समसामयिकी अक्टूबर : CURRENT AFFAIRS OCTOBER :25-29

Bookmark and Share




भारत और अमेरिका के बीच वाशिंगटन डीसी में 11वीं व्यापार नीति मंच की बैठक आयोजित हुयी:

  • 11वीं व्यापार नीति मंच (टीपीएफ) की बैठक 26 अक्टूबर, 2017 को वाशिंगटन डीसी में आयोजित की गयी। केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने इस बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि भारत ने एच-1बी और एल1 वीजा का मुद्दा अमेरिका के सामने ‘बहुत मजबूती से’ उठाया है।
  • उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका को समझाया है कि पाबंदियों से उसकी अर्थव्यवस्था के लिए भी मुश्किल हो सकती है क्योंकि उसे भारतीय आईटी पेशेवरों से बड़ा फायदा हुआ है।
  • गौरतलब है कि अमेरिकी नागरिकों को रोजगार में कथित भेदभाव से बचाने के लिए ट्रंप प्रशासन ने एच-1 बी और एल1 वीजा जारी करने के नियम अधिक सख्त कर दिए हैं। इस बैठक में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर भी शामिल थे।
  • वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार में विविधता लाने और बढ़ते हुए व्यापार घाटे के मुद्दों पर भी ध्यान देने पर सहमति जताई। प्रभु ने अमेरिका से आम और अनार के निर्यात की प्रक्रियाओं को भी आसान बनाने की मांग की है। वाणिज्य मंत्री ने अमेरिकी कंपनियों से भारत में मेक इन इंडिया नीति का लाभ उठाने के लिए भारत में विनिर्माण इकाइयां लगाने की अपील की।

नई आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) प्रणाली भूकंप की भविष्यवाणी कर सकती है: रिपोर्ट

  • वैज्ञानिकों ने भूकंप की भविष्यवाणी करने वाली आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) प्रणाली विकसित की है। इसकी मदद से प्राकृतिक आपदा से निपटने की तैयारी में मदद मिल सकती है और लोगों की जान भी बचाई जा सकती है।
  • वैज्ञानिकों ने भूकंप संबंधी गुप्त संकेत का पता लगाया। उन्होंने इसकी मदद से भूंकप की भविष्यवाणी करने वाले मशीन का निर्माण किया। ब्रिटेन के कैंब्रिज यूनिवर्सिटी और अमेरिका के बोस्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने भूकंपों के बीच होने वाली परस्पर क्रिया, आगे आने वाले भूकंप और फाल्ट्स का अध्ययन किया।
  • इसके लिए प्रयोगशाला आधारित प्रणाली का इस्तेमाल किया जो भूकंप का नकल था। इसके बाद फाल्ट्स से आने वाले ध्वनि संकेतों का विश्लेषण करने के लिए मशीन का इस्तेमाल किया। मशीन एक खास तरह की आवाज का पता लगाने में सक्षम है जो भूकंप से काफी पहले सुनाई देती है। ध्वनि पैटर्न के जरिये फाल्ट पर पड़ने वाले दबाव का सटीक आकलन किया जा सकता है और समय से पहले भूकंप की जानकारी मिल सकती है।
  • कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के कोलिन हम्फ्रेज ने कहा कि भूकंप की भविष्यवाणी के लिए ध्वनि के डाटा के विश्लेषण में पहली बार मशीन का इस्तेमाल किया गया। जियोफिजिकल रिव्यू लेटर्स पत्रिका में इस शोध को प्रकाशित किया गया है।

पहला गुवाहाटी अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (जीआईएफएफ) शुरू हुआ:

  • पहली बार गुवाहाटी में अगले 28 अक्टूबर से 2 नवंबर तक प्रथम गुवाहाटी अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (जीआईएफएफ) का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने इस महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया।
  • इस महोत्सव में विश्व के 35 देशों के कुल 75 फिल्मों को श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में तीन स्क्रीनों पर और ज्योति चित्रवन (फिल्म स्टूडियो) सोसायटी के एक स्क्रीन पर छह दिवसीय समारोह के दौरान प्रतिदिन सुबह के 10 बजे से प्रदर्शित किया जाएगा।
  • ऑस्कर जीतने वाली ईरानी फिल्म ‘द सेल्समैन’ की स्क्रीनिंग फिल्म समारोह के उद्घाटन के दौरान होगी। जीआईएफएफ, ज्योति चित्रवन (फिल्म स्टूडियो) सोसाइटी द्वारा राज्य सरकार के सहयोग के साथ डॉ भूपेन हजारिका रीजनल गवर्नमेंट फिल्म एंड इंस्टिट्यूट के साथ मिलकर आयोजित किया जा रहा है।

14वां सार्क विधि सम्मेलन (सार्क लॉ कांफ्रेंस) कोलंबो में शुरू:

  • 14वीं साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल कोऑपरेशन इन लॉ (SAARCLAW) कांफ्रेंस का 11वें सार्क के मुख्य न्यायाधीशों के सम्मेलन के साथ ही कोलंबो में 27 अक्टूबर 2017 को उद्घाटन किया गया।
  • यह सम्मेलन कानूनी पेशेवरों के लिए एक मंच प्रदान करता है जिसमें वे पारस्परिक हितों के मुद्दों और दक्षिण एशियाई देशों में उभरती हुयी कानूनी प्रवृत्तियों (ट्रेंड्स) पर पर चर्चा करते हैं।
  • इस सम्मेलन में कानूनी क्षेत्र में अपने जीवन भर के योगदान के लिए भारत के अटॉर्नी जनरल के. के. वानुगोपाल को सम्मानित किया गया। इस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में कानून विशेषज्ञ हेमंत बत्रा द्वारा लिखित एक विश्वकोश (एन्साइक्लोपीडिया) जिसमें प्रमुख संधियों, चार्टर और सार्क क्षेत्र के कानूनी दस्तावेज़ शामिल हैं, का अनावरण भी किया गया।

बुरुंडी अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय को छोड़ने वाला पहला देश बना:

  • 27 अक्टूबर 2017 को बुरुंडी 15 साल पहले स्थापित किये गए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय को छोड़ने वाला पहला राष्ट्र बन गया। सरकार ने शुक्रवार को एक “ऐतिहासिक” दिन बताया है।
  • यह कदम बुरुंडी की राजधानी बूजंबुरा के आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र को सूचित करने के एक वर्ष बाद आया है। एक वर्ष पहले उसने संयुक्त राष्ट्र को या सूचित किया था कि वह दुनिया का एकमात्र स्थायी युद्ध अपराध न्यायाधिकरण छोड़ रहा है।
  • अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय: अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय एक स्थायी न्यायाधिकरण है जिसमें जन-संहार, मानवता के खिलाफ अपराध, युद्ध अपराधों और आक्रमण का अपराध (हालांकि वर्तमान में यह आक्रमण के अपराध पर अपने न्यायाधिकार क्षेत्र का प्रयोग नहीं कर सकता है) के लिए अपराधियों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाता है।
  • यह अदालत 1 जुलाई 2002 को अस्तित्व में आई – वह तिथि जब इसकी स्थापना संधि, अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की रोम संविधि को लागू किया गया, और यह केवल उस तिथि या उसके बाद के दिनों में किए गए अपराधों पर मुकदमा चला सकती है। अदालत की आधिकारिक बैठक द हेग, नीदरलैंड, में होती है, लेकिन इसकी कार्यवाही कहीं भी हो सकती है।

कर्नाटक कैबिनेट ने ट्रांसजेंडर नीति को मंजूरी दी:

  • कर्नाटक कैबिनेट ने ट्रांसजेंडर के लिए राज्य की नीति, 2017 को 27 अक्टूबर को मंजूरी दे दी। इसका लक्ष्य इस समुदाय को मुख्यधारा में लाना और शोषण से इनकी रक्षा करना है।
  • उच्चतम न्यायालय के एक आदेश के अनुपालन में इस नीति का मसौदा तैयार किया गया था। इस समुदाय के लोगों को असुरक्षा, भेदभाव, अपमान का सामना करना पड़ता है, ऐसे में इस नीति का लक्ष्य उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाना और इन्हें एक सुरक्षित जीवन प्रदान करना है।
  • इस नीति में जोगप्पा, जिजरा, महिला से पुरुष, पुरुष से महिला, इंटर-सेक्स, कोथी, जोगतास, शिवशक्ति और अरावनी सहित ट्रांसजेंडरों के विभिन्न वर्गों का उल्लेख किया गया है।

जावेद अख्तर को हृदयनाथ मंगेशकर पुरस्कार दिया गया:

  • मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर को हृदयनाथ मंगेशकार पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अख्तर को 26 अक्टूबर 2017 को यह पुरस्कार मिला। यह कार्यक्रम हृदयेश ऑर्ट्स की 28वीं जयंती और प्रख्यात संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर की 80वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था।
  • हृदयनाथ मंगेशकर पुरस्कार की स्थापना वर्ष 2011 में मुंबई के सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन हृदयेश आर्ट द्वारा वर्ष 2011 में की गयी थी। विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त उन व्यक्तियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है जिन्होंने उस क्षेत्र विशेष में उल्लेखनीय योगदान किया हो। इस पुरस्कार के तहत 2 लाख रुपये नकद एवं एक स्मृति चिन्ह प्रदान किया जाता है।

तीसरे ग्लोबल इंवेस्टर्स इंडिया फोरम का आयोजन नयी दिल्ली में हुआ:

  • विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर.के. सिंह ने नयी दिल्ली में 26 अक्टूबर 2017 को तीसरे ग्लोबल इंवेस्टर्स इंडिया फोरम को संबोधित किया। इस समारोह का थीम था विचार, नवाचार, और भारत में लागू और निवेश करना। इसमें विश्व उद्योग जगत की बड़ी हस्तियों ने भाग लिया।
  • समारोह को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि भारत में भविष्य की बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए आशा की जाती है कि प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत अंधाधुंध गति से बढ़ेगी और अगले 5 से 7 वर्षों में तिगुनी हो जाएगी।
  • विद्युत मंत्री ने उद्योग जगत के सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार बिजली क्षेत्र में निवेश करने में सभी संभव सहायता देगी और सभी बाधाओं को दूर करेगी।
  • उन्होंने कहा कि बिजली भारत में आर्थिक विकास का भविष्य है और यह विकास उद्योग जगत की भागीदारी के बिना नहीं हो सकता। सिंह ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने का आमंत्रण दिया। समारोह का आयोजन एसौचेम द्वारा किया गया।

जेएनपीटी को तटीय बर्थ विकसित करने के लिए 25 करोड़ रुपये दिए गए:

  • नौवहन मंत्रालय ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अपने प्रमुख कार्यक्रम सागरमाला के अंतर्गत आने वाली तटीय बर्थ योजना के तहत जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट को अनुदान के रूप में 25 करोड़ रुपये और कर्वार पोर्ट के लिए कर्नाटक सरकार को 50 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है।
  • तटीय बर्थ योजना का लक्ष्य पोर्ट या राज्य सरकारों को समुद्र या राष्ट्रीय जलमार्ग द्वारा कार्गो और यात्रियों की आवाजाही के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

भारत ने यूरोपीय संघ, अमेरिका, चीन और कोरिया सहित कई अन्य देशों से आयातित इस्पात उत्पादों पर एंटी डंपिंग शुल्क लगाया:

  • भारत ने यूरोपीय संघ, और चीन तथा कोरिया समेत कई अन्य देशों के चुनिंदा इस्पात उत्पादों पर एंटी डंपिंग शुल्क लगा दिया है। घरेलू उद्योग को सस्ते आयात से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
  • डंपिंगरोधी एवं संबद्ध शुल्क महानिदेशालय के सुझााव के बाद राजस्व विभाग ने ये शुल्क लगाने का फैसला किया। विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ताजा डंपिंगरोधी शुल्क 4.58 प्रतिशत से 57.39 प्रतिशत है। ये शुल्क अगले 3 साल यानि 10 दिसंबर 2020 तक प्रभावी होंगे। ये शुल्क चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, थाइलैंड, अमेरिका और यूरोपीय संघ के इस्पात उत्पादों पर लगाये गये हैं।
  • इससे पहले, इसी महीने सरकार ने चीन से इस्पात की छड़ों के आयात पर पांच वर्ष के लिए डंपिंगरोधी शुल्क लगाया था।
  • पिछले कुछ समय से घरेलू स्तर पर स्टील के उत्पादन में तेजी से बढ़ोतरी हुई है साथ में घरेलू स्टील कंपनियों ने स्टील उत्पादों का उत्पादन भी बढ़ाया है, लेकिन विदेशों से आने वाले सस्ते स्टील उत्पादों की वजह से घरेलू स्टील कंपनियों को घाटा हो रहा था, ऐसे में सरकार ने अब विदेशों से आने वाले सस्ते स्टील उत्पादों पर डंपिंगरोधी शुल्क लगा दिया है ताकि घरेलू स्टील उद्योग को फायदा हो सके।

केंद्र ने सीवेज संयंत्रों के लिए नियमों को आसान किया:

  • केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने आगामी सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी) के लिए मानकों को सुदृढ़ किया है, जिसमें गंगा के अत्यधिक प्रदूषित हिस्सों पर बनने वाले संयत्र भी शामिल हैं।
  • वर्ष 2015 में सरकार ने नदी की सफाई के लिये 20,000 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था, ताकि सीवेज़ उपचार संयंत्रों के लिये बनाए गए उच्च मानकों का पालन किया जा सके। इन मापदंडों के तहत सरकार को यह सुनिश्चित करना था कि उपचारित जल में जैवरासायनिक ऑक्सीजन की मांग (biochemical oxygen demand -Bod) 10 mg/litre से अधिक नहीं है, जबकि मौजूदा कानून में जैव-रासायनिक मांग की न्यूनतम सीमा 30 mg/litre निर्धारित की गई है।
  • हालाँकि इस माह केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा एक अधिसूचना जारी कर इस 10 mg/litre के लक्ष्य से किनारा कर लिया गया है। मंत्रालय का कहना है कि जून 2019 के बाद बनने वाले मलजल उपचार संयंत्रों को 30 mg/litre जैवरासायनिक ऑक्सीजन मांग को ही प्रमाणित करना होगा, परन्तु बड़े राज्यों की राजधानियाँ और महानगर इस दायरे से बाहर होंगे।
  • ये प्रस्तावित मलजल उपचार संयंत्र हरिद्वार, कानपुर और इलाहबाद के नदी तटीय के सीवेज़ का उपचार करेंगे। दरअसल, राज्यों की राजधानियों में लगाए जाने वाले नए सीवेज़ ट्रीटमेंट प्लांट्स के लिये जैवरासायनिक ऑक्सीजन मांग की सीमा 20 mg/litre निर्धारित की गई है।

नई दिल्ली में उपभोक्ता संरक्षण पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

  • देश में पहली बार 24 देशों का उपभोक्ता संरक्षण सम्मेलन नयी दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 अक्टूबर 2017 को किया।
  • दो दिवसीय इस सम्मेलन में पूर्वी, दक्षिणी और दक्षिण पूर्वी देशों के उपभोक्ता संरक्षण से संबंधित मंत्री और प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इनमें जापान, चीन, बंगलादेश, नेपाल, श्रीलंका, मालदीव, मंगोलिया, कम्बोडिया, इंडोनेशिया, म्यांमार, वियतनाम, हांगकांग, मंगोलिया आदि देश शामिल हैं। सम्मेलन में पाकिस्तान और उत्तर कोरिया को आमंत्रित नहीं किया गया है।
  • इस आयोजन को अंकटाड (व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है जिसका विषय ‘नये बाजारों में उपभोक्ताओं का सशक्तिकरण’ है। यह आयोजन नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में शुरू होगा। सम्मेलन का उद्देश्य उपभोक्ता संरक्षण के संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र के दिशानिर्देशों को लागू करने के संबंध में की गई पहलकदमियों को साझा करना है।

शी जिनपिंग दूसरी बार बने चीन के राष्ट्रपति:

  • चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को एक बार फिर से चीन का राष्ट्रपति चुन लिया गया है। लगातार दूसरे कार्यकाल के साथ ही जिनपिंग चीन से सबसे शक्तिशाली नेताओं में शुमार हो गए हैं। इसके साथ ही चीन ने अपनी पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए शी जिनपिंग का उत्तराधिकारी घोषित किए बिना अपनी नई वरिष्ठ नेतृत्व समिति की घोषणा कर दी है।
  • इससे अगले पांच सालों के लिए चीन में शी जिनपिंग की स्थिति और मजबूत हुई है। साथ ही सात सदस्यीय पोलित ब्यूरो स्थाई समिति के पांच नए सदस्य चुन लिए गए हैं। ये चीन की सबसे शक्तिशाली कमेटी है। सदस्यों की घोषणा बीजिंग के ग्रेट हॉल में हुई थी। सात सदस्यों में 64 वर्षीय शी जिनपिंग के अलावा 62 वर्षीय प्रीमियर ली केकियांग ही ऐसे सदस्य हैं जो आगे भी बने रहेंगे।
  • नए सदस्यों में 62 साल के वाइस प्रीमियर वांग यांग को चीन का एग्जिक्यूटिव वाइस-प्रीमियर नियुक्त किया गया है। वह गुवांग्तोंग प्रांत के पूर्व पार्टी सचिव भी रहे हैं।
  • शंघाई में पार्टी सचिव रहे 63 साल के हां जंग को चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कांफ्रेंस का नेतृत्व दिया गया है। इनके अलावा कमेटी में 60 वर्षिय ज़ाओ लेजि पार्टी की एंटी-करप्शन बॉडी का नेतृत्व करेंगे। 67 साल के ली जंशु और 62 साल के वान्ग हनिंग को भी नियु​क्त किया गया है।

भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए केंद्र ने 9 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की:

  • केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था को गति देने और ‘न्यू इंडिया’ की नींव रखने के लिए 9 लाख करोड़ रुपये का पैकेज देने का फैसला किया है। इसके तहत साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये की ‘भारतमाला परियोजना’ शुरु कर देश में अभूतपूर्व स्तर पर हाइवे और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जाएगा।
  • वहीं फंसे कर्ज के संकट से बैंकों को उबारने के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये की पूंजी उपलब्ध करायी जाएगी। माना जा रहा है कि इन उपायों से न सिर्फ विकास की रफ्तार तेज होगी बल्कि बड़े स्तर पर रोजगार सृजन भी होगा। सरकार ने यह घोषणा ऐसे समय की है जब देश की विकास दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में घटकर तीन साल के न्यूनतम स्तर 5.7 पर आ गयी है।
  • इस पैकेज में सबसे प्रमुख ऐतिहासिक सड़क निर्माण कार्यक्रम है जिस पर अगले पांच साल में भारी भरकम 6.92 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस कार्यक्रम के तहत देश में 83,677 किलोमीटर सड़क का जाल बिछेगा। इससे 14.2 करोड़ मानव श्रम दिवस रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
  • इस ऐतिहासिक सड़क निर्माण कार्यक्रम की धुरी मोदी सरकार की नई परियोजना ‘भारतमाला’ होगी जिसके तहत 34,800 किलोमीटर सड़क बनेगी जबकि 5.35 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके तहत ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे, आर्थिक कॉरीडोर और सीमावर्ती सड़कें बनाई जाएंगी। साथ पूर्वोत्तर के क्षेत्रों को भी सड़कों से जोड़ा जाएगा।

भारत और एडीबी के बीच पश्चिम बंगाल में वित्तीय सुधारों के लिए 300 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर:

  • भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने पश्चिम बंगाल में वित्तीय सुधारों के लिए 300 मिलियन डॉलर के एक ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि राज्य में सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।
  • दूसरे पश्चिम बंगाल विकास वित्त कार्यक्रम का उद्देश्य अनुत्पादक व्यय को कम करके और राजस्व संग्रह में बढ़ोत्तरी के माध्यम से सार्वजनिक निवेश को बढ़ाना है। कार्यक्रम के पहले चरण में 400 मिलियन डॉलर का व्यय हुआ था।
  • समझौता पत्र पर पश्चिम बंगाल की ओर से वित्त विभाग के सचिव परवेज़ अहमद सिद्दकी ने किए जबकि एडीबी की ओर से भारत के लिए एडीबी के निदेशक केनी केची योकोयामा ने हस्ताक्षर किए।
  • यह कार्यक्रम राज्य में सार्वजनिक निवेश के साथ-साथ निजी क्षेत्र के निवेश को भी प्रोत्साहित करेगा। इससे जरूरी ढांचागत सुविधाएं और सहयोग प्रदान किया जाएगा। सार्वजनिक और निजी साझेदारी का जोर मुख्यत: स्वास्थ्य और शिक्षा में क्षेत्र में रहेगा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए पंजीकरण और लाइसेंस की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।

कपड़ा मंत्रालय एवं बिजली मंत्रालय ने एक नई पहल ‘साथी’ के लिए समझौता किया:

  • कपड़ा मंत्रालय एवं बिजली मंत्रालय ने एक नई पहल ‘साथी’ (लघु उद्योगों की सहायता के लिए प्रभावी कपड़ा प्रौद्योगिकियों का टिकाऊ एवं त्‍वरित अंगीकरण) के लिए हाथ मिलाया है। इस पहल के अंतर्गत, बिजली मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की एक कंपनी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएस) थोक में ऊर्जा दक्ष बिजली से चलने वाले करघे (पावरलूम), मोटर एवं रेपियर किट की खरीद करेगी एवं उन्‍हें बिना किसी अग्रिम लागत के लघु एवं मझोली इकाइयों को उपलब्‍ध कराएगी।
  • सरकार की ‘साथी’ पहल का कार्यान्‍वयन अखिल भारतीय आधार पर संयुक्‍त रूप से ईईएसएल एवं कपड़ा आयुक्‍त कार्यालय द्वारा किया जाएगा। कार्यान्‍वयन आरंभ करने के लिए इरोड, सूरत, इच्‍छलकरंजी आदि जैसे प्रमुख क्‍लस्‍टरों में क्‍लस्‍टर वार प्रदर्शन परियोजनाओं एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
  • इन दक्ष उपकरणों का उपयोग इकाई के स्‍वामी के लिए ऊर्जा एवं लागत की बचत के रूप में सामने आएगा और वह 4 से 5 वर्ष की अवधि के दौरान ईईएसएल को किस्‍तों में इसका पुनर्भुगतान कर देगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*