समसामयिकी फरवरी : CURRENT AFFAIRS (1-10)FEBRUARY

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यूनानी चिकित्सा पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

  • डॉ. जितेन्द्र सिंह ने 10 फरवरी, 2018 को नई दिल्ली में यूनानी चिकित्सा पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। यह वर्ष यूनानी बिरादरी के लिए विशेष है क्योंकि यह हकीम अजमल खान की 150वीं जयंती है।
  • इसे ध्यान में रखते हुए आयुष मंत्रालय के अधीनस्थ यूनानी चिकित्सा में अनुसंधान के लिए केंद्रीय परिषद (सीसीआरयूएम), यूनानी दिवस मनाए जाने के एक हिस्से के रूप में यूनानी चिकित्सा पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर रही है। इस सम्मेलन की थीम है ‘मुख्यधारा स्वास्थ्य सेवा में यूनानी चिकित्सा प्रणाली का एकीकरण।’
  • राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न देशों जैसे कि दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन, श्रीलंका, बांग्लादेश, चीन, अमेरिका, पुर्तगाल, संयुक्त अरब अमीरात, स्लोवेनिया, इजरायल, हंगरी, बहरीन, ताजिकिस्तान, इत्यादि के प्रतिनिधि भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे।
  • महान यूनानी अनुसंधानकर्ता हकीम अजमल खान का जन्मदिन प्रत्येक वर्ष 11 फरवरी को यूनानी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हकीम अजमल खान एक प्रतिष्ठित भारतीय यूनानी चिकित्सक थे।

दिल्ली सरकार, एमओईएफ ने संयुक्त रूप से ‘स्वच्छ वायु अभियान’ शुरू किया:

  • दिल्ली सरकार एवं पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने संयुक्त रूप से ‘स्वच्छ वायु अभियान’ की शुरुआत की है। यह अभियान 10-23 फरवरी 2018 तक जारी रहेगा। इस संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, सीपीसीबी, दिल्ली सरकार, डीपीसीसी, नगर निगम और एनडीएमसी के अधिकारियों के 70 संयुक्त दल गठित कर लिए गए हैं।
  • ये दल दिल्ली के सभी प्राशसनिक प्रभागों का दौरा करेंगे, प्रदूषण के कारणों की निगरानी करेंगे और उपचारात्मक उपाय करेंगे, इसके तहत प्रदुषण फैलाने वालों के विरुद्ध मौके पर ही दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान शामिल है।
  • अभियान के तहत वाहनों के लिए प्रदूषण नियंत्रण उपाय, वाहन चालन अनुशासन और दिल्ली में बिजली संयंत्रों का निरीक्षण भी शामिल हैं ताकि प्रदूषण में कमी लाई जा सके। केन्द्र और राज्य सरकारों के अलावा इस अभियान में दिल्ली पुलिस, शिक्षा संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों, उद्योगों, प्रमुख औद्योगिक इकाइयों, आवासीय कल्याण संघों, अनुसंधान एवं विकास संस्थानों इत्यादि को भी शामिल किया जाएगा।

‘ऐश ट्रैक मोबाइल ऐप’ लांच

  • केंद्रीय विद्युत नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री आर के सिंह ने एक वेब आधारित निगरानी प्रणाली तथा फ्लाई ऐश मोबाइल ऐप ‘ऐश ट्रैक’ लांच किया। यह प्लेटफार्म ताप बिजली संयंत्रों द्वारा उत्पादित ऐश के बेहतर प्रबंधन में सहायक होगा क्योंकि यह फ्लाई ऐश उत्पादकों (ताप बिजली संयंत्र) तथा सड़क ठेकेदारों, सीमेंट संयंत्रों जैसे संभावित उपयोगकर्ता के बीच सेतु का काम करेगा।
  • फ्लाई ऐश का उचित प्रबंधन न केवल पर्यावरण के लिए महत्त्वपूर्ण है बल्कि हमारे लिए भी क्योंकि बिजली संयंत्रों द्वारा उत्पादित ऐश जमीन का बड़ा हिस्सा घेरता है। 63 प्रतिशत फ्लाई ऐश का उपयोग किया जाता है और यह उपयोग बढ़ाकर 100 प्रति करने का लक्ष्य है।
  • ताप संयंत्र नियमित रुप से वेब पोर्टल और इस ऐप पर फ्लाई ऐश उत्पादन उपयोगीकरण तथा स्टॉक भी स्थिति को अध्यतन बनाएंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। फ्लाई ऐश कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में बिजली उत्पादन की प्रक्रिया के दौरान प्रज्जवलन का अंतिम उत्पाद होता है।
  • यह निर्माण उद्योग के कार्यों में संसाधन सामग्री के रूप में काम आता है और फिलहाल इसका इस्तेमाल पोर्टलैंड सीमेंट बनाने, ब्रिक्स/ब्लाक/टाइल्स निर्माण सड़क तटबंध निर्माण और निचले क्षेत्रों के विकास कार्यों में किया जा रहा है।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति पहल की शुरुआत:

  • केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने गुरुग्राम में एक समारोह में नेशनल डीवर्मिंग डे (राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति पहल के इस दौर के लिए, सरकार 32.2 करोड़ से अधिक बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य रख रही है।
  • राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस देश में हर बच्चे को कृमि मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की एक पहल है। यह छोटी अवधि के दौरान बड़ी संख्या में बच्चों तक पहुंचने वाले सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में से एक है। राष्ट्रीय डीवर्मिंग डे 10 फरवरी और 10 अगस्त को हर साल आयोजित किया जाता है।
  • विश्वभर में 836 मिलियन से अधिक बच्चों को परजीवी कृमि संक्रमण का ज़ोखिम होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में एक से चौदह वर्ष की आयु वर्ग के 241 मिलियन बच्चों को परजीवी आंत्र कीड़े का ज़ोखिम है, जिसे मिट्टी-संचारित कृमि संक्रमण (एचटीएच) के नाम से भी जाना जाता है।
  • एसटीएच के बारे में: कृमि (कीड़े), जो कि मल द्वारा दूषित मिट्टी के माध्यम से फैलते हैं, उन्हें मिट्टी- संचारित कृमि (आंत्र परजीवी कीड़े) कहा जाता है। गोल कृमि (असकरियासिस लंबरिकॉइड-), वीप वार्म (ट्राच्यूरिस ट्राच्यूरिया), अंकुश कृमि (नेकटर अमेरिकानस और एन्क्लोस्टोम डुओडिनेल) कीड़े हैं, जो कि मनुष्य को संक्रमित करते है।

आनंद मैरिज अधिनियम

  • सिख समुदाय की मांग रहा आनंद मैरिज अधिनियम लागू कर दिया गया है। दिल्ली सरकार ने 09 फरवरी 2018 को इसे अधिसूचित कर दिया। अब सिख समुदाय की शादी इस अधिनियम के तहत पंजीकृत हो सकेंगी। इसे संसद और राष्ट्रपति ने पहले ही मंजूरी दे दी थी।
  • हरियाणा और पंजाब इसे अपने यहां पहले ही लागू कर चुके हैं। दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन समिति लंबे समय से इसकी मांग कर रही थी। सिख समुदाय की मांग रही है कि उनकी शादी आनंद मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड की जाये। यह अधिनियम 1909 में बनाया गया था। इसके बाद 1955 में हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन को जोड़ते हुए हिंदू विवाह अधिनियम बनाया गया था।

आईएनएस गरुड़ में इंटीग्रेटेड ऑटोमेटिव एविएशन मिटोरियोलॉजिकल सिस्टम (आईएएएमएस) का उद्घाटन किया गया:

  • आईएनएस गरुड़ में ‘इंटीग्रेटेड ऑटोमेटिव एविएशन मिटोरियोलॉजिकल सिस्टम (आईएएएमएस)’ का उद्घाटन ने किया।
  • आईएनएस गरुड़ इस एकीकृत स्वत: विमानन मौसम विज्ञान प्रणाली के साथ स्थापित चौथा वायु स्टेशन है। आईएएएमएस, नौ नौसेना वायु स्टेशनों के मौसम संबंधी बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करने के लिए भारतीय नौसेना की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है।
  • आईएनएस गरुड़ में स्थापित आईएएएमएस परियोजना मौसम निगरानी प्रक्रिया के ऑटोमेशन के माध्यम से विमानन सुरक्षा को एक प्रमुख प्रोत्साहन देगा।
  • इसमें एक विशेष अलार्म की सुविधा है जो ड्यूटी पर कार्यरत कर्मचारियों को मौसम पैरामीटर में हो रहे किसी भी असामान्य परिवर्तन जोकि सुरक्षित उड़ान परिचालन को प्रभावित कर सकता है, के संबंध में चेतावनी देती है।

आरबीआई 01 अप्रैल 2018 से एमसीएलआर के साथ बेस रेट को जोड़ेगा:

  • भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रमुख ब्‍याज दरों में की गई कटौती का लाभ बैंकों द्वारा तेजी से इसे ग्राहकों तक पहुंचाने के अपने एक और प्रयास के तहत केंद्रीय बैंक ने कहा है कि वह अगले वित्‍त वर्ष (01 अप्रैल 2018) से बेस रेट को मार्जिनल कॉस्‍ट ऑफ फंड्स-बेस्‍ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) के साथ जोड़ेगा।
  • आरबीआई ने 1 अप्रैल 2016 को एमसीएलआर की शुरुआत एक ऐसे सिस्‍टम के रूप में की थी जिसमें उसकी नीतिगत दरों का फायदा ग्राहकों तक पहुंचे, लेकिन वाणिज्यिक बैंकों ने इसे स्‍वीकार करने में कम रुचि दिखाई और वे बेस रेट व्‍यवस्‍था को ही प्राथमिकता दे रहे हैं।

ग्रासरूट इन्फॉर्मैटिक्स (जमीनी स्तर पर सूचना विज्ञान) पर राष्ट्रीय बैठक:

  • राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) ग्रासरूट इन्फॉर्मैटिक्स- विविध 2018 पर 8 फरवरी से शनिवार 10 फरवरी तक एक तीन दिवसीय राष्ट्रीय बैठक का आयोजन इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में किया। विविध 2018 का विषय (थीम) ‘साइबर सुरक्षा और नवाचार’ है।
  • इस राष्ट्रीय बैठक में व्यापक प्रासंगिक मुद्दों जैसे उभरती तकनीकों (इंटरनेट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन के बारे में जानकारी एवं बड़े स्तर पर डाटा का विश्लेषण), साइबर खतरा और इससे पार पाने के उपायों (डिजिटलीकरण के प्रतिमान को बदलना और उसका सुरक्षा पर प्रभाव, साइबर सुरक्षा खतरा एवं साइबर अपराध), क्रिटिकल इंफॉर्मेशऩ इन्फ्रस्ट्रक्चर संरक्षण (एनआईसी-सीईआरटी), एंटरप्राइज लेवल एप्लीकेशन्स और डीआईओ से संबंधित कई अन्य विषय शामिल हैं।
  • राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) की स्थापना 1967 में की गई थी और तब से यह जमीनी स्तर से ई-गवर्मेंट/ई-गवर्नेंस अनुप्रयोगों के साथ डिजिटल अवसरों को बढ़ावा देते हुए सतत विकास के रूप में उभरा है।

स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत अब तक 11 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को ओडीएफ घोषित किया गया:

  • 08 फरवरी 2018 को केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया कि अभी तक 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी), को सरकार के प्रमुख कार्यक्रम (फ्लैगशिप प्रोग्राम) स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तहत खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया गया है।
  • अब तक, 11 राज्यों / संघ शासित प्रदेशों सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, केरल, उत्तराखंड, हरियाणा, गुजरात, चंडीगढ़, दमन और दीव, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मेघालय को ओडीएफ घोषित किया गया है।
  • सिक्किम खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित होने वाला पहला राज्य था।

मंत्रिमंडल ने ‘’प्रधानमंत्री अनुसंधान अध्‍येता (पीएमआरएफ)’’ कार्यान्‍वयन को मंजूरी दी:

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2018-19 से 7 वर्ष की अविध के लिए 1650 करोड़ रूपये की कुल लागत की ‘’प्रधानमंत्री अनुसंधान अध्‍येता (पीएमआरएफ)’’ योजना को स्‍वीकृति दे दी है। यह फेलोशिप योजना प्रधानमंत्री के नवाचार के माध्‍यम से विकास के सपने को पूरा करने की दिशा में महत्‍वपूर्ण है। इस योजना की घोषणा बजट भाषण 2018-19 में की गई थी।
  • इस योजना के अंतर्गत आईआईएससी/ आईआईटी /एनआईटी / आईआईएसईआर/ आईआईआईटी से विज्ञान एंव प्रौदयोगिकी विषयों में बी.टेक.अथवा समेकित एम.टेक. अथवा एमएससी पास करने वाले अथवा अंतिम वर्ष के सर्वोत्‍तम छात्रों को आईआईटी/ आईआईएससी में पीएचडी कार्यक्रम में सीधा प्रवेश दिया जाएगा। वर्ष 2018-19 की अविध से प्रारंभ के 3 वर्ष में अधिकतम 3000 फेलो का चयन किया जाएगा।

मंत्रिमंडल ने युवा मामलों में सहयोग के लिए भारत और ट्यूनिशिया के बीच हुए समझौता-ज्ञापन का संज्ञान लिया:

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने युवा मामलों में सहयोग के लिए भारत और ट्यूनिशिया के बीच हुए समझौता-ज्ञापन का संज्ञान लिया। समझौता-ज्ञापन पर नई दिल्ली में 30-10-2017 को हस्ताक्षर किए गये थे।
  • समझौता-ज्ञापन का उद्देश्य भारतीय युवाओं में अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य की रचना करना है, ताकि विचारों, मूल्यों और संस्कृति को प्रोत्साहन दिया जाए तथा युवाओं को शांति और समझ को बढ़ाने के लिए संलिप्त किया जाए।
  • यह समझौता-ज्ञापन पांच वर्षों के लिए मान्य होगा। इसमें सहयोग के निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं: युवा आदान-प्रदान कार्यक्रमों का आयोजन, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों और गोष्ठियों के लिए निमंत्रण का आदान-प्रदान, मुद्रित सामग्रियों, फिल्मों, अनुभवों, शोध और अन्य सूचनाओं का आदान-प्रदान, युवा शिविरों, गोष्ठियों इत्यादि में भागीदारी।

मंत्रिमंडल ने कौशल विकास में सहयोग पर ब्रिटेन तथा उत्‍तरी आयरलैंड के साथ समझौते ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर को मंजूरी दी:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कौशल विकास, व्‍यवसायिक शिक्षा तथा प्रशिक्षण में सहयोग पर ब्रिटेन तथा उत्‍तरी आयरलैंड के साथ समझौते ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर को मंजूरी दे दी है। इस समझौता ज्ञापन से व्‍यावसायिक शिक्षा तथा प्रशिक्षण और कौशल विकास के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग प्रगाढ़ बनाने का मार्ग प्रशस्‍त होगा।
  • विदेशी देशों से सहयोग करने से भारतीय कौशल इको-प्रणाली मजबूत बनाने में मदद मिलेगी और इससे बेहतर रोजगार संभावनाओं के लिए युवा को कुशल बनाया जा सकेगा। यह समझौता ज्ञापन भारत तथा ब्रिटेन के उद्योग तथा प्रशिक्षण संस्‍थानों के बीच अभिनव साझेदारी के लिए रूपरेखा तैयार करेगा और भारत में कौशल प्रशिक्षण प्रयासों को बढ़ाने में सहायता करेगा।
  • समझौते ज्ञापन को लागू करने संबंधी परियोजना के धन पोषण का स्‍वरूप दोनों पक्षों द्वारा परस्‍पर रूप से सहमत अलग समझौतों में दिया जाएगा। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने नवंबर 2016 में सहयोग के प्राथमिकता वाले एक क्षेत्र के रूप में कौशल विकास और उद्यमिता को स्‍वीकृत किया था।

मंत्रिमंडल ने पारे पर मिनामाता समझौते की पुष्टि को मंजूरी दी:

  • मंत्रिमंडल ने पारे पर मिनामाता समझौते की पुष्टि को मंजूरी दी। इसके साथ ही पुष्टि किये गये समझौते को सौंपने के जरिए भारत समझौते का पक्ष बन गया है। पारे पर मिनामाता समझौते की पुष्टि की मंजूरी के तहत पारा आधारित उत्पादों और पारा यौगिकों संबंधी प्रक्रियाओं के संबंध में 2025 तक की अवधि निर्धारित की गयी है।
  • पारे पर मिनामाता समझौता एक सतत विकास के संबंध में कार्यान्वित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को पारे तथा पारे के यौगिकों के उत्सर्जन से बचाना है। समझौते के तहत पारे के दुष्प्रभावों से बचाव होगा और विकासशील देशों के विकास की सुरक्षा हो सकेगी।
  • पारे पर मिनामाता समझौता से उपक्रमों को प्रेरणा मिलेगी कि वे पारा-मुक्त विकल्पों को अपनायें और अपनी निर्माण प्रक्रियाओं में पारा मुक्त प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल करें। इससे अनुसंधान एवं विकास में तेजी आएगी तथा नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा।

दोहरे कराधान को टालने के लिए भारत-चीन समझौता संशोधन प्रोटोकॉल पर हस्‍ताक्षर और पुष्टि को मंजूरी:

  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आय पर कर के मामले में दोहरे कराधान को टालने तथा राजकोषीय अपवंचन रोकने के लिए भारत चीन के बीच हुए समझौते में संशोधन करने वाले प्रोटोकॉल पर हस्‍ताक्षर और पुष्टि को मंजूरी दे दी है।
  • अन्‍य परिवर्तनों के अलावा यह प्रोटोकॉल सूचना आदान प्रदान प्रावधानों को अंतरराष्‍ट्रीय मानकों के अनुसार अद्यतन बनाता है। इसके अलावा यह प्रोटोकॉल आधार संकुचन और लाभ अंतरण (बीईपीएस) परियोजना, जिसमें भारत ने बराबरी से भाग लिया था, की कार्रवाई रिेपार्ट के अंतर्गत संधि संबंधी न्‍यूनतम मानकों को लागू करने के लिए अपेक्षित परिवर्तनों को भी शामिल करेगा।

स्टॉर्ट-अप इंडिया रैंकिंग के लिये फ्रेमवर्क जारी:

  • स्टॉर्ट-अप की रैंकिंग करने लिये केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने 6 फरवरी 2018 को नयी दिल्ली में राज्यों एवं संघीय क्षेत्रों के लिये तीन मानक जारी किये।
  • ये मानक हैं – राज्य एवं संघीय क्षेत्र के लिये स्टॉर्ट अप रैंकिंग फ्रेमवर्क, भारत में स्टॉर्ट अप को प्रोत्साहित करने के लिये श्रेष्ठ तरीकों का संग्रह एवं स्टॉर्ट अप इंडिया किट।
  • राज्यों एवं संघ क्षेत्रों के लिये स्टॉर्ट अप रैंकिंग फ्रेमवर्क तैयार करने का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय स्तर पर अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिये राज्यों एवं संघ क्षेत्रों को प्रोत्साहित करना है। ये फ्रेमवर्क स्थानीय स्तर पर स्टॉर्ट अप के लिये एक प्रभावी वातावरण बनाने के लिये उठाये प्रत्येक कदम के असर को मापेगा। रैंकिंग फ्रेमवर्क श्रेष्ठ प्रक्रियाओं के सतत प्रसार के जरिये लगातार सीखने को संभव बनायेगा।
  • स्टॉर्ट अप इंडिया की आदर्श कार्यप्रणाली के संग्रह को आधिकारिक तौर पर जारी करने का ध्येय स्टॉर्ट अप को नैतिक आचरण के लिये प्रोत्साहित करना है और अभी 18 राज्य और संघ क्षेत्र इसका पालन कर रहे हैं। इसमें 7 हस्तक्षेप करने लायक क्षेत्रों की 95 आदर्श प्रणालियां शामिल हैं।
  • इन्हें 38 पालन किये जाने वाले बिंदुओं में संग्रहीत किया गया है जिसमें इन्क्यूबेशन सपोर्ट, सीड फंडिंग, एंजेल एवं वेंचर फंडिंग, स्टॉर्ट अप नीति, सरल नियम, सरकार में सरल खरीद, जागरूकता एवं संबंधित पक्षों तक पहुंच बनाना शामिल हैं।

भारत ने परमाणु सक्षम अग्नि-1 मिसाइल का सफल परीक्षण किया:

  • भारत ने ओडिशा अपतटीय क्षेत्र से परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम स्वदेश निर्मित अग्नि -1 बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। भारतीय सेना के सामरिक बल कमांड ने बालासोर स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) के लॉन्च पैड-4 से 700 किलोमीटर दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइल का परीक्षण किया।
  • मिसाइल के प्रक्षेपण से लेकर उसके पूर्ण सटीकता के साथ अपने लक्षित क्षेत्र में पहुंचने तक परीक्षण के प्रक्षेप पथ पर अत्याधुनिक रडारों, टेलीमेट्री अवलोकन स्टेशनों, इलेक्ट्रो- ऑप्टिक उपकरणों और नौसेना के पोतों से नजर रखी गई।
  • अग्नि-एक को एडवांस्ड सिस्टम्स लैबोरेटरी (एएसएल) ने रक्षा अनुसंधान विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) और अनुसंधान केंद्र इमारत (आरसीआई) के सहयोग से विकसित किया है। मिसाइल को भारत डायनामिक्स लिमिटेड, हैदराबाद ने समेकित किया है। एएसएल मिसाइल विकसित करने वाली डीआरडीओ की प्रमुख प्रयोगशाला है।

सरकार ने मुख्य उत्पादक राज्यों में चावल के सिलो (अनाज भंडार) का निर्माण करने की योजना बनायी:

  • एक बार तकनीकी रूप से पूरी तरह से तैयार होने के बाद सरकार उत्पादक राज्यों में चावल के भंडारण के लिए उच्च तकनीक वाले सिलो (अनाज भंडार) का निर्माण करेगी।
  • वर्तमान में, राइस सिलो के लिए पायलट परियोजनाएं बिहार के कैमूर और बक्सर में राज्य की स्वामित्व वाली भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा तकनीक का परीक्षण करने के लिए अपने जिम्मे ली गयी हैं।
  • इस प्रौद्योगिकी के तैयार हो जाने के बाद, पश्चिम बंगाल सरकार ने भी इसी प्रकार के राइस सिलो बनाने में रूचि दिखाई है।

नेकनामपुर झील पर भारत का सबसे बड़ा अस्थायी द्वीप बना:

  • हैदराबाद की नेकनामपुर झील को साफ करने के लिए एक नया तरीका अपनाया जा रहा है। झील के ऊपर एक आर्टिफिशियल आईलैंड बनाया गया है। ये आईलैंड किसी के रहने के लिए नहीं, बल्कि झील को साफ करने के लिए है। इस पर तुलसी, अश्वगंधा और ऐसे ही तमाम हर्बल पौधे उगाए जा रहे हैं। जैसे-जैसे पौधे बड़े होंगे, इनकी जड़ झील के अंदर तक जाएगी और पानी की सफाई करेगी।
  • ये आर्टिफिशियल आईलैंड इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के मुताबिक देश का सबसे बड़ा फ्लोटिंग ट्रीटमेंट वेटलैंड है। फ्लोटिंग ट्रीटमेंट वेटलैंड (एफटीडब्ल्यू) यानी पानी पर तैरने वाली ऐसी ठोस सतह, जो वाटर ट्रीटमेंट में मदद करे।
  • झील को साफ करने के लिए इस योजना पर हैदराबाद विकास प्राधिकरण एक एनजीओ ‘ध्रुवंश’ के साथ मिलकर काम कर रहा है। 2 फरवरी को विश्व वेटलैंड दिवस पर ही नेकनामपुर झील पर इस एफटीडब्ल्यू को इंस्टॉल किया गया।
  • ये वेटलैंड झील पर ढाई हजार वर्ग फीट में फैला है। इस पर तुलसी और अश्वगंधा के अलावा हिबिस्कस, फाउंटेन घास, कैन्ना, कैटैल और वेतिवर जैसे पौधे उगाए जा रहे हैं। सारे पौधे सूरज की रोशनी और पानी की मदद से ही पनपेंगे। मिट्‌टी का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।

महाराष्ट्र सरकार किन्नरों के कल्याण के लिए एक विशेष बोर्ड का गठन करेगी:

  • महाराष्ट्र सरकार किन्नरों के कल्याण के लिए एक विशेष बोर्ड का गठन करने जा रही है। इसके लिए 5 करोड़ रुपये के विशेष फंड दिया जाएगा।
  • किन्नरों के कल्याण के लिए विशेष बोर्ड गठित करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य होगा। इस बोर्ड का मकसद किन्नर समाज से जुड़े लोगों को शिक्षा, रोजगार, आवास और स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मुहैया कराना है।
  • किन्नरों के कल्याणकारी मंडल के कार्यान्वयन के लिए कार्यकारी समिति गठित की जाएगी। समिति का गठन महिला व बाल विकास विभाग करेगा, लेकिन कल्याणकारी मंडल का कार्यान्वयन सामाजिक न्याय विभाग करेगा।
  • वर्ष 2013 में कैबिनेट द्वारा स्वीकृत राज्य सरकार की तीसरी महिला नीति में किन्नरों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए इस तरह के एक बोर्ड के गठन के मुद्दे का जिक्र था।
  • इस नीति ने राज्य में कामकाजी महिलाओं के लिए विभिन्न कल्याणकारी उपाय करने का वादा किया था। इसके लिए राज्य महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय को बोर्ड बनाने की जिम्मेदारी दी गयी थी।

पर्यावरण मंत्रालय ने ‘ग्रीन गुड डीड्स’ अभियान की शुरुआत की:

  • केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने शिक्षक समुदाय से “हरित, अच्छे कार्यों” (ग्रीन गुड डीड्स) के अभियान में सम्मिलित होने का आह्वान किया है, जो कि लोगों और छात्रों को विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के विषय पर संवेदनशील बनाने के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था।
  • उत्तर दिल्ली नगर निगम के सभी सरकारी विद्यालयों के लगभग 700 प्रधानाचार्यों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि पर्यावरण वैश्विक चिंता का विषय है, जितना आज से पहले कभी नहीं था। मंत्री महोदय ने प्रधानाचार्यों से अपने “हरित सामाजिक दायित्व” के विषय में याद कराया, जो कि कॉर्पोरेट जगत के सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के समान है।
  • पल्स पोलियो अभियान में नगर निगम विद्यालयों के “पोलियो सैनिकों” द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने “हरित सैनिकों” की आवश्यकता को रेखांकित किया और हरित अच्छे कार्यों के आंदोलन को व्यापक बनाने पर और इसे जमीनी स्तर पर सफलता पूर्वक ले जाने पर बल दिया।

कोच्चि शिपयार्ड लिमिटेड ने जहाज विकास के लिए रूस की कंपनी के साथ सहमति ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किया:

  • कोच्चि शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) तथा संयुक्‍त धारक कंपनी यूनाइटेड शिप बिल्डिंग कारपोरेशन (यूएससी) रूस, ने अंतर्देशीय तथा तटीय जलमार्गों के लिए समकालीन अत्‍याधुनिक जहाज के डिजाइन, विकास और कार्यान्‍वयन में सहयोग के लिए सहमति ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए हैं।
  • सीएसएल तथा यूएससी उच्‍च गति के जहाज, नदी-समुद्र कार्गो जहाज, यात्री जहाज, ड्रेजर, अंतर्देशीय जलमार्ग तथा तटीय जहाजरानी के लिए विकसित करने में सहयोग करेंगी। यूएससी संयुक्‍त धारक कंपनी है और रूस में जहाज बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। इस कंपनी के चालीस उद्यम हैं और इसका अनुभव तीन सौ वर्षों से अधिक का है तथा रूस में अंतर्देशीय जलमार्ग के विकास में प्रमुख रूप से योगदान करती है।
  • सीएसएल ने हाल में एचसीएसएल (हुगली, कोच्चि शिपयार्ड लिमिटेड) नामक संयुक्‍त उद्यम कंपनी कोलकाता में बनाई। इसकी योजना अंतर्देशीय तथा तटीय जलमार्गों के लिए जहाज निर्माण और मरम्‍मत की विशेष सुविधा स्‍थापित करना है।

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