यूनेस्को द्वारा ओमान की राजधानी मस्कट में 11 व 12 दिसम्बर, 2017 को आयोजित दूसरे विश्व पर्यटन व संस्कृति सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व किया। “सतत पोषणीय विकास” इस सम्मेलन का मुख्य विषय है।
  • सम्मेलन के अन्य मुख्य विषय है शान्ति व समृद्धि के घटक के रूप में संस्कृति और पर्यटन, विकास और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, शहरी विकास व रचनात्मकता तथा संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में सांस्कृतिक स्थलों की पहचान। सम्मेलन में 2030 के एजेंडे को भी अंतिम रूप दिया गया।

गृह मंत्रालय ने छह राज्यों में बॉर्डर पर विकास के लिए 174 करोड़ रुपये जारी किये:

  • केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छह राज्यों में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 174 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इससे जिन राज्यों को फायदा होगा उनमें गुजरात, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश भी शामिल हैं।
  • सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) के तहत असम, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल को 174.32 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। पूरी तरह से केंद्र की तरफ से पोषित बीएडीपी कार्यक्रम में 17 राज्यों के अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0-10 किलोमीटर तक के दायरे में स्थित सभी गांव शामिल होंगे।
  • हालांकि, उन गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्हें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की तरफ से त्वरित आधारभूत ढांचे के विकास के लिए चिह्नित किया जाएगा।
  • इसमें सुदूर और पहाड़ी क्षेत्रों जहां सड़क संपर्क नहीं है वहां हेलीपैड का निर्माण, किसानों को कौशल विकास कार्यक्रम के तहत आधुनिक व वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देना व अन्य क्षेत्रों में ऑर्गेनिक खेती की जानकारी देना शामिल है।

पहले “एनआईसी-सीईआरटी” का उद्घाटन किया गया:

  • विधि एवं न्याय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने रविशंकर प्रसाद ने 11 दिसंबर 2017 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के तहत “एनआईसी-सीईआरटी” का उद्घाटन किया है।
  • हाल ही में साइबर हमलों में तेजी आई है, जिससे डाटा चोरी होने की चिंताएं बढ़ गईं हैं, इससे निपटने के लिए सरकार ने एनआईसी-सीईआरटी का शुभारम्भ किया है। यह साइबर हमलों को रोकने और उनकी पूर्व सूचना देने में सक्षम होगा।
  • एनआईसी एनआईसी लंबे समय से सरकारी साइबरस्पेस की सुरक्षा के लिए काम कर रहा है। इस केंद्र की स्थापना से एनआईसी ने अपने अनुभव और विशेषज्ञता के स्तर को और ऊंचा किया है।

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