समसामयिकी नवम्बर :CURRENT AFFAIRS NOVEMBER :1-7

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बेनामी संपत्ति लेन देन(निषेध) अधिनियम लागू
बेनामी संपत्ति लेन देन(निषेध ) अधिनियम 2016 जिसे कला धन को वापस लेन के लिए बनाया गया था को 1 नवम्बर को संसद में पास कर दिया गया |
इस अधिनियम के मुख्य बिंदु

  • यह नया कानून बेनामी लेनदेन अधिनियम 1988 में संसोधन करता है |
  • यह कानून इस तरह के लेनदेन में शामिल लोगों को 7 साल के कारावास तथा जुर्माने का प्रावधान करता है |
  • इस संसोधन का उद्देश्य क़ानूनी तथा विधि के तरीके को मज़बूत बनाना है |
  • इस अधिनियम के अन्तर्गत एक अपीलीय तंत्र का प्रावधान किया गया है जो एक निर्णायक प्राधिकरण तथा अपीलीय न्यायाधिकरण के रूप में कार्य करेगा |
  • सरकार के अनुसार चार प्राधिकारी जो जाँच पड़ताल का काम करेंगे व नवाचार अधिकारी , अनुमोदन प्राधिकरण प्रशासक तथा निर्णायक प्राधिकारी होंगे |

  • बेनामी लेनदेन

    बेनामी लेन देन ऐसी लेनदेन है जिस पर मालिकाना अधिकार एक व्यक्ति के द्वारा जबकि संपत्ति की राशि का भुगतान किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जाता है |इसी लिए एक बेनामी लेनदेन में उस व्यक्ति का नाम जिसने पैसे का भुगतान किया है उसका उल्लेख्य नही होता है | प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से बेनामी लेनदेन का लाभ धन दाता को प्राप्त होता है |
    बेनामी लेनदेन क्या नही है ?

  • ऐसी संपत्ति जो परिवार के पति पत्नी या बच्चे के अन्तर्गत आते है तथा जिसकी राशि का भुगतान ज्ञात श्रोत के माध्यम से होता है |
  • एक ऐसी संयुक्त संपत्ति जो भाई बहन या अन्य रिश्तेदारों के नाम पर हो तथा उस उस राशि का भुगतान ज्ञात श्रोत से हो रहा है |
  • न्यायिक रूप में सक्षम व्यक्ति द्वारा लिया गया संपत्ति जिसमे ट्रस्टी व लाभार्थी दोनों शामिल हो |

  • बेनामी लेनदेन के अन्तर्गत

    किसी भी तरह की संपत्ति चल ,अचल ,मूर्त,अमूर्त ,कोई ब्याज या क़ानूनी दस्तावेज़ यहाँ तक की सोने या वित्तीय प्रतिभूतियों को भी बेनामी घोषित किया जा सकता है |
    यह लोगों को कैसे प्रभावित करता है

  • यह कालेधन पर अंकुश लगाता है |
  • बेहिसाब आय रखने वाले लोगों के लिए आगे का समय कठिन होगा | जहाँ तक आम जनता का सवाल है उनके लेनदेन क़ानूनी रूप से वैध है तो वह पूर्ण रूप से सुरक्षित है |
  • रूस का भारत को फ़ास्ट रिएक्टर अनुसन्धान परियोजना में शामिल होने का निमंत्रण
    रूस ने भारत को नाभिकीय रिएक्टर को विकसित करने में तथा फ़ास्ट रिएक्टर अनुसन्धान परियोजना में भागीदारी लेने के लिए आमंत्रित किया है |
    परियोजना के बारे में —

  • बहुउद्देशीय फ़ास्ट रिएक्टर अनुसन्धान परियोजना जिसे MBIR के नाम से भी जाना जाता है वह उल्यानोव्स्क क्षेत्र के दिमिट्रोयार्ड में स्थित अंतर्राष्ट्रीय अनुसन्धान केंद्र में अवस्थित है |
  • इस कार्यक्रम का उद्देश्य नाभिकीय ऊर्जा के लिए एक नया तकनिकी प्लेटफॉर्म का निर्माण करना है जो फ़ास्ट न्यूट्रॉन रिएक्टर के साथ बंद ईंधन चक्र पर निर्भर होगा |
  • बंद ईंधन चक्र जो नाभिकीय कचड़े का पुनर्चक्रण नए ईंधन के रूप में करता है |MBIR परियोजना के मामले में यह मुख्य रूप से सोडियम कूल्ड जनरेशन के अनुसन्धान पर महत्व देता है | इसका प्रयोग नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र के प्रयोग में उन्नत फ़ास्ट न्यूट्रॉन रिएक्टर का डिज़ाइन करने में होगा |
  • MBIR के डिज़ाइन में तीन स्वतंत्र लूप शामिल है जिसका प्रयोग गैस , लेड , मोल्टेन नमक ,जैसे विभिन्न शीतलको के परिक्षण के लिए किया जाएगा | और इसीलिए यह विभिन्न क्षेत्र के पदार्थ परिक्षण अनुसन्धान को सम्पादित करने में सक्षम होगा |
  • फ़ास्ट न्यूट्रॉन रिएक्टर क्या है ?

  • एक फ़ास्ट न्यूट्रॉन रिएक्टर जिसे सामान्य रूप में फ़ास्ट रिएक्टर के रूप में भी जाना जाता है ,जिसमे नाभिकीय संलयन चक्र फ़ास्ट न्यूट्रॉन के द्वारा सम्पादित होता है |इस तरह के रिएक्टर को किसी प्रकार की न्यूट्रॉन मॉडरेटर की आवश्यकता नही पड़ती |
  • फ़ास्ट न्यूट्रॉन रिएक्टर का महत्व
    इस रिएक्टर से बड़े पारिस्थितिकी समस्या के पुनर्परिचालन तथा संचित रेडियो एक्टिव कचड़े को निस्तारित किया जा सकेगा |साथ ही साथ समाज के आवश्यक ऊर्जा की आपूर्ति भी हो सकेगी | इस रिएक्टर से 5 प्रमुख समस्याएं – सुरक्षा , प्रतिस्पर्धा ,ईंधन की कमी ,पुनर्परिचालन तथा इस्तेमाल नाभिकीय ऊर्जा का पुनर्निर्माण का समाधान हो सकेगा |साथ ही साथ नाभिकीय हथियार से सम्बंधित तकनीकों पर रोक लग सकेगा |

    10वां भारत-नेपाल संयुक्त अभ्यास सूर्य किरण शुरू

  • भारत-नेपाल संयुक्त सैन्य अभ्यास सूर्य किरण-X नेपाल के आर्मी बैटल स्कूल, सलझांडी में शुरू हो गया है।
  • दोनों देशों के बीच इस तरह के अभ्यासस की यह तीसरी श्रृंखला है। यह अभ्याकस 31 अक्टू्बर से लेकर 13 नवंबर, 2016 तक किया जाएगा।
  • सूर्य किरण अभ्यास हर वर्ष किया जाता है तथा एक साल यह अभ्यास नेपाल में और दूसरे साल भारत में किया जाता है। भारत कई देशों के साथ सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास करता है लेकिन नेपाल के साथ सूर्य किरण अभ्यास श्रृंखला में भारत से सबसे अधिक सेना की भागीदारी होती है।
  • इस अभ्याभस का उद्देश्या पहाड़ी इलाके में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए बटालियन स्त र पर संयुक्तस प्रशिक्षण देना है। इस अभ्या स में आपदा प्रबंधन के पहलुओं को भी शामिल किया गया है।

    संयुक्त बटालियन स्तर के अभ्यास से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और संबंध बढेंगे। दोनों राष्ट्रों के सैनिकों के लिए अपने अनुभव साझा करने और आपसी हित के लिए यह आदर्श मंच है। इस अभ्याोस से दोनों राष्ट्रों की पारंपरिक मैत्री और प्रगाढ होगी।

    रियल एस्टेट नियम अधिसूचित

  • आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय ने आज रियल एस्टेट (नियमन और विकास) (सामान्य) नियम, 2016 को अधिसूचित कर दिया है।
  • इसके अनुसार रियल एस्टेट विकासक को खरीदारों के हित और इन्हें पूर्ण सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में चल रही परियोजनाओं के संबंध में अतिरिक्त जानकारी देने के साथ-साथ इस्तेमाल न किए गए धन के 70 प्रतिशत को एक अलग बैंक खाते में रखना होगा।
  • आज ये नियम पांच संघशासित प्रदेशो अंडमान और निकोबार दीपसमूह, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, लक्ष्यद्वीप और चंड़ीगढ़ में लागू होंगे।
  • राज्यों में कारोबार संबंधी सुधारों के क्रियान्वयन का आकलन

  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) ने विश्वै बैंक समूह के साथ मिलकर राज्यों में कारोबार संबंधी सुधारों के क्रियान्वएयन के आकलन 2015-16 के निष्क‍र्ष जारी कर दिये हैं।
  • इस आकलन के तहत यह अध्ययन किया गया है कि किन-किन राज्यों ने डीआईपीपी की राज्य /केन्द्र शासित प्रदेश संबंधी 340 सूत्री कारोबारी सुधार कार्य योजना (बीआरएपी) 2015-16 को किस हद तक लागू किया है।
  • इसके तहत 01 जुलाई, 2015 से लेकर 30 जून, 2016 तक की अवधि को कवर किया गया है। बीआरएपी में किसी विशिष्ट व्यवसाय के जीवन चक्र से जुड़े 10 सुधार क्षेत्रों से वास्ता रखने वाली 58 नियामकीय प्रक्रियाओं, नीतियों, प्रथाओं और प्रक्रियाओं के अंतर्गत सुधारों के लिए सिफारिशें शामिल हैं।
  • इस आकलन के लिए आंकड़े राज्ये सरकारों से बीआरएपी पोर्टल पर इकट्ठे किये गये। विश्वं में अपनी तरह के इस पहले पोर्टल से राज्य सरकारों को क्रियान्वित सुधारों के साक्ष्य पेश करने में मदद मिली। कम से कम 32 राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों की सरकारों ने 7124 सुधारों के क्रियान्वदयन के साक्ष्य पेश किये। इन आंकड़ों की समीक्षा विश्वि बैंक की टीम ने की और इनकी पुष्टि डीआईपीपी की टीम ने की।
  • आकलन के निष्कर्षों से यह पता चलता है कि राज्यों ने अपने यहां कारोबार में और ज्यादा आसानी सुनिश्चित करने की दिशा में निश्चित तौर पर आवश्यक कदम उठाये हैं। राष्ट्रीय क्रियान्वायन औसत 48.93 प्रतिशत आंका गया है, जो पिछले साल के 32 प्रतिशत के राष्ट्रींय औसत से काफी अधिक है। इससे यह पता चलता है कि राज्यों ने इस वर्ष इस दिशा में काफी प्रगति की है।
  • केरल खुले में शौच से मुक्त घोषित—

  • स्वच्छ भारत अभियान (एसबीएम) (ग्रामीण) के अंतर्गत केरल को अब तक तीसरा और सबसे बड़ा खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) राज्य घोषित किया गया है।
  • इसके साथ ही केरल के सभी 14 जिलों, 152 ब्लॉकों, 940 ग्राम पंचायतों और 2117 पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया गया है।
  • खुले में शौच से मुक्ति विशेष रूप से बच्चों में जल जनित बीमारियों से बचाव से जुड़े स्वास्थ्य लाभ और महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षा और सम्मान प्रदान करती है।
  • सिक्किम (6 लाख) और हिमाचल प्रदेश (70 लाख) के बाद करीब 3.5 करोड़ की ग्रामीण आबादी के साथ खुले में शौच से मुक्ति का दर्जा प्राप्त करने वाला केरल सबसे बड़ा राज्य है।
  • केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के नए अध्यक्ष
    श्री सुशील चंद्रा, आईआरएस (1980 बैच) ने आज केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाल लिया है। उन्होंने सुश्री रानी ए. नायर का स्थान लिया जो कल सेवानिवृत्त हो चुकी हैं।

    अंतर्राष्ट्रीय कृषि जैव विविधता कांग्रेस 2016

  • पहला अंतर्राष्ट्रीय कृषि जैव विविधता कांग्रेस 2016 का उद्घाटन दिल्ली में 6 नवम्बर को प्रधानमंत्री मोदी जी के द्वारा किया गया |इस सम्मलेन को इंडियन सोसाइटी ऑफ़ प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज एंड बायोडायवर्सिटी इंटरनेशनल के द्वारा किया गया |
  • इस कांग्रेस में 60 देशों से लगभग 900 प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस अंतर्राष्‍ट्रीय कांग्रेस में कृषि जैवविविधता प्रबंधन और आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण में प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति की भूमिका के बारे बेहतर समझ विकसित करने से संबंधित चर्चा की जायेगी।
  • विश्‍व की बढ़ती आबादी की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में कृषि जैवविविधता के संरक्षण से टिकाऊपन बनाए रखने पर इस अंतर्राष्‍ट्रीय कृषि जैवविविधता कांग्रेस में प्रकाश डाला जायेगा।
  • एएमसीडीआरआर 2016 में नई दिल्ली घोषणा, एशियाई क्षेत्रीय योजना को अपनाया गया—

    सेंडाइ प्रारूप के कार्यान्वयन के लिए ‘नई दिल्ली घोषणा’ और ‘एशियाई क्षेत्रीय योजना’ को अंगीकार करने के साथ ही आपदा जोखिम न्यूनीकरण (एएमसीडीआरआर) 2016 के लिए एशियाई मंत्रिस्तरीय सम्मेलन का समापन हो गया।एसएफडीआरआर के कार्यान्वयन में एक ‘साझा जिम्मेदारी’ दृष्टिकोण के प्रति हितधारक समूहों की स्वैच्छिक कार्रवाई पर भी विचार व्‍यक्‍त किए गए। सुनामी के बारे में जागरूकता के प्रचार-प्रसार के लिए पहली बार विश्व सुनामी जागरूकता दिवस भी मनाया गया।
    अगले एएमसीडीआरआर 2018 का आयोजन मंगोलिया में किया जाएगा।

    नई दिल्ली घोषणा–

  • ‘नई दिल्ली घोषणा’- समुदायों, राष्‍ट्रों और एशियाई क्षेत्रों के लचीलेपन को मजबूत बनाने और जोखिम को कम करने की दिशा में सरकारों के भाग लेने की प्रतिबद्धता पर एक राजनीतिक वक्‍तव्‍य है।
  • यह समुदायों की क्षमता बढ़ाने और लचीलापन को प्राप्त करने की दिशा में सभी हितधारक समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर देता है।

  • एशियाई क्षेत्रीय योजना–

  • सेंडाइ प्रारूप के कार्यान्वयन के लिए एशियाई क्षेत्रीय योजना, राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर आपदा जोखिम को कैसे कम किया जाए, इस पर ध्‍यान केंद्रित करती है।
  • सेंडाइ प्रारूप में सहयोग और समन्‍वय की 15 वर्षीय लंबी अवधि के साथ ही विशिष्ट कार्रवाई की गतिविधियों सहित आपदा जोखिम को कम करने के लिए एक दो वर्षीय कार्य योजना भी शामिल है।
  • संयुक्त अग्रिम प्रौद्योगिकी केन्द्र Joint Advanced Technology Centre’ (JATC)

  • रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन(डीआरडीओ) ने 04 नवम्बर,2016 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में आयोजित एक समारोह में संयुक्त अग्रिम प्रौद्योगिकी केन्द्र(जेएटीसी) की स्थापना के लिए संस्थान के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • केंद्रीय रक्षा अनुसंधान और विकास सचिव और डीआरडीओ के प्रमुख डॉ. एस. क्रिस्टोफर ने आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. वी. रामगोपाल राव के साथ इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
  • इस केन्द्र की स्थापना से निर्देशित,मूल और व्यवहारिक अनुसंधान को बल मिलेगा और प्रतिष्ठित अनुसंधान संगठन के साथ बहु-संस्थागत गठबंधन द्वारा सहयोग किया जाएगा।
  • समझौता ज्ञापन के अनुसार डीआरडीओ जेएटीसी को अग्रिम और विशिष्ठ अनुसंधान सुविधाओं से लैस करने में सहयोग प्रदान करेगा जिससे शिक्षक और छात्र अग्रिम अनुसंधान कर सकें और जेएटीसी को श्रेष्ठ केंद्र के रूप में परिवर्तित किया जा सके। डीआरडीओ के वैज्ञानिक और अभियंता शैक्षणिक अनुसंधान करने वाले शिक्षक और छात्रों के साथ वैज्ञानिक समस्याओं का समाधान नवाचार रूप से प्राप्त करने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करेंगे |
  • पेट्रोटेक 2016

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय तेल एवम गैस सम्मलेन पेट्रोटेक 2016 का उद्घाटन करेंगे |पेट्रोटेक एशिया का सबसे बड़ा तेल इवेंट है |
  • इस वर्ष का विषय हैं ‘हाइड्रोकार्बन भविष्य का ईंधन – विकल्प और चुनौतियाँ है’ |
  • यह पेट्रोटेक सम्मलेन का 12 वाँ संस्करण है |
  • प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) का शुभारंभ
    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्यामण मंत्री श्री जे पी नड्डा ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) का शुभारंभ करते हुए कहा कि इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत हर महीने 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं को सुनिश्चिेत, व्याएपक एवं उच्च गुणवत्ताएपूर्ण प्रसव पूर्व देखभाल मुहैया कराई जाएगी।
    उद्देश्य
    प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) का उद्देश्य सुरक्षित गर्भावस्था और सुरक्षित प्रसव के जरिए मातृ एवं नवजात शिशु मृत्यु दरों को कम करना है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के जरिए देश भर में लगभग 3 करोड़ गर्भवती महिलाओं को विशेष मुफ्त प्रसव पूर्व देखभाल मुहैया कराई जाएगी, ताकि उच्च जोखिम वाले गर्भधारण का पता लगाने के साथ-साथ इसकी रोकथाम की जा सके।

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