समसामयिकी मार्च : CURRENT AFFAIRS MARCH:9-16

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एनटीपीसी ने देश का सबसे बड़ा तैरता सौर पीवी संयंत्र लगाया:

  • सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी ने देश का पानी में तैरता सबसे बड़ा सौर फोटोवोल्टिक (पीवी) संयंत्र लगाया है। यह संयंत्र केरल के कयामकुलम के राजीव गांधी कम्बाइंड साइकिल पावर संयंत्र (आरजीसीसीपीपी) में लगाया गया है।
  • कंपनी ने 10 मार्च 2017 को जारी विग्यप्ति में कहा कि, 100 किलोवाॅट के तैरते सौर पीवी संयंत्र का विकास मेक इन इंडिया पहल के तहत देश में किया गया है। यह अपनी तरह का सबसे बड़ा तैरता संयंत्र है।
  • इस तैरते प्लेटफार्म का विकास एनटीपीसी कर शोध एवं विकास इकाई एनटीपीसी एनर्जी टेक्नोलाजी रिसर्च अलायंस :नेत्रा: ने सेंटल इंस्टिट्यूट आफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी :सिपेट:, चेन्नई के साथ सहयोग में किया गया है। इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया गया है।

सोलर फोटोवोल्टिक (पीवी):

  • पीवी, जो एक ऐसी प्रौद्योगिकी है जो धूप को सीधे विद्युत में परिवर्तित करती है, नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग की सबसे तेज उत्पादक भागों में से एक है। भारत सहित अनेक देशों में यह पहले से ही सुस्थापित है और 21वीं शताब्दी की प्रमुख प्रौद्योगिकियों में से एक प्रौद्योगिकी होने जा रही है। इस भाग का विकास करने वाले कुछेक कारक ये हैं: कार्बन उत्सर्जन, ऊर्जा सुरक्षा और जीवश्म ईंधन की बढ़ती हुई कीमतें के प्रति चिन्ता।
  • पारम्परिक सौर सैल सिलिकॉन से तैयार किए जाते हैं, और सामान्यता ये सर्वाधिक कार्यक्षम होते है। अनाकार सिलिकान अथवा गैर-सिलिकॉन सामग्री जैसे केडमियम टेल्युराइड से तैयार किए गए पतले फिल्म सौर सैल गॉण उत्पादन सौर सैल हैं, और समूचे प्रतिष्ठापनों में बृहत शेयर प्राप्त कर रहे है।
  • उच्च कार्यक्षम पीवी सामग्री को डिजाइन कराने के लिए तृतीय-उत्पादन सौर सेलों में नई सामग्री की किस्मों और नेनो प्रौद्यागिकी आदि का इस्तेमाल किया जाता है।

तमिलनाडु मॉडल के द्वारा दिल का दौरा पड़ने पर प्रतिक्रिया समय को अत्यधिक कम किया गया:

  • तमिलनाडु में दिल का दौरा पड़ने पर संरक्षण के लिए बने एक अनूठे मॉडल ने कार्डियाक एपिसोड के लिए प्रतिक्रिया समय को 900 मिनट से 170 मिनट पर ला दिया है। यह ऐतिहासिक अध्ययन, प्रभावी, प्रारंभिक और तेज़ पुनर्चक्रण-अवरुद्ध धमनियों के माध्यम से रक्त का प्रवाह बहाल करने के साथ ही समय-समय पर लक्षण को कम कर देता है।
  • इस वर्ष भर के अध्ययन के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) द्वारा वित्त पोषण किया गया है और इसके परिणाम 8 मार्च 2017 को जर्नल ऑफ़ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (जाम, कार्डियोलॉजी) के नवीनतम अंक में ऑनलाइन प्रकाशित किए गए थे।
  • परंपरागत रूप से, दिल के दौरे का इलाज रिपरफ्यूजन की दो रणनीतियों द्वारा किया जाता है। यदि कोई रोगी कैथिटेरेशन प्रयोगशाला या ‘कैथ लैब’ से सुसज्जित अस्पताल में आता है, तो उस पर एक प्राथमिक पीसीआई के रूप में जाने जानी वाली एक प्रक्रिया (अर्जेंट बलून एंजियोप्लास्टी) द्वारा किया जाता है।
  • रोगी तब ‘थ्रोबोलाइज्ड’ होता है जिसमें रक्त वाहिकाओं में जमे थक्के को भंग करने के लिए इलाज किया जाता है, रक्त के प्रवाह में सुधार, और डिस्चार्ज होने से पहले ऊतकों और अंगों को नुकसान पहुंचने से रोका जाता है।
  • नए मॉडल में, स्टेमी इंडिया, जोकि एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसकी स्थापना कोवई मेडिकल सेंट्रल के चिकित्सक थॉमस अलेक्जेंडर और अस्पताल (केएमसीएच) कोयंबटूर, और चेन्नई में मद्रास मेडिकल मिशन के डॉ अजीत मुलासाररी ने की।
  • इनके द्वारा फार्माको इनवेसिव रणनीति का उपयोग किया गया जो किसी भी छोटे अस्पताल में या यहां तक कि एम्बुलेंस में भी प्रशासित किया जा सकता है।

भारतीय शोधकर्ता ने गेहूं उपज बढ़ाने वाला नया रसायन खोजा:

  • भारतीय शोधकर्ताओं ने गेहूं फसल के एक एेसे नए रासायनिक योगिक (टी6पी) की खोज की है जिसके छिड़काव से गेहूं की फसल को जलवायु परिवर्तन के दवाबों को सहन करने में समर्थ बनाने में मदद की सकता है और उपज में 50 प्रतिशत तक वृद्धि करा सकता है।
  • यह खोज महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्यों कि भारत में गेहूं की औसत उपज तीन टन प्रति हेक्टेयर के निम्न स्तर पर है जबकि यह चीन के बाद गेहूं का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। भारत में गेहूं की औसत उपज चीन के मुकाबले 39 प्रतिशत कम है। यह योगिक पानी में घुलनशील है और इसका गेहूं के पौधे पर छिड़काव किया जा सकता है अथवा पौधे की जड़ों में सुई के जरिये पहुंचाया जा सकता है। इसका चावल, मक्का और आलू जैसी अन्य फसलों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • नये रसायन की खोज शिव नाडर विश्वविद्यालय के शोधकर्ता राम सागर मिश्रा ने आॅक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और ब्रिटेन स्थित रोथमेस्टेड रिसर्च के दो अन्य शोधकर्ता क्रमश: बेंजामिन डेविस और मैथ्यू पाॅल की मदद से किया है। इस रसायनिक योगिक को आॅक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ में पेटेन्ट कराया गया है। अब हम इसका वाणिज्यिकरण करने के लिए इस्राइल की एक कंपनी सहित तीन एग्रो केमिकल कंपनियों के साथ बात कर रहे हैं।

सूखे में भी अच्छे नतीजे सामने आए:

    इस अध्ययन में यह भी तथ्य सामने आया कि सूखा पड़ने की स्थिति में भी यह स्प्रे काम करेगा। यानि कम पानी में भी खेती को संभव करेगा। अब तक के प्रयोग में कोई नकारात्मक पहलू सामने नहीं आया है। अगर किसान इस स्प्रे को अपनाते हैं तो यह न सिर्फ उनकी कमाई को बढ़ाएगा बल्कि खेती का खर्च घटाने में भी मदद करेगा यानि दोनों तरफ से मुनाफा। राठमस्टेड रिसर्च के पौध जीव विज्ञान व फसल विज्ञान में वरिष्ठ विज्ञानी डा. मैथ्यू पॉल ने बताया कि अब हम इस स्प्रे को अपनी लैब से निकालकर खेतों में ले जाएंगे ताकि किसान लाभान्वित हों।

सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मामलों के निपटारे की समय सीमा तय की:

  • सुप्रीम कोर्ट ने 10 मार्च 2017 को देशभर के ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट में अरसे से लंबित पड़े आपराधिक मामलों के निपटारे के समयसीमा निर्धारित कर दी। शीर्ष अदालत ने कहा, ‘समय पर न्याय मानवाधिकारों का ही हिस्सा है। त्वरित न्याय को नकारने से लोगों का विश्वास न्याय व्यवस्था से डिग सकता है। लिहाजा, वित्तीय संसाधनों की अनुपलब्धता के बावजूद इसे नकारा नहीं किया जा सकता।’
  • जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस यूयू ललित की पीठ ने सभी हाई कोर्ट से कहा है, वे अपनी अधीनस्थ अदालतों को निर्देश जारी करें कि वे जमानत याचिकाओं का निपटारा सामान्यतः एक हफ्ते के भीतर कर दें। साथ ही सभी मजिस्ट्रेटों को भी निर्देश जारी किए जाएं कि वे छोटे अपराधों के ऐसे सभी मुकदमों का निपटारा छह महीने के भीतर कर दें जहां विचाराधीन कैदी जेल में बंद हैं।
  • यहीं नहीं, सत्र अदालतों को ऐसे सभी गंभीर अपराधों के मुकदमों का निपटारा दो साल के भीतर करना होगा, जिनमें अभियुक्त जेल में बंद हों। शीर्ष अदालत ने कहा, ‘पांच साल पुराने सभी मामलों का निपटारा इस साल के आखिर तक किए जाने का प्रयास किया जाना चाहिए।’
  • पीठ ने कहा, अगर विचाराधीन कैदी की हिरासत की अवधि उसे दी जाने वाली संभावित सजा से ज्यादा हो चुकी है और उसकी सजा दर्ज की जा चुकी है तो ऐसे विचाराधीन कैदियों को व्यक्तिगत बांड पर रिहा कर दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उक्त समयसीमा वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में न्यायिक प्रदर्शन के मूल्यांकन की कसौटी हो सकती है। इसके बाद शीर्ष अदालत ने सभी हाई कोर्ट के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए।
  • पीठ ने कहा, ‘सुनिश्चित किया जाए कि उनके समक्ष दायर जमानत याचिकाओं पर फैसला जहां तक संभव हो एक महीने में कर दिया जाए। आपराधिक अपीलों के ऐसे मामले जिनमें अभियुक्त पांच साल से भी ज्यादा समय से बंदी हैं, उनका निपटारा जल्द से जल्द किया जाए।’
  • शीर्ष अदालत ने कहा कि अधीनस्थ अदालतों में लंबित विचाराधीन कैदियों के ऐसे सभी मामलों का तेजी से निपटारा किया जाए, जिनकी अपील हाई कोर्ट में लंबित है। इसके लिए प्रशासनिक और न्यायिक पहलुओं पर एक उचित निगरानी तंत्र भी बनाया जाना चाहिए। सभी हाई कोर्ट को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अधीनस्थ अदालतों के लिए समुचित कार्ययोजना तैयार कर जारी करें और उसकी निगरानी भी करें।

कोवडा, आंध्र प्रदेश के नजदीक नई घाटी प्रणाली की खोज हुई:

  • पहली बार वैज्ञानिकों ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में कोवड़ा के नजदीक तीन नए कैन्यन (घाटियों) की खोज की है। यह खोज विशाखापत्तनम में स्थित सीएसआईआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सागर विज्ञान (एनआईओ) के वैज्ञानिकों द्वारा की गई थी।
  • ये तीन घाटियां बंगाल की खाड़ी की गहराई में एक प्रमुख घाटी प्रणाली का निर्माण करती हैं। यह खोज समुद्र की गहराई तक 32 उच्च घनत्व बीम भेजकरविशाखापत्तनम और श्रीकाकुलम के बीच समुद्र तल का स्पष्ट रूप से मानचित्रण करके किया गया था।
  • घाटी प्रणाली आम तौर पर समुद्र में नदी के प्रवाह द्वारा बनाई जाती है और ये नदी प्रणाली के जितना ही पुराना भी हो सकता है जोकि लगभग 23 मिलियन वर्ष है। नई घाटी प्रणाली का गठन शायद कंदिवलसा नदी के द्वारा किया गया था।
  • यह बहुत बड़ा है और इसकी गहराई शुरुआती बिंदु से लगभग 90 मीटर से शुरू होकर तक सबसे गहराई में 2,500 मीटर तक होती है। यह समुद्र में करीब 50 से 70 किमी की गहराई तक फैली हुई है।
  • विशाखापत्तनम तट पर अंतिम घाटियों वाली प्रणालियों की खोज 1963 में हुई थी। अमेरिकी नौसेना इलेक्ट्रॉनिक्स प्रयोगशाला के अमेरिकी भूविज्ञानी ई.सी. लॉफंड ने इसकी खोज की थी। डेटा अनुसंधान जहाज एंटोन ब्रून पर एकत्र किया गया था।
  • इन स्थानों पर हाइड्रो कार्बन खोजे जाने की सम्भावना काफी अधिक है।

सरकार सजावटी मत्स्य क्षेत्र को बढावा देने की प्रायोगिक परियेाजना शुरू करेगी:

  • सरकार ने लोगों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने, युवाओं एवं महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने तथा निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 61.89 करोड़ रुपये की लागत से सजावटी मछली पालन की एक पायलट योजना शुरू की है। पशु पालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभाग ने पायलट परियोजना के तहत आठ राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल का चयन किया गया है।
  • सजावटी मछली पालन कलस्टर आधारित होगा और इसके लिए प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग किया जायेगा। इस व्यवसाय को व्यापक बनाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जायेगा। पायलट योजना का मुख्य उद्देश्य कलस्टर आधार पर सजावटी मछली पालन को बढ़ावा देना, निर्यात एवं इस व्यवसाय का विस्तार करना, ग्रामीण और अद्र्धशहरी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और इसके लिए आधुनिकतम तकनीक का उपयोग करना है।
  • इस योजना में घर के पास सजावटी मछली का पालन, जीरा तैयार कर उसका विकास, अक्वेरियम का निर्माण, मार्केटिंग और व्यवसाय तथा कौशल विकास को शामिल किया गया है। इस योजना को राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड राज्यों के मत्स्य पालन विभाग के माध्यम से लागू करेगा।
  • कम से कम एक साल में इस योजना को लागू किया जायेगा। देश में सजावटी मछली का वयवसाय बहुत छोटे स्तर पर है लेकिन इसकी संभावना व्यापक है। इसका उत्पादन लागत कम है और कम समय में अधिक आमदनी होती है।
  • सजावटी मछली की मांग घरेली और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत अधिक है। देश के विभिन्न हिस्सों में 400 किस्मों की समुद्री तथा 375 किस्म की ताजे पानी की सजावटी मछली उपलब्ध हैं।

सजावटी मछली पालन:

  • सजावटी मछलियों को रखना और उसका प्रसार एक दिलचस्प गतिविधि है जो न केवल खूबसूरती का सुख देती है बल्कि वित्तीय अवसर भी उपलब्धि कराती है। विश्व भर की विभिन्न जलीय पारिस्थितिकी से करीब 600 सजावटी मछलियों की प्रजातियों की जानकारी प्राप्त है। भारत सजावटी मछलियों के मामले में 100 से ऊपर देसी प्रजातियों के साथ अत्यधिक सम्पन्न है, साथ ही विदेशी प्रजाति की मछलियाँ भी यहाँ पैदा की जाती हैं।
  • देसी और विदेशी ताजा जल प्रजातियों के बीच जिन प्रजातियों की माँग ज्यादा रहती है, व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए उनका प्रजनन और पालन किया जा सकता है। व्यावसायिक किस्मों के तौर पर प्रसिद्ध और आसानी से उत्पादन की जा सकने वाली प्रजातियाँ एग लेयर्स और लाइवबीयरर्स के अंतर्गत आ रही हैं।

लोकसभा ने मातृत्व लाभ (संशोधन) विधेयक, 2016 को पारित किया:

  • लोकसभा में 09 मार्च 2017 को महिलाओं का मातृत्व अवकाश 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह करने वाला मातृत्व अवकाश विधेयक पारित हो गया। मातृत्व अवकाश (संशोधन) विधेयक, 2016 के तहत तीन महीने से छोटे बच्चे को गोद लेने वाली महिलाओं और सरोगेसी से पैदा हुए बच्चे की मां (कमिशनिंग मदर) को भी 12 सप्ताह तक का अवकाश देने का प्रवधान है।
  • मातृत्व अवकाश विधेयक को राज्यसभा में 11 अगस्त, 2016 में पारित किया गया था। कानून बनने के बाद 10 या अधिक व्यक्तियों को नियुक्त करने वाले संस्थानों पर यह कानून लागू होगा। मातृत्व अवकाश की अवधि की शुरुआत गोद लेने वाली या सरोगेसी से पैदा हुए बच्चे की मां को बच्चा सौंपे जाने से मानी जाएगी।
  • इस विधेयक के पारित होने पर महिलाओं को मातृत्व अवकाश की अवधि समाप्त होने पर ‘घर से काम’ करने की सुविधा भी मिलेगी। साथ ही 50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों में क्रेच की सुविधा प्रदान करना अनिवार्य हो जाएगा। इतना ही नहीं, संशोधन विधेयक के कानून बनने के बाद नियोक्ताओं को महिलाओं को काम के बीच चार बार क्रेच में जाने की अनुमति देना भी अनिवार्य होगा।
  • श्रम एवं रोजगार मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने विचार के लिए रखते हुए कहा कि गर्भवती एवं शिशु के जन्म के कल्याण का विषय अत्यंत गंभीर मामला है। श्रम हालांकि समवर्ती सूची में आता है लेकिन नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार गर्भवती महिलाओं, माताओं एवं बच्चों की देखरेख, पोषण आदि के बारे में प्रतिबद्ध है।
  • उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए प्रसूति प्रसुविधा विधेयक 1961 में संशोधन किया गया है और महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसका लाभ खान, फैक्टरी, बागानों, दुकानों आदि में काम करने वाली महिलाओं को मिलेगा जहां 10 या इससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं।
  • दत्तात्रेय ने कहा कि इसमें प्रसूति लाभ को बेहतर बनाने हुए मतृत्व अवकाश की अवधि को दो बच्चों तक 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह करने का प्रस्ताव किया गया है। मंत्री ने कहा कि मध्यान भोजन में काम करने वाली एवं आशाकर्मियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के बारे में हम पहल करने जा रहे हैं।
  • देव ने कहा, “इससे निजी क्षेत्र में महिलाओं को नौकरी मिलने में अड़चन आ सकती है। इससे निपटने के दो तरीके हैं। सरकार इसके लिए संस्थानों को वित्त पोषण कर सकती है या फिर पितृत्व अवकाश को भी अनिवार्य कर सकती है।”
  • कांग्रेस सदस्य ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि दो बच्चों के जन्म के बाद मातृत्व अवकाश की अवधि कम क्यों की जा रही है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मंजूरी के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा।

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कोपरनिकस प्रोग्राम के लिए पांचवां उपग्रह प्रक्षेपित किया:

  • यूरोपीय संघ (ईयू) ने 7 मार्च 2017 को यूरोप के स्पेसपोर्ट से फ्रेंच गयाना में कोपर्निकस ऑब्जरवेशन प्रोग्राम के पांचवें उपग्रह का प्रक्षेपण किया। सेंटीनेल -2 बी उपग्रह सेंटीनेल पृथ्वी अवलोकन (ऑब्जरवेशन) उपग्रहों का एक हिस्सा है, यह उपग्रहों की एक प्रणाली है जो पृथ्वी पर नजर रखती है।
  • यह पांचवां सेंटीनेल उपग्रह पृथ्वी के इमेजिंग का समय घटाकर आधा कर देगाI और जमीन, महासागरों और जलमार्गों की छवियों का त्वरित व्यवस्थापन सुनिश्चित करेगा। अब, दुनिया के प्रतिरूप में केवल पांच दिन लगेंगे। दुनिया की छवि के निर्माण के त्वरण ने मछुआरों की गतिविधियों को सकारात्मक रूप से समुद्र में जहरीले अल्गल के खिलने की निगरानी की अनुमति देकर उन्हें इससे बचने में मदद की है।

सेंटिनेल -2 बी उपग्रह:

  • यह अपने जुड़वां सेन्टिनेल -2 ए से जुड़ेगा। सेन्टिनेल -2 ए पर्यावरण की पहलों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए हाई रेजोल्यूशन, रंगीन और अवरक्त छवियों को लेने हेतु वर्ष 2015 में कक्षा में स्थापित किया गया था।
  • ये दोनों उपग्रह ग्रह के विपरीत पक्षों पर पृथ्वी से 488 मील (786 किमी) की कक्षा में प्रवेश करेंगे।
  • साथ में, वे हर पांच दिनों में पृथ्वी की सभी भूमि सतहों, बड़े द्वीपों, अंतर्देशीय और तटीय जलमार्गों को कवर करेंगे।
  • ये दोनों पहले से उपलब्ध छवियों को और अधिक नवीकृत रूप में भेजेंगे।
  • यह झीलों और तटीय जल के प्रदूषण को ट्रैक करने में मदद करेगा, भूमि परिवर्तनों की निगरानी करेगा और बाढ़, ज्वालामुखी विस्फोट और भूस्खलन के बारे में जानकारी प्रदान करके आपदा के मानचित्रों का निर्माण करने में मदद करेगा।

कोपर्निकस ऑब्जरवेशन प्रोग्राम:

    कोपर्निकस परियोजना को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) द्वारा आज तक के सबसे महत्वाकांक्षी धरती अवलोकन कार्यक्रम के रूप में वर्णित किया गया है। यूरोपीय संघ और ईएसए ने 2020 तक 9 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक का वित्त पोषण किया है। कार्यक्रम का उद्देश्य यूरोपीय संघ के समुदायों के जीवन को सुधारने के उद्देश्य से निकट-वास्तविक-समय के वैश्विक वातावरण डेटा प्रदान करना है।

पर्यावरण मंत्री ने सीआरजेड मंजूरी के लिए वेबपोर्टल का शुभारंभ किया:

  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अनिल माधव ने 08 मार्च 2017 को तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) के लिये मंजूरी पाने के लिए वेब पोर्टल का शुभारम्भ किया। मंत्री महोदय ने पोर्टल के शुभारम्भ को ‘कारोबार करने में सुगमता’ का अच्छा उदाहरण बताया।
  • यह पोर्टल परियोजना प्रस्तावकों के लिए ‘तटीय विनियमन क्षेत्र’ के अंतर्गत मंत्रालय से आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने के लिए वेब आधारित प्रणाली है।
  • इस प्रणाली से परियोजना प्रस्तावकों और राज्य तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (एससीजेडएमए) तथा नगरपालिका/नगर नियोजन एजेंसियों जैसे संबंधित राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों के निकायों को अपने प्रस्तावों की स्थिति जानने में मदद मिलेगी। पर्यावरण और वन मंजूरी प्रदान करने की मौजूदा प्रणाली के समान ही यह प्रणाली वेब आधरित है।
  • यह पोर्टल उपयोगकर्ता के लिए काफी सुविधाजनक है, जिससे एक ही खिड़की के जरिए सीआरजेड मंजूरी के लिए आवेदन जमा कराने में और मंजूरी से संबंधित त्वरित जानकारी पाने मदद मिलेगी। इस पोर्टल में भविष्य के सभी संदर्भों के लिए प्रत्येक प्रस्ताव को अलग पहचान दी गई है।
  • यह इंटरनेट सुविधा के साथ किसी भी कम्प्यूटर पर उपलब्ध है। वेबपोर्टल के उद्देश्यों में दक्षता बढ़ाना, सीआरजेड मंजूरी की प्रक्रिया में पारदर्शीता और जिम्मेदारी लाना, सीआरजेड मंजूरी प्रस्तावों की स्थिति के बारे में सही समय पर जानकारी उपलब्ध करवाने के जरिए जवाबदेही बढ़ाना, कारोबार करने में सुगमता लाना और सूचनाओं तथा सेवाओं तक नागरिकों की सुविधाजनक पहुंच बढ़ाना, केन्द्र और राज्य स्तर पर विधियों और प्रक्रियाओं को मानकीकृत करना शामिल है।
  • इसके अलावा ज्वार-भाटे के बारे में अधिसूचना, सीआरजेड-1 के अंतर्गत आने वाले पारिस्थितिकीय रूप से संवेदी क्षेत्र, खतरे की रेखा जैसी कई अन्य पहलों पर कार्य चल रहा है। इन सब कदमों का उद्देश्य पक्षपात कम करना और सभी स्तरों पर जवाबदेही बढ़ाना है।

दूसरी बार पंजाब के सीएम बने कैप्टन अमरिंदर सिंह:

  • कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 16 मार्च 2017 को पंजाब राजभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। पंजाब के राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर ने उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।
  • अमरिंदर सिंह ने पंजाब के 16 वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। शपथ ग्रहण समारोह के बाद अमरिंदर सिंह दोपहर बाद पंजाब सचिवालय में जाकर औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री का पद ग्रहण करेंगे।

मंत्रिामंडल ने सीमा पर हाट स्थापित करने के लिये बांग्लादेश के साथ संशोधित समझौते को मंजूरी दी:

  • केंद्रीय मंत्रिामंडल ने सीमा पर हाट स्थापित करने के लिये भारत और बांग्लादेश के बीच संशोधित सहमति पत्र को 15 मार्च 2017 को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिामंडल ने भारत और बांग्लादेश के बीच भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा हाट स्थापित करने के लिये संशोधित सहमति पत्र तथा परिचालन के तौर-तरीको पर अपनी मंजूरी दे दी।
  • सीमा हाट का मकसद स्थानीय बाजारों के जरिये स्थानीय उत्पादों के विपणन की परंपरागत प्रणाली को बढ़ावा देकर दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतरी में मदद करना है।
  • इन उपायों से समाज के सीमांत तबके की आर्थिक स्थिति में सुधार में मदद मिलेगी। फिलहाल चार सीमा हाट परिचालन में हैं। इसमें दो-दो मेघालय और त्रिापुरा में हैं।

कैबिनेट ने एनएच-2 हांडिया और वाराणसी सेक्‍शन के लिए 2,147.33 करोड़ रुपए के प्रोजेक्‍ट को मंजूरी दी:

  • केंद्र सरकार ने 15 मार्च 2017 को एनएच-2 हांडिया और वाराणसी सेक्‍शन के लिए 2,147.33 करोड़ रुपए के प्रोजेक्‍ट को मंजूरी दी है। यह हाइवे 73 किलोमीटर का होगा। उत्तर प्रदेश में इस राष्‍ट्रीय राजमार्ग के हांडिया-वाराणसी खंड को छह लेन का बनाने की मंजूरी प्राप्त हुई है।
  • परियोजना का मुख्‍य उद्देश्‍य उत्‍तरप्रदेश में आधारभूत संरचना सुधार में तेजी लाने के साथ-साथ हांडिया-वाराणसी के बीच चलने वाले भारी यातायात के समय और यात्रा की लागत में कमी लाना भी है। राष्‍ट्रीय राजमार्ग-2 खंड इलाहाबाद-हांडिया-वाराणसी और उत्‍तरप्रदेश के दक्षिणी पूर्वी भाग के अन्‍य शहरों को आपस में जोड़ता है।
  • परियोजना गतिविधियों के लिए इससे स्‍थानीय मजदूरों को अधिक रोजगार उपलब्‍ध होंगे और उत्‍तरप्रदेश के इलाहाबाद, प्रतापगढ़, डॉ. अंबेडकर नगर, मिर्जापुर और वाराणसी जिले लाभांवित होंगे।

एन बिरन सिंह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली:

  • मणिपुर में बीजेपी अपनी सरकार बनाने जा रही है। मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दिया है। 15 मार्च 2017 को एन बीरेन सिंह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। मणिपुर में एन बीरेन सिंह को सोमवार को सर्वसम्मति से बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया था। उन्होंने राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला से मुलाकात कर राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
  • 60 सीटों वाली मणिपुर विधानसभा में बहुमत के लिए 31 सीटें चाहिए। बीजेपी के पास कुल 21 सीटें है। पार्टी के पास नगा पीपुल्स पार्टी के 4 विधायाक का समर्थन हासिल है। इसके अलावा नेशनल पीपुल्स पार्टी के 4 विधायकों ने भी बीजेपी समर्थन देने का एेलान किया है। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी, टीएमसी के 1-1 विधायकों ने भी पार्टी के साथ जुड़ने का फैसला किया है। कांग्रेस के 1 विधायक भी बीजेपी में शामिल हुए हैं।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कृषि विज्ञान प्रोत्साहन पुरस्कार (2016):

  • वर्ष 2016 के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कृषि विज्ञान प्रोत्साहन पुरस्कार, कृषि उन्नति मेले- 2017 के उदघाटन समारोह में दिनांक 15 मार्च 2017 को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली में दिये जाएंगे।
  • वर्ष 2016, अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्मशताब्दी वर्ष है। भारत सरकार द्वारा इस अवसर पर एक पुरस्कार “पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कृषि विज्ञान प्रोत्साहन पुरस्कार” की स्थापना की गई है।
  • पुरस्कार की कुल धनराशि रु 50.00 लाख है जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर रु 25.00 लाख का एक पुरस्कार एवं क्षेत्रीय स्तर के रु 2.25 लाख के 11 पुरस्कार प्रतिवर्ष दिये जाने का प्रावधान है। इस पुरस्कार के विजेताओं का निर्णय देश भर के समस्त कृषि विज्ञान केन्द्रों से प्राप्त नामांकनों के आधार पर चयन समिति द्वारा किया गया है।

कृषि उन्नति मेला-2017

  • भारतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान (आईएआरआई) 1972 से हर साल कृषि विज्ञान मेले का आयोजन कर किसानों और उपभोक्‍ताओं के बीच कृषि अनुसंधान और नवीनतम प्रौद्योगिकी के विकास की प्रगति को प्रदर्शित करता है।
  • यह एक अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण आयोजन है जहां कृ‍षक समुदाय से फीडबैक लिया जाता है। यह फीडबैक संस्‍थान को भविष्‍य की अनुसंधान रणनीति तय करने में मदद करता है। देश के हजारों किसान और आगंतुक प्रतिवर्ष इस मेले में भाग लेते हैं।
  • इस वर्ष कृषि उन्‍नति मेला-2017 का आयोजन 15 से 17 मार्च तक नई दिल्‍ली के आईएआरआई परिसर में किया जा रहा है। आईसीएआर तथा कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय इसे संयुक्‍त रूप से आयोजित कर रहे हैं।
  • मेले का उद्घाटन 15 मार्च, 2017 को केन्‍द्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री राधा मोहन सिंह द्वारा किया जायेगा। इस मेले में बड़ी संख्‍या में किसानों तथा अन्‍य आगंतुकों के भाग लेने की उम्‍मीद है।

व्यवसायिक, सुरक्षा तथा स्‍वास्‍थ्‍य पर ‘इंटरनेशनल विजन जीरो कांफ्रेंस’:

  • विजन जीरो और व्‍यावसायिक सुरक्षा तथा स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति इंटरनेशनल कांफ्रेंस का आयोजन 15 से 17 मार्च, 2017 को नई दिल्‍ली में किया जा रहा है। इसका आयोजन कारखाना सलाह सेवा और श्रम संस्‍थान महानिदेशालय (डीजीएफएएसएलआई), भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय और जर्मनी के जर्मन सोशल एक्‍सीडेंट इंश्‍योरेंस (डीजीयूवी) द्वारा इंटरनेशनल सोशल सिक्‍यूरिटी एसोसिएशन-मैन्‍यूफैक्‍चरिंग, कंस्‍ट्रक्शन तथा माइनिंग के सहयोग से किया जा रहा है।
  • ‘विजन जीरो’ की अवधारणा को अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍वीकृति प्रदान है। भारत सरकार को उम्‍मीद है कि देश में व्‍यावसायिक सुरक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य मानकों को बढ़ाने के लिए इससे स्‍वास्‍थ्‍य की स्थिति में सुधार हो सकेगा। इस कांफ्रेंस में विभिन्‍न प्रकार के उद्योगों से संबंधित लोगों के भाग लेने की उम्‍मीद है।
  • इस सम्‍मेलन में राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर सर्वोत्तम अभ्‍यासों के जरिये लोगों को अपने अनुभव साझा करने का मौका दिया जायेगा। दूसरी तरफ अंतर्राष्‍ट्रीय समुदाय को भारत में व्‍यावसायिक सुरक्षा तथा स्‍वास्‍थ्‍य के स्‍तर को मूल्‍यांकित करने का मौका मि‍लेगा।
  • यह कांफ्रेंस ज्ञान, अभ्‍यास तथा अनुभव का आदान-प्रदान करके कार्य के दौरान सुरक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करेगी। व्‍यावसायिक सुरक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र के विशेषज्ञ संबंधों और आपसी हितों को मजबूत बनाने के लिए एक मजबूत नेटवर्क का निर्माण करते हैं। इस कांफ्रेंस में 1200 से अधिक राष्‍ट्रीय तथा अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्‍मीद है, जिसमें विनिर्माण, खनन तथा निर्माण क्षेत्र से संबंधित और स्‍वास्‍थ्‍य पेशेवर शामिल हैं।

शत्रु संपत्ति संशोधन बिल पास किया गया:

  • शत्रु संपत्तियों पर उत्तराधिकार के दावों पर स्थायी तौर पर लगाम लगने का रास्ता साफ हो गया है। संसद ने लंबे समय से लंबित शत्रु संपत्ति कानून संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। राज्यसभा में यह विधेयक पहले ही पास हो चुका है और लोकसभा ने 14 मार्च 2017 को ध्वनिमत से इसे पारित कर दिया। संसद में लंबित रहने के दौरान विधेयक की वैधानिकता को बनाए रखने के लिए सरकार को पांच बार अध्यादेश जारी करना पड़ा था।
  • विधेयक पास होने के बाद राजा महमूदाबाद समेत लगभग एक लाख करोड़ रुपये की शत्रु संपत्तियों पर उत्तराधिकार की दावेदारी खत्म हो जाएगी। लोकसभा में विधेयक पर विपक्ष की आशंकाओं का जवाब देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संशोधित कानून से शत्रु संपत्ति का उपयोग कर रहे किरायेदारों पर कोई असर नहीं होगा। उनका अधिकार किरायेदार कानून के तहत सुरक्षित रहेगा।
  • 49 साल पुराने शत्रु संपत्ति अधिनियम 1968 के संशोधन विधेयक, 2016 के तहत वो संपत्ति आती है जिसका रखरखाव या जिसके मालिक या फिर प्रबंधन कोई दुश्मन देश, दुश्मन देश का नागरिक या फिर दुश्मन देश की कंपनी करती हो। केंद्र सरकार ने अब कानूनन ऐसे किसी भी दुश्मन (अमूमन पाकिस्तान और चीन) संपत्ति से उस देश के नागरिकों के उत्तराधिकार के दावों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है।
  • भारत में ऐसे विवादास्पद संपत्ति के हालात भारत-पाक युद्ध (1965) के बाद बने थे। इसीलिए इस अधिनियम को पहली बार 1968 में लागू किया गया था। जो ऐसी संपत्तियों को कानूनी दायरे में रखता था।

ब्रिटेन संसद ने ब्रेक्जिट बिल के लिए अंतिम स्वीकृति प्रदान की:

  • यूनाइटेड किंगडम में, हाउस ऑफ लॉर्ड्स ने ब्रेक्जिट बिल पारित कर दिया है, जिससे सरकार को अनुच्छेद 50 का उपयोग करने का आसान रास्ता मिल गया है जिससे कि ब्रिटेन ईयू छोड़ सके। इस विधेयक को रॉयल स्वीकृति प्राप्त होने और इसके कानून बनने की उम्मीद है।
  • दरअसल ब्रेक्जिट पर आखिरी फैसले से पहले ब्रिटिश संसद में हाउस आफ लार्ड्स में जो संशोधन बिल में शामिल किए गए हैं। उस पर लोअर हाउस में ब्रिटिश सांसद चर्चा करेंगे। संसद की मंजूरी के बाद बिल को रानी एलिजाबेथ के पास अंतिम मंज़ूरी के लिए भेजा जाएगा। रानी एलिज़ाबेथ की मंज़ूरी मिलते ही ये बिल कानून बन जाएगा।
  • माना जा रहा है कि सांसद बिल में दो संशोधन करने के लार्ड्स के सुझावों को स्वीकार नहीं करेंगे। इनमें से एक संशोधन ब्रिटेन में ईयू के नागरिकों को अधिकारों की गारंटी देने का प्रस्ताव है। जबकि दूसरे संशोधन में ईयू के साथ किसी भी डील पर संसद की मंज़ूरी अनिवार्य करने का प्रस्ताव है।

असम में मनाया जाएगा नमामि ब्रम्हपुत्र नदी महोत्सव:

  • पूर्वोत्तर के लिये वरदान और अपने विशाल तट क्षेत्र से असम सहित आसपास अन्य राज्यों को समृद्ध करती ब्रह्मपुत्र नदी के बीचोंबीच स्थित तकरीबन सात लाख वर्ग मीटर के सुंदर द्वीप पर आगामी 31 मार्च से लेकर चार अप्रैल तक पांच दिवसीय नमामि ब्रह्मपुत्र महोत्सव मनाया जाएगा।
  • यह महोत्सव वहां 21 जनपदों में मनाया जा रहा है। वह असम सरकार द्वारा नमामि ब्रम्हपुत्र प्रोजेक्ट के लिये कार्यकारी सदस्य भी नामित किए गये हैं। इस महोत्सव स्थल पर आने-जाने के लिये चार पुलों (ब्रिज) कोवहां से जोड़ा गया है और इसके अलावा रिवर टैक्सी, नौका व अन्य जल परिवहन साधनों के जरिये लोगों के वहां पहुंचने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा रेलवे मंत्रालय से भी असम सरकार से स्पेशल ट्रेनें चलवाने की गुहार लगाई है।

भारत ने ब्रह्मोस सुपर सॉनिक क्रूज़ मिसाइल का सफल परीक्षण किया:

  • भारत ने 11 मार्च 2017 को पहले से भी अधिक दूरी तक मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल छोड़ी। इसे ओडिसा के तट के पास चांदीपुर समन्वित परीक्षण क्षेत्र के लांच पैड-3 से छोड़ा गया। मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था में भारत के प्रवेश के बाद पहले से अधिक दूरी तक मार करने के लिए मिसाइल की क्षमता बढ़ाई गई है।
  • नई ब्रह्मोस मिसाइल दो सौ 90 किलोमीटर के बजाय साढ़े चार सौ किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है। आज के परीक्षण का उद्देश्‍य शस्‍त्र प्रणाली को और बेहतर बनाना है। इसमें अत्‍याधुनिक सॉफ्टवेयर को शामिल किया गया है। इस मिसाइल में ऐसी क्षमताएं हैं जिनके जरिए कई ठिकानों में से किसी एक खास ठिकाने पर निशाना साधा जा सकता है।
  • ब्रह्मोस मिसाइल को भूमि, हवाई क्षेत्र, समुद्र और सागर के नीचे के इलाकों से छोड़ा जा सकता है।

लोकसभा ने एडमिरेल्टी विधेयक, 2016 पारित किया:

  • लोकसभा द्वारा कल एडमिरेल्‍टी (न्‍याय क्षेत्र एवं सामुद्रिक दावों के निपटान) विधेयक, 2016 पारित किया गया। इस विधेयक का उद्देश्‍य अदालतों के एडमिरेल्‍टी न्‍याय क्षेत्र, सामुद्रिक दावों की एडमिरेल्‍टी प्रक्रियाओं, पोतों की गिरफ्तारी एवं संबंधित मुद्दों से जुड़े वर्तमान कानूनों को मजबूत बनाने के लिए एक कानूनी संरचना की स्‍थापना करना है।
  • इस विधेयक का उद्देश्‍य वैसे पुराने कानूनों का विस्‍थापन करना भी है जो कारगर प्रशासन की राह में बाधा उत्‍पन्‍न कर रहे हैं। यह विधेयक भारत के तटीय राज्‍यों में स्थित उच्‍च न्‍यायालयों को एडमिरेल्‍टी न्‍याय क्षेत्र प्रदान करता है और यह क्षेत्राधिकार प्रादेशिक जलों तक फैला है। इस विधेयक को संसद के शीत सत्र के दौरान पेश किया गया था।

11वां पूर्वोत्‍तर व्‍यवसाय सम्‍मेलन नई दिल्‍ली में प्रारंभ:

  • 11वां पूर्वोत्‍तर व्‍यवसाय सम्‍मेलन (एनईबीएस) 09 मार्च 2017 से नई दिल्‍ली में प्रारंभ हो रहा है। यह दो दिवसीय समारोह निवेश आकर्षित करने, पूर्वोत्‍तर क्षेत्र (एनईआर) की ताकतों और व्‍यवसाय अवसरों को रेखांकित करने की एक पहल है, जो पूर्वोत्‍तर क्षेत्र प्रस्‍तुत करता है।
  • केन्‍द्रीय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री जितेन्‍द्र सिंह 09 मार्च को सम्‍मेलन को संबोधित करेंगे। 11वें एनईबीएस का उद्देश्‍य पूर्वोत्‍तर क्षेत्र की ताकतों, संभावनाओं एवं पहलों को प्रदर्शित करना, क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना और स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल, अवसंरचना एवं सम्‍पर्क, कृषि एवं बागवानी, खाद्य प्रसंस्‍करण, सेवा क्षेत्र एवं ऊर्जा जैसे कार्यनीतिक क्षेत्रों पर विचार विमर्श करना है, जिससे कि इन क्षेत्रों में निवेश एवं व्‍यवसाय अवसरों और पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में व्‍यवसाय करने की सरलता को रेखांकित किया जा सके और प्रमुख मुद्दों का समाधान किया जा सके।
  • इसका एक लक्ष्‍य सम्‍मेलन के दौरान दुनिया भर के निवेशकों के सामने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र की अब तक दोहन न की गई व्‍यवसाय क्षमता को प्रदर्शित करना भी है। सम्‍मेलन के दौरान पूर्वोत्‍तर क्षेत्र को एक आदर्श व्‍यवसाय गन्‍तव्‍य के रूप में बढ़ावा देने के लिए नियामकीय संरचनाओं एवं प्रोत्‍साहनों, पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में व्‍यापार एवं वाणिज्‍य के लिए प्रमुख संभावित क्षेत्रों को रेखांकित करने वाले केंद्रित सत्र भी होंगे।
  • अवसंरचना एवं सम्‍पर्क, आईटी एवं आईटीईएस, कृषि एवं बागवानी, खाद्य प्रसंस्‍करण, सेवा क्षेत्र एवं ऊर्जा पर क्षेत्रवार पैनल परिचर्चाएं भी सम्‍मेलन के दौरान आयोजित की जाएंगी।

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