मिशन परिवार विकास

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मिशन परिवार विकास

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा ने जनसंख्या स्थायी करने के लिए एक परिवार नियोजन कार्यक्रम लॉन्च किया। उन्होंने विश्व जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या स्थिरता कोष द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में 7 राज्यों के 146 जिलों में ‘मिशन परिवार विकास’ मिशन को लॉन्च किया।

मिशन परिवार विकास के प्रमुख तथ्य:

  • देश के 7 बेहद अधिक आबादी वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और असम शामिल हैं। इन राज्यों का टोटल फर्टिलिटी रेट 3 या उससे अधिक है। इसके कारण इनकी जनसंख्या में वृद्धि होती ही जा रही है।
  • इन स्थानों पर लोगों की जानकारी, सेवाओं और सुविधाओं के आधार पर उन्हें परिवार नियोजन के बेहतर तरीके अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में जे.पी. नड्डा ने कहा कि इस पहल के तहत जनसंख्या काबू में करने के लिए बेहतर सेवाओं के जरिए खास केंद्रित कदम उठाए जाएंगे।
  • मिशन परिवार विकास के तहत सेवाओं को मुहैया कराने, प्रमोशनल स्कीम लॉन्च करने, वस्तु सुरक्षा, क्षमता बढ़ाने, सुलभ वातावरण और गहन निगरानी के जरिए बेहतर पहुंच पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
  • इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को कार्यक्रम की अर्ध-वार्षिक समीक्षा करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने अधिकारियों से यह देखने के लिए कहा कि कार्यक्रम सही दिशा में आगे बढ़ रहा है या नहीं। उन्होंने कहा, ‘हमने लोगों के लिए बदलती जरूरतों के हिसाब से गर्भनिरोधकों के नए विकल्पों को भी बेहतर किया है। हमने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अंतिम उपभोक्ता तक वस्तु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं।’
  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने ‘अंतरा ‘ कार्यक्रम के अंतर्गत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में नए इंजेक्शन को शामिल किया और नए सॉफ्टवेयर-परिवार नियोजन तार्किक प्रबन्धन सूचना प्रणाली (एफपी-एलएमआईएस) का शुभारंभ किया।

भारत में परिवार नियोजन कार्यक्रम

  • 1952 :- राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम लांच करने वाला विश्व का पहला देश बना।
  • 1976 :- पहली राष्ट्रीय जनसंख्या नीति प्रतिपादित।
  • 1983:- पहली राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति प्रकाशित।
  • 1994 :- काहिरा (मिस्र) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या एवं विकास सम्मेलन (ICPD) में कार्य-योजना पर भारत द्वारा हस्ताक्षर।
  • 1996 :- परिवार नियोजन में लक्ष्य-मुक्त दृष्टिकोण (TFA : Target-Free Approach) का प्रारंभ।
  • 1997 :- प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चरण-I (RCH-I) का शुभारंभ।
  • 2000 :- दूसरी राष्ट्रीय जनसंख्या नीति प्रतिपादित।
  • 2002 :- द्वितीय राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति प्रकाशित।
  • 2005 :- राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन तथा प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चरण-II (RCH-II) का शुभारंभ।
  • 2012 :- राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन वर्ष 2017 तक विस्तारित।
  • 2012 :- परिवार नियोजन पर लंदन शिखर सम्मेलन में प्रतिभाग।

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