समसामयिकी जनवरी : CURRENT AFFAIRS JANUARY :16-31 Part II

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इस्तेमाल किये गए कीटनाशकों के अत्यधिक समीप रहने से मधुमेह का खतरा:

    तमिलनाडु की मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में पाया है कि ओर्गानोफॉस्फेट कीटनाशकों के लगातार समीप रहने से मधुमेह होने का अत्यधिक खतरा होता है और मनुष्यों और चूहों दोनों में ग्लूकोस की सहनशीलता बिगड़ जाती है।

  • शोधकर्ताओं ने पाया है कि ओर्गानोफॉस्फेट प्रेरित मधुमेह की बीमारी गट बैक्टीरिया (पेट और आंत में पाए जाने वाले बैक्टीरिया) के द्वारा संचारित होती है। ये निष्कर्ष जर्नल जीनोम बायोलॉजी में प्रकाशित किए गए थे।
  • विश्वविद्यालय के आसपास के गांवों में लगभग 3,000 लोगों के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि जो व्यक्ति कीटनाशकों के लगातार समीप रहते हैं उनमे बाकियों की अपेक्षा बीमार होने का खतरा तीन गुना अधिक है।
  • चार ओर्गानोफॉस्फेट कीटनाशकों के सीरम विश्लेषण में कीटनाशक के स्तर और एचबीए1सी के बीच सीधे संबंध का पता चला है। यह ज्ञात हुआ है कि कीटनाशक अवशेषों में हर इकाई वृद्धि के साथ ही एचबीए1सी के स्तर में एक इकाई की वृद्धि हुई थी। यह जानकारी आण्विक जीवविज्ञान विभाग, मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी के डॉ गणेशन वेलमुरुगन ने दी।

मधुमेह:

  • मधुमेह की बीमारी एक खतरनाक रोग है। यह बीमारी में हमारे शरीर में अग्नाशय द्वारा इंसुलिन का स्त्राव कम हो जाने के कारण होती है। रक्त ग्लूकोज स्तर बढ़ जाता है, साथ ही इन मरीजों में रक्त कोलेस्ट्रॉल, वसा के अवयव भी असामान्य हो जाते हैं। धमनियों में बदलाव होते हैं। इन मरीजों में आँखों, गुर्दों, स्नायु, मस्तिष्क, हृदय के क्षतिग्रस्त होने से इनके गंभीर, जटिल, घातक रोग का खतरा बढ़ जाता है।
  • मधुमेह होने पर शरीर को भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने में कठिनाई होती है। पेट फिर भी भोजन को ग्लूकोज में बदलता रहता है। ग्लूकोज रक्त धारा में जाता है।

पृष्ठभूमि

    डब्ल्यूएचओ की 7 अप्रैल, 2016 की रिपोर्ट के अनुसार, मधुमेह से 2012 में पूरी दुनिया में 15 लाख लोगों की मौत हुई थी। 2014 में 42.2 करोड़ लोग मधुमेह से पीड़ित थे। यह आंकड़ा पूरी दुनिया की वयस्क आबादी का लगभग 8.5 प्रतिशत था। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, विश्व में 2030 तक विभिन्न रोगों से होने वाली मौतों में मधुमेह सातवां रोग हो सकता है। साथ ही डब्ल्यूएचओ ने दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों को इस पर नियंत्रण के लिए आगाह भी किया है।

बीसीसीआई को चलाने हेतु चार सदस्यीय समिति की नियुक्ति :

  • पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) विनोद राय चार सदस्‍यीय प्रशासकों के उस दल की अगुवाई करेंगे जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का संचालन करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने 30 जनवरी 2017 को राय के अलावा मशहूर इतिहासकार रामचंद्र गुहा, आईडीएफसी क प्रबंध निदेशक विक्रम लिमये और पूर्व महिला क्रिकेटर डायना एडुलजी को भी इसमें स्‍थान मिला है।
  • शीर्ष अदालत ने कहा कि बीसीसीआई के संयुक्‍त सचिव अमिताभ चौधरी और विक्रम लिमये फरवरी माह के प्रथम सप्‍ताह में होने वाली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की बैठक में बीसीसीआई का प्रतिनिधित्‍व करेंगे।
  • सुप्रीम कोर्ट ने 24 जनवरी को बीसीसीआई से प्रशासक के लिए नाम सुझाने को कहा था। एमिकस क्‍यूरी गोपाल सुब्रमण्‍यम और एडवोकेट अनिल दीवान द्वारा सुझाए गए 9 नामों को बहुत अधिक मानते हुए कोर्ट ने यह निर्देश दिया था।

एस्ट्रोसैट ने वैम्पायर तारे की प्रक्रिया को कैमरे में कैद किया:

  • भारत की पहली समर्पित अंतरिक्ष वेधशाला एस्ट्रोसैट ने छह अरब साल पुराने छोटे वैम्पायर तारे द्वारा एक बडे़ तारे का शिकार करने की प्रक्रिया को कैमरे में कैद किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि छोटा तारा जिसे ब्लू स्ट्रैगलर भी कहा जाता है, वह अपने साथी तारे के द्रव्यमान और उसकी उर्जा को सोख लेता है।
  • भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान में प्रोफेसर अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम ने कहा, सबसे लोकप्रिय व्याख्या यह है कि ये बाइनरी प्रणालियां हैं जिनमें एक छोटा तारा बड़े साथी तारे के द्रव्यमान को सोखकर बड़ा ब्लू स्ट्रैगलर बन जाता है और इसलिए इसे वैम्पायर तारा भी कहते हैं। उन्होंने कहा, छोटा तारा पहले से अधिक बड़ा, गर्म और नीला बन जाता है जिससे वह कम आयु का प्रतीत होता है।
  • हालांकि ऐसा नहीं है कि ऐसी घटना के बारे में पहली बार सुना गया हो लेकिन टेलीस्कोप के जरिए पूरी प्रक्रिया ऐसी जानकारी मुहैया कराएगी जो ब्लू स्टैगलर तारों के बनने के अध्ययन में वैज्ञानिकों की मदद करेगी। यह एस्ट्रोसैट पर टेलीस्कोप की क्षमताओं को रेखांकित करता है। समर्पित अंतरिक्ष वेधशाला उपग्रह एस्ट्रोसैट का प्रक्षेपण सिंतबर 2015 में किया गया था।
  • इस अध्ययन को एएआई, इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर ऑफ एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आईयूसीएए), टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और कनाडियन स्पेस एजेंसी (सीएसए) के वैज्ञानिकों के दल ने एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में हाल में प्रकाशित किया है।
  • वैज्ञानिक अब उच्च रेजोल्यूशन वाली स्पैक्ट्रोस्कोपी के जरिए ब्लू स्टैगलर की रासायनिक संरचना को समझ रहे हैं जिससे इन विशेष आकाशीय पिंडों के विकास के बारे में और जानकारी मिल पाएगी।

मिस यूनिवर्स 2017:

    फ्रांस की 24 साल की आइरिस मितेनेयर ने 65वीं मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता का ताज अपने नाम कर लिया है। हैती की राक्वेल पेलिशियर दूसरे स्थान पर रहीं। मूल रूप से पेरिस की आइरिस दंत शल्य चिकित्सा में स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं।

  • मिस यूनिवर्स बनने के बाद अब उनका लक्ष्य दांतों और मुख की स्वच्छता संबंधी जागरूकता फैलाने का है। वह नॉर्दन फ्रांस के लिली की रहने वाली हैं। भारत की रोशमिता हरिमूर्ति अंतिम 13 में भी जगह बनाने में नाकामयाब रही।
  • पूर्व मिस यूनिवर्स एवं भारतीय अभिनेत्री सुष्मिता सेन प्रतियोगिता में जज की भूमिका में थी। सुष्मिता ने वर्ष 1994 में यह खिताब जीता था। वहीं, भारतीय मूल की सिख गर्ल किरन जस्साल ने मलेशिया को रिप्रेजेंट किया था। प्रतियोगिता की अंतिम 13 प्रतिभागी केन्या, इंडोनेशिया, मैक्सिको, पेरू, पनामा, फिलिपीन, कनाडा, ब्राजील, थाईलैंड और अमेरिका से थीं।
  • मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता का 65वां संस्‍करण खास रहा क्योंकि इस बार यह फिलिपिंस के मनीला शहर में आयोजित हुआ।

सॉन्गबर्ड की नई प्रजाति पश्चिमी घाट में पायी गयी:

    पश्चिमी घाट के उच्चतम पर्वतमाला के खंडित जंगलों का रहस्य प्रकृतिवादियों को पता चला है। इन “आकाश द्वीपों” की कई महत्वपूर्ण खोज में लगे हुए शोधकर्ताओं ने दो नयी स्थानिक पीढ़ियों और सॉन्गबर्ड की एक नई प्रजाति को नामित किया है।

  • यह शोध बीएमसी इवोलूशनरी बायोलॉजी के नए अंक में प्रकाशित हुआ है। टीम ने दो नयी पीढ़ियों को नामित किया है, पश्चिमी घाट की शार्टविंग्स को शोलीकोला और लाफिंग थ्रशस को मोंटेसिनक्ला। नव वर्णित शोलीकोला अशम्बुएंइसेस अगस्त्यमलाई पर्वत श्रृंखला तक ही सीमित है।

पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में बांस और बेंत उद्योग :

  • पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में बांस और बेंत उद्योग में छिपी संभावनाओं का दोहन करने के लिए पूर्वोत्‍तर परिषद (एनईसी) और विकास आयुक्‍त (हस्‍तशिल्‍प), कपड़ा मंत्रालय ने 29 जनवरी 2017 को शिलांग में एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए।
  • समझौता ज्ञापन के अनुसार कुशल कार्मिकों, प्रौद्योगिकी संप्रेषण, विपणन और संस्‍थागत सहायता के जरिए पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में बांस और बेंत उद्योग में छिपी संभावनाओं का दोहन करने के उपाय किए जाएंगे।
  • इस अवसर पर केन्‍द्रीय कपड़ा मंत्री स्‍मृति ईरानी, मेघालय के मुख्‍यमंत्री मुकुल संगमा, केन्‍द्रीय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री डा. जितेन्‍द्र सिंह, केन्‍द्रीय गृह राज्‍यमंत्री किरेन रिजिजू, कपड़ा राज्‍यमंत्री अजय टमटा और नीति आयोग के उपाध्‍यक्ष नीति आयोग, डा अरविंद पनगढिया भी मौजूद थे।

आईएमडी की 660 जिलों में मौसम केन्द्र स्थापित करने की योजना:

  • भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कृषि गतिविधियों को ध्यान में रखते हुये देश के 660 जिलों में मौसम केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। बाद में इस योजना को ब्लॉक स्तर तक ले जाया जाएगा।
  • पहले चरण में आईएमडी ने 130 जिलों में मौसम केन्द्र स्थापित करने की योजना बनायी है। इन जिलों का पहले ही चयन कर लिया गया है। आईएमडी ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तहत कृषि विग्यान केन्द्रों का मौसम भविष्यवाणी की वेधशालाओं के रूप में इस्तेमाल करने के लिए कृषि मंत्रालय से हाथ मिलाया है। मौसम भविष्यवाणियां सप्ताह में चार दिन मंगलवार से बृहस्पतिवार के बीच जारी की जाएंगी।
  • आईएमडी के महानिदेशक के जे रमेश ने कहा, हमारे पास 130 जिलों में मौसम भविष्यवाणी तंत्र है जो पड़ोसी जिलों के लिए भविष्यवाणी करता है। अब इसे आगे बढ़ाया जाएगा और हर जिले के पास मौसम भविष्यवाणी की व्यवस्था होगी।
  • उन्होंने कहा, कृषि विज्ञान केन्द्रों में कृषि के विभिन्न क्षेत्रों पर विशेषग्यों के साथ वैग्यानिकों की अच्छी टीम है। उनमें से किसी एक को प्रभारी बनाया जाएगा। साथ ही हम एक वैज्ञानिक अधिकारी और तकनीकी सहायक के लिए वित्तीय व्यवस्था भी करेंगे। रमेश ने बताया कि बाद में इस योजना को ब्लॉक स्तर तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा, हमने 2019 तक 660 जिलों में मौसम केन्द्र स्थापित करने की योजना बनायी है। आईएमडी इस साल से राज्य आधारित मौसम भविष्यवाणी करना भी शुरू करेगा।

केंद्र ने एन.एफ.एम.एम के तहत फिल्म कंडीशन एसेस्मेंट प्रोजेक्ट आरंभ किया:

    सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय देश की फिल्मी एवं गैर फिल्मी धरोहर की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और वैश्विक मानकों के अनुरूप भावी पीढ़ी के लिए फिल्मों एवं गैर फिल्मी सामग्रियों के परिरक्षण के लिए सभी संभव कदम उठा रहा है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए ही पुणे में फिल्म कंडीशन एसेस्मेंट को लांच किया गया जो राष्ट्रीय फिल्म धरोहर मिशन, एनएफएचएम के कार्यान्वयन का पहला चरण है।

  • यह दुनिया में अपनी तरह की पहली परियोजना है जिसमें सरकार फिल्म संरक्षण के पहलू की दिशा में भारी धनराशि खर्च कर रही है जिससे कि समृद्ध फिल्मी धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए उपलब्ध कराए जा सके।
  • एनएफएआई में लगभग 1,32,000 फिल्मों के रीलों की स्थिति का आकलन किया जाएगा और इन रीलों के जीवन को विस्तारित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रथम चरण के दौरान, प्रत्येक फिल्म की रील को ट्रैक किया जाएगा और आरएफआईडी टैगिंग के द्वारा उनकी निगरानी की जाएगी।
  • एनएफएआई बड़ी संख्या में पोस्टरों, तस्वीरों, गीत पुस्तिकाओं, इश्तेहारों, प्रेस क्लिपिंग, स्लाइड ट्रांसपेरेंसी, ग्लास निगेटिव्स आदि जैसी फिल्म सहायक सामग्रियों का परिरक्षक रहा है जिन्हें इस प्रक्रिया के दौरान डिजिटाइज किया जाएगा तथा उनका पुनः स्थापन किया जाएगा।
  • एनएफएचएम देश के समृद्ध सिनेमाई धरोहर के संरक्षण, परिरक्षण, डिजिटाइजेशन एवं पुनः स्थापन के लिए भारत सरकार का एक सम्मानित मिशन है। नेशनल फिल्म आरकाइव ऑफ इंडिया (एनएफएआई) इस परियोजना के कार्यान्वयन के लिए नोडल संगठन है। परियोजना के कार्यान्वयन, जो फिल्म कंडीशन एसेस्मेंट मिशन के पहले चरण के लॉन्च के साथ आरंभ हुआ था, के लिए 597.41 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

29वां केरल विज्ञान कांग्रेस पथनमथेट्टा जिले के तिरूवला में शुरू:

  • 29वां केरल विज्ञान कांग्रेस पथनमथेट्टा जिले के तिरूवला में 28 जनवरी 2017 से शुरू हो गया है। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री पिनाराई विजियन ने किया। इस कार्यक्रम का आयोजन विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण की केरल राज्य परिषद तथा केरल वन अनुसंधान संस्थान ने मिलकर किया है।
  • ‘पारिस्थितिकी और पर्यावरण’ इस वर्ष विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय हैं।
  • कार्यक्रम में तकनीकी सत्र होंगे जिसमें वैज्ञानिकों के व्याख्यान, शोध पत्र प्रस्तुतीकरण, विशेष सत्र, स्मृति पत्र व्याख्यान, परास्नातक छात्र अंत:क्रिया कार्यक्रम और एक बच्चों की विज्ञान कांग्रेस का आयोजन होगा। बैठक में स्वास्थ्य और बीमारियों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा और राज्य में इस क्षेत्र में चुनौतियों और संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।

इंडिया फॉर्मा 2017 एवं इंडिया मेडिकल डिवाइस 2017 सम्मेलन बंगलूरू में होगा:

  • रसायन एवं उवर्रक मंत्रालय का फॉर्मास्यूटिकल्स विभाग (डीओपी), उद्योग चैंबर फिक्की के सहयोग से बंगलूरू में 11 से 13 फरवरी 2017 तक “जिम्मेदार स्वास्थ्य देखभाल” के विजन के साथ “इंडिया फॉर्मा एवं इंडिया मेडिकल डिवाइस 2017” का आयोजन कर रहा है जो फॉर्मास्यूटिकल एवं चिकित्सा उपकरण क्षेत्र पर द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन है।
  • यह अंतर्राष्ट्रीय समारोह न केवल भारतीय फॉर्मास्यूटिकल एवं चिकित्सा उपकरण क्षेत्र हेतु वैश्विक क्षमता के दोहन के लिए एक मंच उपलब्ध कराएगा बल्कि यह भारत को इस क्षेत्र के लिए एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में खुद को प्रदर्शित करने का एक अवसर उपलब्ध कराएगा एवं भारतीय विनिर्माताओं के साथ संयुक्त उद्यमों को बढ़ावा देने के द्वारा अनुसंधान एवं विकासों, नैदानिक परीक्षणों जैसे नए क्षेत्रों में विदेशी निवेश भी लाएगा। साथ ही, यह दुनिया भर से इस क्षेत्र में व्याप्त सर्वश्रेष्ठ पद्धतियों को भी देश में लाएगा।
  • यह सम्मेलन एक फॉर्मा कुंभ होगा और इसकी विशेषता अंतर्राष्ट्रीय दवा नियामकों की बैठक होगी। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में पहलों की रूपरेखा समसामयिक नीति युक्तियों, व्यवसाय करने की सरलता, सर्वश्रेष्ठ प्रचलनों को साझा करने तथा वैश्विक नियामकीय संरचना के साथ सहयोगों को बढ़ावा देने, एवं क्षेत्रवार सुधारों पर ध्यान देने पर केंद्रित की गयी है जो भारत को इस क्षेत्र में विनिर्माण एवं अनुसंधान तथा विकास में निवेशों के लिए वैश्विक आकर्षण का अग्रणी देश बना देगा।

प्रथम पूर्वोत्तर क्षेत्र निवेशक सम्मेलन शिलांग में:

  • केन्द्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी पूर्वोत्तर राज्यों के लिए आयोजित प्रथम दो दिवसीय “निवेशक शिखर सम्मेलन” का 29 जनवरी 2017 को शिलांग के राज्य कन्वेंशन केन्द्र में उद्घाटन किया। इस सम्मेलन को आयोजन भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से 29-30 जनवरी 2017 को शिलांग में किया गया।
  • इस शिखर सम्मेलन में पूर्वोत्तर के सभी राज्य, पूर्वोत्तर क्षेत्र के उद्योगों के प्रमुख और देश भर के कई प्रमुख निवेशक भाग लेंगे। इस पूर्वोत्तर क्षेत्र में वस्त्र निर्माण में अपार संभावनाएं हैं जिससे आने वाले समय में रोजगार के नये अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है।
  • इस शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय उद्यमियों, संस्थानों और राज्य सरकारों के बीच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर भी किये जायेंगे। वस्त्र मंत्री की उपस्थिति में 15 से अधिक सहमति पत्रों पर इस शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। क्रेता-विक्रेता के बीच मुलाकात और प्रदर्शिनियां भी दोनों दिन आयोजित किया जाएगा।
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र विशेष रूप से वस्त्र और हस्तशिल्प के क्षेत्र में, कुशल कार्य बल और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कच्चे माल के कारण निवेश की अपार संभावनाएं हैं। वस्त्र मंत्रालय 1050 करोड़ रूपये से अधिक की हथकरघा, हस्तशिल्प, रेशम उत्पादन, परिधान और परिधान उत्पादन, तकनीकि वस्त्र उत्पादन सहित कई परियोजनाओं में पूर्वोत्तर के 8 राज्यों में भारत सरकार की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत कार्य करते हुए लागू कर रही है।

‘इस्लामिक आतंकवाद’ से निपटने के लिए ट्रंप के आदेश:

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने देश में शरणार्थियों के आगमन को निलंबित करने और 7 मुस्लिम देशों से आने वाले नागिरकों के लिए कड़े नियम वाले नए कार्यकारी आदेश पर 27 जनवरी 2017 को हस्ताक्षर कर दिए। ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ये वादे किए थे।
  • आदेश पर हस्ताक्षर के बाद ट्रंप ने कहा कि वह ‘कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादियों’ से अमेरिका को सुरक्षित कर रहे हैं। इस आदेश के तहत 7 मुस्लिम देशों ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के नागिरकों पर वीजा पाबंदियां लगा दी गई हैं।
  • बता दें कि ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान और राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद कट्टरपंथी आतंकवादियों के खात्मे का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा था कि CIA ऐसा करने के लिए योजना बनाएगी। इस आदेश के बाद 7 मुस्लिम देशों के नागरिकों को 90 दिनों तक वीजा जारी नहीं किए जाएंगे।
  • ट्रंप के इस आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद, नए जांच नियम लागू होने तक अमेरिका में कम से कम 120 दिनों तक शरणार्थियों का आगमन और पुनर्वास निलंबित हो जाएगा।
  • नए नियम में इस बात की पुख्ता व्यवस्था करने की कोशिश की जाएगी कि जिसे शरणार्थी का दर्जा दिया गया है वे अमेरिका की सुरक्षा के लिए कोई खतरा पैदा नहीं करें। ट्रंप के आदेश के बाद सीरिया से आने वाले शरणार्थियों पर अमेरिका में प्रवेश पर अनिश्चितकालीन रोक लग गई है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मध्य अफ्रीकी गणराज्य की स्थिरता को नुकसान पहुंचाने वालों पर प्रतिबंध बढ़ाया:

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 27 जनवरी को यह प्रस्ताव पारित किया कि मध्य अफ्रीकी गणराज्य की शांति व स्थिरता को नुकसान पहुंचाने वालों पर प्रतिबंध की अवधि और एक साल बढ़ाकर 2018 की 31 जनवरी तक कर दी जाएगी।
  • इस प्रस्ताव के अनुसार विभिन्न देश लगातार जरूरी कदम उठाकर मध्य अफ्रीकी गणराज्य की शांति, स्थिरता व सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वालों और इस तरह कार्रवाहियों का समर्थक व्यक्तियों व संस्थाओं पर हथियार प्रतिबंध, यात्रा प्रतिबंध और संपत्ति फ्रीज आदि प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
  • प्रस्ताव में कहा गया है कि हथियार प्रतिबंध का उल्लंघन करना, मध्य अफ्रीकी गणराज्य में सशस्त्र संगठनों व अपराधियों को आपराधिक नेटवर्क को प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना, हिंसक हमला करना या योजना बनाना, बच्चों की अवैध भर्ती करना, प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन और तस्करी करते हुए सशस्त्र संगठनों को सहायता देना, मानवीय राहत रोकना, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल पर हमला करना आदि कार्रवाइयों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

जनरल एंटी एव्याडेंस रूल (गार) एक अप्रैल 2017 से लागू होगा:

  • सरकार ने 27 जनवरी 2017 को कहा कि जनरल एंटी एव्याडेंस रूल (गार) एक अप्रैल 2017 से लागू होगा।
  • केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सी.बी.डी.टी.) ने जारी स्पष्टीकरण में कहा कि आंकलन वर्ष 2018-19 से गार प्रभावी होगा इसलिए यह वित्त वर्ष 2017-18 से लागू होगा। उसने कहा कि आयकर नियम 1962 के नियम 10 यू और 10 यू सी के मामलों में गार लागू नहीं होगा। आयकर कानून 1961 के अध्याय एक्स ए में गार के प्रावधानों का उल्लेख है।
  • सी.बी.डी.टी. ने कहा कि हितधारकों और उद्योग संगठनों ने गार के लागू किए जाने के प्रावधानों पर स्पष्टीकरण देने का आग्रह किया था। इसके मद्देनजर एक कार्य समूह का गठन किया गया था जिसको इस संबंध में उठाए गए मुद्दों का अध्ययन करने के लिए कहा गया था। इसी को लेकर आज यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
  • सी.बी.डी.टी. ने स्पष्ट किया है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) के न्याय क्षेत्र का निर्धारण गैर कर व्यावसायिक के आधार पर किया जाएगा और इसका मुख्य उद्देश्य कर का लाभ नहीं दिया जाना है और इस मामले में गार प्रभावी नहीं होगा।

छत्तीसगढ़ के 2 जिलों में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने की घोषणा की:

  • केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने छत्तीसगढ़ के दो जिलों में कृषि विज्ञान केन्द्र खोलने की घोषणा करते हुए राज्य के चार जिलों में और मार्च तक कृषि विज्ञान केन्द्र की मंजूरी का भरोसा दिलाया है।
  • सिंह ने पांच दिवसीय राष्ट्रीय कृषि मेले का शुभारंभ करते हुए यह घोषणा की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने अध्यक्षता की। उन्होंने राज्य के मुंगेली और बेमेतरा जिलों में नये कृषि विज्ञान केन्द्र खोलने की घोषणा की।
  • उन्होंने यह भी कहा कि आगामी मार्च माह तक सूरजपुर, कोंडागांव, बालोद और सुकमा में कृषि विज्ञान केन्द्र खोलने की स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के हर जिले एक कृषि विज्ञान केन्द्र हो।
  • केन्द्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय कृषि मेले के आयोजन के लिए प्रदेश सरकार के कृषि विभाग और राज्य के किसानों को बधाई दी। सिंह ने उम्मीद जतायी कि किसान इस मेले का अधिक से अधिक लाभ उठाएंगे और खेती-किसानी के आधुनिक आधुनिक तरीकों की जानकारी प्राप्त करेंगे।

ट्रोपेक्स-17 की शुरूआत:

  • भारतीय नौसेना अपना वार्षिक ‘थिएटर रेडीनैस ऑप्रेशनल एक्सरसाइज ट्रोपेक्स’ अभ्यास कर रही है जो मौजूदा सुरक्षा हालात के मद्देनजर बेहत महत्वपूर्ण है। इस अभ्यास का उद्देश्य भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना, थल सेना और सुरक्षा गार्ड के संयुक्त बेड़े की लड़ाई की तैयारियों का परीक्षण करना है।
  • भारतीय नौसेना का वार्षिक ट्रोपेक्स अभ्यास 24 जनवरी से शुरू हुआ था। एक महीने तक चलने वाले इस अभ्यास में पश्चिमी और पूर्वी नौसेना कमानों के पोत और वायुयान भाग लेंगे इसके अलावा वायु सेना, थल सेना और भारतीय तटरक्षक अभ्यास में भाग ले रहे हैं। यह अभ्यास पश्चिमी समुद्र तट पर आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास का पिछला संस्करण जनवरी 2015 में आयोजित किया गया था।
  • इस अभ्यास में विमान वाहक पोत विक्रमादित्य, परमाणु पनडुब्बी चक्र, लैंडिंग प्लेटफार्म डॉक, जलाश्व और अभी हाल में शामिल किया गया। विध्वंसक चेन्नई, लंबी दूरी की समुद्री टोही और पनडुब्बी रोधी युद्ध विमान पी-8 आई, जो एसयू -30 एमकेआई के साथ परिचालित है।
  • जगुआर, अवाक्स, भारतीय वायु सेना फ्लाइट रिफ्यूलिंग विमान आईएल -78 विमान और भारतीय सेना की इंफेन्ट्री यूनिट भाग लेती दिखाई देंगी। यह अभ्यास विभिन्न चरणों में बंदरगाह और समुद्र में आयोजित किया जाएगा जिसमें लड़ाकू अभियानों के विभिन्न पहलू शामिल हैं।

प्रभात कुमार ने राष्ट्रीय एमएसएमई नीति पर अपनी रिपोर्ट सौंपी:

  • पूर्व कैबिनेट सचिव और राष्ट्रीय एमएसएमई नीति के लिए गठित एक सदस्यीय समिति के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने 27 जनवरी 2017 को अपनी रिपोर्ट सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री कलराज मिश्र को सौंप दी। डॉ. प्रभात कुमार की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति का गठन मंत्रालय ने 31 दिसंबर, 2015 को किया था ताकि राष्ट्रीय एमएसएमई नीति बनाई जा सके। इसके पहले अब तक देश में कोई एमएसएमई नीति नहीं थी।
  • इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री गिरीराज सिंह और मंत्रालय के अन्य आला अधिकारी भी उपस्थित थे।

बांध सुरक्षा परियोजनाओं के लिए केंद्रीय जल आयोग का आईआईटी मद्रास और आईआईएस बेंगलुरु के साथ करार:

  • बांधों की सुरक्षा को और अधिक उन्नत बनाने के लिए केंद्रीय जल आयोग ने 27 जनवरी 2017 को देश के दो प्रमुख संस्थानों आईआईटी मद्रास और भारतीय विग्यान संस्थान बेंगलूरू के साथ करार किया।
  • यह समझाौता राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास एवं भारतीय विग्यान संस्थान, बेंगलूरू के साथ किया गया है। इन करारों से आयोग को उन्नत एवं विशेष उपकरण एवं सॉफ्टवेयर की खरीद में मदद मिलेगी जो बांध पुनर्वास एवं सुधार परियोजनाओं के लिए मददगार साबित होगा।
  • जल संसाधन नदी विकास, गंगा संरक्षण मंत्रालय ने विश्व बैंक द्वारा सहायता प्राप्त बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना (डीआरआईपी) में सहायता के लिए देश के चुनिंदा शैक्षिणक एवं शोध संस्थानों का चयन किया है। इससे जांच प्रयोगशालाओं के सुदृढि़करण और उनकी विश्लेषणात्मक क्षमता में वृद्धि करने में मदद मिलेगी। इससे बांध सुरक्षा की चिंताओं से इन संस्थाओं के विशेषग्यों को मौके पर परिचित कराने का अवसर भी प्राप्त होगा।
  • बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना (डीआरआईपी) योजना के तहत उन 250 बांधों के पुनर्वासों में मदद की जा रही है। इस तरह के बांधों को पुनर्वास के लिए तकनीकी सहायता की बहुत आवश्यकता है। भारत सरकार ने तय किया है कि देश के चुनिंदा संस्थानों का बांध सुरक्षा के क्षेत्र में क्षमता संवर्धन किया जाएगा ताकि वे बांध सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण एवं सलाहकार सेवाएं उपलबध करा सकें।

ट्रंप ने दिया मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने का आदेश:

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान किए गए अपने वादों को अमली जामा पहनाते हुए मेक्सिको से लगी सीमा पर दीवार निर्माण और बिना वैध दस्तावेज के वहां रह रहे प्रवासियों के निर्वासन से संबंधित दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि एक देश बिना सीमाओं के कोई देश नहीं है।
  • गृह सुरक्षा विभाग में दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करते हुए ट्रंप ने कहा कि एक देश बिना सीमाओं के देश नहीं हो सकता। ट्रंप ने कहा कि हम हमारी दक्षिण सीमा पर संकट का सामना कर रहे हैं। मध्य अमेरिका से बड़ी संख्या में गैरकानूनी प्रवासियों का आना मेक्सिको और अमेरिका दोनों को नुकसान पहुंचा रहा है और मुझे लगता है कि आज जो हम कदम उठाना शुरू करेंगे वे दोनों देशों की सुरक्षा में सुधार करेंगे, ये मेक्सिको के लिए बहुत, बहुत अच्छा होने वाला है। उन्होंने कहा कि ये दो कार्यकारी आदेश हजारों लोगों की जिंदगी, लाखों नौकरियां और अरबों डॉलर बचाएंगे।
  • ट्रंप ने कहा कि ये दो आदेश उन प्रवासी सुधार का हिस्सा हैं जिसका जिक्र हमने अभियान के दौरान किया था। मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि हम सीमा के दोनों ओर सुरक्षा और आर्थिक अवसरों में सुधार के लिए मेक्सिको में हमारे दोस्तों के साथ साझा तौर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह मेक्सिको के लोगों के बड़े प्रशंसक हैं और वह मेक्सिको में अपने समकक्ष से मिलने को लेकर उत्सुक हैं।

डिजिटल भुगतान पर मुख्यमंत्रियों की समिति ने प्रधानमंत्री को अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की:

  • बैंकों से 50,000 रुपए और इससे अधिक नकदी निकासी पर ट्रांजैक्शन टैक्स लगाए जाने की सिफारिश करते हुए मुख्यमंत्रियों की समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपी। डिजिटल भुगतान पर गठित इस समिति की अध्यक्षता आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने की।
  • कांग्रेस नीत यूपीए गठबंधन को साल 2005 में ऐसा ही कदम उठा लेने के बाद हुए विरोध के चलते इसे वापस लेना पड़ा था। नायडू ने स्पष्ट करते हुए कहा- उस वक्त डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था और इसी कारण इस कदम का विरोध हुआ था। अब हमारे पास डिजिटल ट्रांजैक्शन और मोबाइल हैं जो इस सबको बेहद आसान बनाते हैं।
  • ज्ञात हो कि इस समिति ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए कई सिफारिशें की हैं जिनमें से एक है क्रेडिट कार्ड भुगतान पर बैंकों द्वारा लिए जाने वाले टैक्स को हटाए जाने, इनकम (आय) के तय अनुपात में डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों को कर-वापसी और स्मार्टफोन पर 1,000 रुपये की छूट दिए जाने की सिफारिशें शामिल हैं।
  • बड़े लेन-देन के मामले में नकदी के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए 50,000 रुपए से अधिक के लेनदेन पर बैंक द्वारा कर लगाया जाए। हर तरह के बड़े लेनदेन में नकदी के लेनदेन की अधिकतम सीमा तय की जाए।’ रिपोर्ट में आधार कार्ड के इस्तेमाल पर खास जोर दिया गया है और कहा गया है कि बैंकों द्वारा केवाईसी फॉर्म (KYC Form) में आधार कार्ड नंबर को प्राथमिक पहचान चिह्न बनाया जाना चाहिए और इस संबंध में मौजूदा आधार कानून का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • रिपोर्ट में डिजिटल भुगतान के मामले में भारत दुनिया में कितना पीछे है, इस बारे में भी बताया गया है। इसके मुताबिक, जहां चीन में हर 10 लाख व्यक्तियों पर डिजिटल भुगतान के लिए 16,602 जगहें हैं, मेक्सिको में 7,189, ब्राजील में 25,241 और सिंगापुर में 31,096 पे पॉइंट हैं, वहीं भारत में हर 10 लाख लोगों पर सिर्फ 1,080 डिजिटल भुगतान के केंद्र हैं।

डाकघर में पासपोर्ट बनाने की शुरुआत हुई:

  • पासपोर्ट के आवेदनों को डाकघर में ही प्रोसेस कर डिलिवरी करने का पायलट 25 जनवरी 2017 से मैसूर और दाहोद (गुजरात) में शुरू हो गया है। पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद इस योजना के तहत प्रोसेसिंग से लेकर डिलिवरी तक का सारा काम डाकघर से होगा।
  • ये पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र कहे जाएंगे। योजना के तहत पहली बार डाक विभाग को पासपोर्ट एक्ट के तहत अधिकार दिए जा रहे हैं। विदेश राज्य मंत्री वी. के. सिंह ने 24 जनवरी को इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि डाकघरों को एक्सटेंशन काउंटर की तरह इस्तेमाल किया जाएगा।
  • गौरतलब है कि देश में 38 पासपोर्ट ऑफिस के साथ 89 पासपोर्ट सेवा केंद्र काम कर रहे हैं। डाकघरों को इस मुहिम में शामिल करने से पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर बोझ घटने और पासपोर्ट बनने में समय कम लगने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के लिए पहले फेज में 38 शहरों की पहचान की गई है।
  • कई शहरों में चुनाव होने के कारण मंगलवार को इनके नामों की घोषणा नहीं की गई। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में पूरे इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ अभी उचित जगह नहीं मिल सकी है। दिल्ली में पहले से काफी फैसिलिटी उपलब्ध है, ऐसे में सरकार का जोर उन जगहों पर सुविधा उपलब्ध कराने पर है, जहां यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
  • दो-तीन महीने में पायलट प्रोजेक्ट का रेस्पांस देखकर इसका विस्तार किया जाएगा। सरकार की योजना सभी जिलों के मुख्य डाकघरों के माध्यम से यह योजना उपलब्ध कराने की है।

जापान ने सेना के लिए पहला संचार उपग्रह लांच किया:

  • सेना की क्षमता बढ़ाने के लिए जापान के रक्षा मंत्रालय ने पहला संचार उपग्रह लांच किया है। इससे सेना के तीनों अंगों (थल सेना, वायुसेना और नौसेना) के बीच सूचनाओं का सटीक आदान-प्रदान हो सकेगा। चीन के साथ समुद्री सीमाओं और द्वीपों पर अधिकार को लेकर जारी तनातनी के बीच जापान ने अपने सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है। संसद ने वर्ष 2008 में अंतरिक्ष के इस्तेमाल को लेकर प्रस्ताव पारित किया था।
  • जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जाक्सा) और मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 24 जनवरी 2017 को अत्याधुनिक एक्स बैंड पर आधारित किरामेकी-2 को एच-2ए लांच व्हिकल से सफल प्रक्षेपण किया। सेटेलाइट को कागोशिमा स्थित प्रक्षेपण केंद्र से छोड़ा गया। सशस्त्र बल सेल्फ डिफेंस फोर्सेज (एसडीएफ) के संचार नेटवर्क को उन्नत करने के मिशन के तहत रक्षा मंत्रालय का यह पहला सेटेलाइट है। दो और संचार उपग्रह प्रक्षेपित किए जाएंगे।
  • इसकी मदद से सैन्य बल सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे। हिद महासागर क्षेत्र पर विशेष नजर रखी जा सकेगी। समुद्री लुटेरों से निपटने में भी यह मददगार साबित होगा।

केंद्रीय कैबिनेट ने सीनियर सिटीजन के लिए पेंशन स्कीम को मंजूरी दी:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना 2017 को शुरु करने के लिए स्वीकृति दे दी है। इस योजना के अंतर्गत लाइफ इंश्योरेंस कार्पोरेशन (एलआईसी-LIC) 10 साल की अवधि के लिए 8 फीसदी का गारंटीशुदा रिटर्न देगी। साथ ही इसमें वार्षिक, मासिक/तिमाही/ छमाही आधार पर पेंशन विकल्प के चयन की सुविधा भी होगी।
  • यह योजना सरकार की सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय समावेशन कार्यक्रम का एक हिस्सा है। इस योजना को चालू वित्त वर्ष में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के माध्यम से लागू किया जाएगा। इस योजना का मकसद 60 वर्ष या उससे ऊपर के बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
  • वीपीबीवाई-2017 लांच की तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए सदस्यता के लिए खुली रहेगी।

कैबिनेट ने ग्रामीण आवास को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना को मंजूरी दी:

  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने देश में ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए 24 जनवरी 2017 को एक नई योजना का अनुमोदन कर दिया है। इस योजना के तहत सरकार ब्‍याज सब्सिडी उपलब्‍ध कराएगी। ब्‍याज सब्सिडी ऐसे प्रत्‍येक ग्रामीण परिवार के लिये उपलब्‍ध होगी, जो प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के दायरे में नहीं है।
  • इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नये मकान बना सकेंगे या अपने मौजूदा पक्‍के मकानों का विस्‍तार कर सकेंगे। योजना के अंतर्गत ऋण लेने वाले लाभार्थियों को दो लाख रूपये तक की ऋण राशि पर ब्‍याज-सब्सिडी दी जाएगा।
  • इस योजना से बड़ी संख्‍या में ग्रामीणजनों को लाभ होगा तथा दीर्घकालिक 24 वर्षों के लिए ऋण प्राप्‍त होगा। राष्‍ट्रीय आवास बैंक इस योजना को कार्यान्वित करेगी। सरकार, राष्‍ट्रीय आवास बैंक को 3 प्रतिशत ब्‍याज अनुदान का वर्तमान मूल्‍य सीधे प्रदान करेगी और इसके बदले, यह बैंक ब्‍याज सब्सिडी की राशि प्राथमिक ऋणदाता संस्‍थाओं (अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, गैर-बैंकिंग वित्‍तीय कंपनियों इत्‍यादि) को अंतरित करेगी। इसके परिणामस्‍वरूप, लाभा‍र्थी के लिये मासिक किश्‍त कम हो जाएगी।
  • योजना के अंतर्गत सरकार वर्तमान व्‍यवस्‍थाओं के माध्‍यम से लाभार्थियों को तकनीकी सहायता सहित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीणके साथ उचित समन्‍वय के आवश्‍यक उपाय भी करेगी। इस नई योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय इकाइयों में सुधार के साथ, ग्रामीण आवास क्षेत्रमें रोजगार सृजन भी होगा।

रबड़ उत्पादकों के लिए रबड़ मिट्टी सूचना प्रणाली (RubSIS):

    केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जनवरी 2017 नई दिल्ली में रबड़ मिट्टी सूचना प्रणाली (RubSIS) का शुभारंभ किया। रबड़ मिट्टी सूचना प्रणाली ने रबर उत्पादकों को विशिष्ट बागानों में उनकी मिट्टी की प्रकृति के आधार पर उर्वरकों के एक उपयुक्त मिश्रण को उपयोग करने की सलाह दी।
    RubSIS को तीन एजेंसियों के सहयोग से भारत के रबड़ अनुसंधान संस्थान (RRII) द्वारा विकसित किया गया। यह एजेंसिया हैं:

    • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन एंड मैनेजमेंट, केरल
    • नेशनल ब्यूरो ऑफ़ सॉइल सर्वे एंड लैंड यूज प्लानिंग ऑफ़ द इंडियन कौंसिल ऑफ़ एग्रीकल्चरल रिसर्च (आईसीएआर)
    • नेशनल रिमोट सेंसिंग सेण्टर ऑफ़ इंडियन स्पेस रीसर्च आर्गेनाइजेशन (इसरो)
    • RRII एक अनुसंधान और विकास एजेंसी है। यह रबर बोर्ड के तहत काम करता है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रांस पैसेफिक समझौते से अमेरिका को हटाया:

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 जनवरी 2017 को अपने वादे के अनुरूप अमेरिका को ट्रांस-पेसिफिक पार्टनरशिप (टीपीपी) व्यापार समझौते से औपचारिक रूप से हटा लिया। उन्होंने 12 देशों के व्यापार समझौते की वार्ता प्रक्रिया से वापसी के आदेश पर दस्तखत किए।
  • यह पहल उनके पूर्ववर्ती बराक ओबामा की बड़ी अंतरराष्ट्रीय व्यापार परियोजनाओं में से एक थी। इतना ही नहीं, सात साल की लंबी बातचीत के बाद पिछले साल 4 फरवरी को न्यूजीलैंड में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। टीपीपी के कुल 12 सदस्य हैं।
  • ट्रंप का मानना है कि यह करार अमेरिकी नौकरियों और विनिर्माण क्षेत्र के हितों के खिलाफ था। इससे पहले नए राष्ट्रपति ट्रंप ने शपथ ग्रहण करने के कुछ ही घंटों बाद ओबामाकेयर के आर्थिक बोझ को कम करने के मकसद से कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे।

भारतीय राज्यों के प्रदर्शन को मापेगा भारत नवप्रवर्तन सूचकांक:

  • विश्व आर्थिक मंच, नीति आयोग, विश्व बौद्धिक संपदा संगठन तथा कोरनेल यूनिवर्सिटी भारतीय नवप्रवर्तन सूचकांक तैयार करने के लिये साथ मिलकर काम करेंगे। यह सूचकांक भारतीय राज्यों को नवप्रवर्तन की भावना को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
  • नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि प्रतिस्पर्धा और सहकारी संघवाद भारत की प्रगति के लिये महत्वपूर्ण हैं। यह सूचकांक राज्यों को एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करने में प्रोत्साहित करेगा तथा इससे समावेशी वृद्धि के लिये बेहतर नीति तैयार हो सकेगी।
  • प्रत्येक भागीदार संगठन सूचकांक पर काम करने के लिये एक कार्यकारी समूह नामित करेगा। पहली रैकिंग नयी दिल्ली में 4-6 अक्तूबर 2017 को भारत आर्थिक शिखर सम्मेलन में जारी किये जाने की संभावना है। विश्व आर्थिक मंच में भारत और दक्षिण एशिया के प्रमुख विराज मेहता ने कहा, हम इस सूचकांक में सहयोग को लेकर उत्साहित हैं और विश्वास है कि यह भारत को नवपवर्तन वाली अर्थव्यवस्था में ले जा सकता है। हम जमीनी कारकों को चिन्हित करना चाहते हैं जो नवप्रवर्तन क्षमता को प्रभावित करता है।

सरकार ने सहकारी बैंकों को नयी कर माफी योजना प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना PMGKY के तहत जमाएं स्वीकार करने से रोक दिया:

  • सरकार ने स्पष्ट किया है कि सहकारी बैंक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत जमाराशि स्वीकार नहीं कर सकते। इससे साफ हो गया है कि आठ नवंबर को नोटबंदी के फैसले के बाद जिन लोगों ने भी 500 रुपये और 1000 रुपये के पुराने नोट सहकारी बैंकों में जमा किए होंगे, अब उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
  • वित्त मंत्रालय ने कहा कि 16 दिसंबर की अधिसूचना में बदलाव किया गया है। अब सहकारी बैंक पीएमजीकेवाई के अंतर्गत जमा स्वीकार करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। सरकार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब आयकर विभाग नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा हुए पुराने के नोट से संबंधित मामलों की छानबीन शुरू कर दी है।
  • अब तक आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सहित कई जांच एजेंसियां इस तरह के कई मामलों का पता लगा चुकी हैं। साथ ही विभाग ने नौ नवंबर से 14 नवंबर, 2016 के दौरान सहकारी बैंकों में लगभग 16,000 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा हुए था। विभाग अब इन आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है।
  • असल में सरकार ने नोटबंदी के बाद अघोषित नकदी रखने वालों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना शुरू की है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति अपनी अघोषित नकदी बैंक में जमाकर उस पर 50 प्रतिशत टैक्स दे सकता है। साथ ही उसे 25 प्रतिशत राशि बैंक में ही जमा करके रखनी होगी। हालांकि इस राशि पर सरकार उसे कोई ब्याज नहीं देगी। इस तरह टैक्स देने और निश्चित राशि जमा करने के बाद वह व्यक्ति सिर्फ 25 प्रतिशत धनराशि ही अपने खाते से निकाल सकेगा। सरकार की यह योजना 31 मार्च तक खुली है।

आयुष मंत्रालय और भारतीय विज्ञापन मानक परिषद् (एएससीआई) के बीच समझौता:

  • आयुष औषधियों के विज्ञापनों में कदाचार गतिविधियों में कमी लाने के लिए आयुष मंत्रालय ने भारतीय विज्ञापन मानक परिषद् (एएससीआई) के साथ सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी औषधियों, उपचारों और संबंधित सेवाओं के संबंध में भ्रामक विज्ञापनों के मामलों से निपटने के लिए एएससीआई प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इन विज्ञापनों की व्यापक रूप से निगरानी करेगी।
  • इस समझौता ज्ञापन पर नई दिल्ली में आयुष मंत्रालय में सचिव अजीत. एम. शरण की मौजूदगी में आयुष मंत्रालय में सलाहकार (आयुर्वेद) डॉ. डी. सी. कटोच और एएससीआई के अध्यक्ष एस.के.स्वामी ने हस्ताक्षर किए।
  • आयुष मंत्रालय द्वारा एएससीआई को स्वतः निगरानी अधिदेश दिया गया है ताकि आयुष क्षेत्र में संभावित भ्रामक विज्ञापनों को अभिनिर्धारित कर इसकी उपभोक्ता शिकायत परिषद् (सीसीसी) के माध्यम से शिकायतों पर कार्रवाई की जाए। आयुष मंत्रालय भी भ्रामक विज्ञापनों के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों को एएससीआई भेजेगा जिनकी एएससीआई नियमावली और दिशा निर्देशों का प्रयोग कर समीक्षा की जाएगी।
  • समझौता ज्ञापन में यह भी अपेक्षित है कि एएससीआई औषधि एवं चमत्कारिक उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 और इसके अंतर्गत बनाई गई नियमावली का संभावित रूप से उल्लंघन करने वाले सभी विज्ञापनों और एएससीआई की सीसीसी की सिफारिशों के अननुपालन को आयुष मंत्रालय को सूचित करेगा ताकि मंत्रालय आगे कार्रवाई कर सके।

साझा खुफिया और सहयोग पर संयुक्त अंतरराष्ट्रीय कार्यबल जेआईटीएसआईसी की बैठक पेरिस में सम्पन्न:

  • 20 जनवरी भारत और 29 देशों ने पनामा दस्तावेज की जांच से जुड़े तथ्यों पर आज चर्चा की। इसमें कर चोरी में वित्तीय संस्थानों और सलाहकारों जैसे कर मध्यस्थों की भूमिका शामिल है। साझा खुफिया और सहयोग पर संयुक्त अंतरराष्ट्रीय कार्यबल जेआईटीएसआईसी की पेरिस में दो दिवसीय बैठक में 30 देशों के राजस्व अधिकारियों ने कर संधियों और ओईसीडी के तहत कानूनी तत्वों पर आधारित अपने-अपने यहां प्रचलित बेहतर गतिविधियों और सूचना को साझा किया।
  • तीस राजस्व अधिकारियों ने पनामा दस्तावेज की जांच से प्राप्त तथ्यों को साझा किया। इसमें कर चोरी में वित्तीय संस्थानों और सलाहकारों जैसे कर मध्यस्थों की भूमिका शामिल है। इस आकार के समूह के भीतर इस सूचना का साझा करना अनूठा है और कर प्रशासन के बीच बेहतर सहयोग का आधार तय करता है।
  • लीक हुए पनामा दस्तावेज में उल्लेखनीय मात्रा में सूचना है जो 1.1 करोड़ दस्तावेज में उपलब्ध है। इस दस्तावेज में 21 देशों के 2,10,000 कंपनियां के नाम शामिल हैं। इन नामों को इंटरनेशनल कंसोर्टियम आफ इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट ने जारी किया।
  • सूची में 500 भारतीय के नाम हैं जिसमें चर्चित कारोबारी, फिल्मी हस्तियां तथा अन्य शामिल हैं। सरकार ने मामले की जांच के लिये जांच एजेंसियों को मिलाकर एक बहु-एजेंसी समूह बनाया। इसमें आयकर विभाग, रिजर्व बैंक, वित्तीय खुफिया इकाई तथा प्रवर्तन निदेशालय शामिल हैं।

भारत ने हिंद महासागर रिम संघ (आईओआरए) के सदस्‍य देशों के साथ एमएसएमई संबंधी सहयोग पर एमओयू पर हस्ताक्षर किये:

  • केंद्रीय एमएसएमई मंत्री कलराज मिश्र ने 19 जनवरी 2017 को हिंद महासागर रिम संघ (आईओआरए) के सदस्‍य देशों के बीच एमएसएमई संबंधी सहयोग पर कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि इस कार्यशाला से विशेषकर एमएसएमई क्षेत्र में व्‍यापार एवं निवेश को सुविधाजनक बनाने के क्षेत्र में सदस्‍य देशों के बीच आर्थिक रिश्‍ते मजबूत होंगे।
  • उन्‍होंने यह भी कहा कि भारत ने एमएसएमई क्षेत्र में सहयोग के लिए 18 देशों के साथ सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किए हैं। एमएसएमई मंत्रालय के अधीनस्‍थ सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम भारतीय राष्‍ट्रीय लघु उद्योग निगम ने एमएसएमई क्षेत्र में सहयोग के लिए कई देशों के अपने समकक्ष संगठनों के साथ 34 एमओयू पर हस्‍ताक्षर किए हैं।
  • एसएमई संबंधी सहयोग पर इस कार्यशाला से आईओआरए के सदस्‍य देशों के बीच विचारों, चिंताओं एवं अनुभवों के आदान-प्रदान में आसानी होगी और इससे एमएसएमई क्षेत्र को लेकर इस क्षेत्र में उभरती चिंताओं को दूर करने के लिए एक साझा एमओयू विकसित करने में मदद मिलेगी। उन्‍होंने यह भी कहा कि पिछले 20 वर्षों के दौरान आईओआरए में लचीलापन उसकी सहज ताकत रही है। आईओआरए के अभ्‍युदय एवं विकास में उत्‍तरोत्‍तर वृद्धि दर्ज की गई है। उन्‍होंने यह भी कहा कि रणनीति एवं प्राथमिकता की आजादी सुनिश्‍चित करके इस ताकत को और बढ़ाया जाना चाहिए।

महानदी और उसकी सहायक नदियों पर विचार-विमर्श के लिए समिति गठित:

  • जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय ने महानदी और इसकी सहायक नदियों के जल की उपलब्धता एवं उपयोग का आकलन करने के लिए एक विचार-विमर्श समिति गठित की है। समिति महानदी से संबंधित मौजूदा जल बंटवारा समझौतों पर भी गौर करेगी और इन नदियों के जल की उपलब्धता एवं उपयोग के संबंध में ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड के दावों पर विचार करेगी।
  • समिति से अपनी रिपोर्ट तीन माह के भीतर पेश करने को कहा गया है। महानदी बेसिन के जल के उपयोग के संबंध में आईएसआरडब्ल्यूडी अधिनियम, 1956 की धारा 3 के तहत ओडिशा राज्य की शिकायत के संदर्भ में यह समिति गठित की गई है।
  • केंद्रीय जल आयोग के सदस्य (डब्ल्यूपीएंडपी) इस समिति की अध्यक्षता करेंगे और इसमें 11 अन्य सदस्य होंगे। ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं झारखंड राज्यों और केंद्रीय कृषि मंत्रालय, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण, भारतीय मौसम विभाग और केंद्रीय जल आयोग के प्रतिनिधिगण भी इन सदस्यों में शामिल हैं।

धीमी वैश्विक वृद्धि के बावजूद वर्ष 2017 में एशिया का आर्थिक परिदृश्य मजबूत बना हुआ है: यूएन रिपोर्ट

  • संयुक्त राष्ट्र विश्व आर्थिक परिस्थिति व परिदृश्य (डब्ल्यूईएसपी) 2017 रिपोर्ट 18 जनवरी 2017 को जारी की गई। इसमें कहा गया है कि ‘भारत ने अपने आप को एक सबसे गतिवान उभरते बाजार के रूप में जमा लिया है और मजबूत निजी उभोग मांग के साथ भारत की आर्थिक वृद्धि दर वर्ष 2017 में 7.7 प्रतिशत व 2018 में 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
  • इसके साथ ही रपट में आगाह किया गया है कि बैंकों व कंपनियों की बैलेंस शीट पर दबाव व क्षमता का पूरा उपयोग नहीं कर पाने से हो सकता है कि निवेश पूरी ताकत से पटरी पर नहीं लौट पाए। वहीं इसमें चीन की आर्थिक वृद्धि दर वर्ष 2017 व 2018 में 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया है।
  • यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख प्रकाशन है जो कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की दशा व दिशा पर प्रकाश डालती है। रिपोर्ट के अनुसार कमजोर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के चलते धीमी वैश्विक वृद्धि के बावजूद वर्ष 2017 में एशिया का आर्थिक परिदृश्य मजबूत बना हुआ है। वर्ष 2016 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि 2.2 प्रतिशत रही है। वर्ष 2008 के वित्तीय संकट की समाप्ति के बाद यह सबसे धीमी वृद्धि है।
  • ब्रिटेन की यूरोपीय संघ से अलग होने की योजना और डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति चुने जाने से विश्व अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता को बढ़ावा मिला है। रिपोर्ट में कहा है कि चीन में सुस्ती के बावजूद, एशिया लगातार एक आकर्षक स्थान बना हुआ है।
  • इसमें कहा गया है कि क्षेत्र में मजबूत उपभोक्ता मांग और अधिक सरकारी खर्च से कमजोर निर्यात की भरपाई करने में मदद मिली है। पूर्वी और दक्षिण एशिया क्षेत्र की वृद्धि 2016 में 5.7 प्रतिशत रही जो कि इससे पिछले वर्ष के बराबर ही रही।

सर्व शिक्षा अभियान के लिए वेब पोर्टल ‘शगुन’ का शुभारंभ:

  • केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने नई दिल्ली में सर्व शिक्षा अभियान के लिए एक समर्पित वेब पोर्टल ‘शगुन’ का शुभारंभ किया। ‘शगुन’ का लक्ष्‍य प्रमुख योजना ‘सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए’) की सतत निगरानी के जरिए भारत में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और प्रगति को दर्शाना है।
  • जावड़ेकर ने ‘दिव्‍यांग बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा हेतु शिक्षकों को तैयार करने के लिए मास्टर ट्रेनर्स हेतु टूलकिट’ का भी अनावरण किया। इसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सहयोग से विश्व बैंक द्वारा तैयार किया गया है। इस अवसर पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने शिक्षा की ‘गुणवत्ता’ में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
  • मानव संसाधन विकास मंत्रालय सही समझ, गणित, भाषा इत्‍यादि के संबंध में आवश्‍यक क्षमताओं के लिए मूल्यांकन मानक तय करने हेतु शिक्षण के परिणामों को संहिताबद्ध करेगा और इस तरह यह सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत प्रथम कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक ‘सभी बच्चे कम से कम शिक्षण के न्यूनतम स्तर’ को अवश्‍य ही हासिल कर लें।

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