प्राकृतिक वनस्पति

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प्राकृतिक वनस्पति

    प्राकृतिक वनस्पति से अभिप्राय उसी पौधा समुदाय से है , जो लम्बे समय तक बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के उगता है और इसकी विभिन्न प्रजातियां वहां पाई जाने वाली मिट्टी और जलवायु परिस्थितियों में खुद को ढाल लेती है .

वनों के प्रकार

उष्ण कटिबंधीय सदाबहार व अर्ध सदाबहार वन

  • मुख्यतः पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढाल पर ,उत्तर – पूर्वी क्षेत्र की पहाड़ियों पर व अंडमान निकोबार द्वीप समूह में पाए जाते हैं .
  • ऐसे वन ऐसे उष्ण व आर्द्र प्रदेशों में पाए जाते है जहाँ वार्षिक वर्षा 200 cm से अधिक व तापमान 22 डिग्री C से अधिक रहता है .
  • वृक्षों की लम्बाई 60 m या उससे अधिक होता है.
  • मुख्य वृक्ष – रोजवुड ,महोगनी ,ऐनी ,ऐबनी , रबड़ ,आबनूस ,आयरन वुड ,ताड़, बाँस,बैत ,सिनकोना .
  • अर्ध सदाबहार वन अपेक्षाकृत कम वर्षा वाले भाग में पाए जाते है .
  • मुख्य वृक्ष प्रजातियां – साइडर ,होलक और कैल.

उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वन

  • इसे मानसून वन भी कहते है .
  • वार्षिक वर्षा 70 – 200 cm तक .
  • जल उपलब्धता के आधार पर आर्द्र व शुष्क पर्णपाती वन में वर्गीकृत .

आर्द्र पर्णपाती

  • वार्षिक वर्षा – 100 – 200cm तक
  • मुख्यतः उत्तर पूर्वी राज्यों और हिमालय के गिरिपाद , पश्चिमी घाट के पूर्वी ढाल और ओडिशा में पाए जाते है .
  • प्रमुख वृक्ष – सागवान ,साल , शीशम , हुर्रा , महुआ , आंवला , सेमल , कुसुम ,चन्दन व शहतूत .

शुष्क पर्णपाती वन

  • वार्षिक वर्षा – 70 -100 cm तक
  • प्रायद्वीप में अधिक वर्षा वाले भागों में और उत्तर प्रदेश व बिहार के मैदानी भागों में पाए जाते है .
  • प्रमुख वृक्ष – तेंदु,पलास ,अमलतास ,बेर , खैर और अक्सल्वूड(Axlewood).

उष्ण कटिबंधीय कांटेदार वन

  • वार्षिक वर्षा – 50 cm से कम
  • मुख्यतः दक्षिण पश्चिम पंजाब , हरियाणा , गुजरात ,मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के अर्ध शुष्क क्षेत्र शामिल है .
  • प्रमुख वृक्ष – बाबुल ,बेर ,खजूर ,खैर ,नीम ,खेजड़ी ,पलास ,नागफनी आदि .
  • वृक्षों के नीचे लगभग 2 m लम्बी घास उगती है .

पर्वतीय वन

  • पर्वतीय क्षेत्रों में ऊंचाई के साथ तापमान घटने के साथ वनस्पति में भी बदलाव आता है .
  • उत्तर पर्वतीय वन

    • हिमालय के गिरिपद पर पर्णपाती वन पाए जाते है .
    • 1000 -2000 m की ऊंचाई पर आद्र शीतोष्ण कटिबंधीय प्रकार के वन पाए जाते है .
    • हिमालय के पश्चिमी भाग में देवदार के वन पाए जाते है .

    दक्षिण पर्वतीय वन

    • इसके अंतर्गत पश्चिमी घाट , विंध्याचल और नीलगिरि पर्वत श्रृंखलाएं आते है .
    • ऊंचाई वाले क्षेत्र में शीतोष्ण कटिबंधीय और नीचले क्षेत्र में उपोष्ण कटिबंधीय प्राकृतिक वनस्पति पाई जाती है .
    • शीतोष्ण कटिबंधीय वन को शोलास के नाम से जाना जाता है .

    हिमालय क्षेत्र की वनस्पति

    पूर्वी क्षेत्र की वनस्पति
    1.उष्ण कटिबंधीय आद्र पर्णपाती वन

  • 900 m की ऊंचाई तक पाए जाते है
  • मुख्य वृक्ष – साल , शीशम ,सागवान ,बाँस ,सबई घास .
  • 2.उपोष्ण वनस्पति

  • 900 -1830 m की ऊंचाई तक पाए जाते है .
  • प्रमुख वृक्ष – ओक , चेस्टनट
  • 3.शीतोष्ण वनस्पति

  • 1830 – 2740 m की ऊंचाई तक पाए जाते है
  • प्रमुख वृक्ष – ओक ,मैपिल ,बर्च ,मैग्नेलिया ,एल्डर..
  • 4.शीत शीतोष्ण वनस्पति

  • 2740 – 3660 m की ऊंचाई तक पाए जाते है .
  • प्रमुख वृक्ष – चीड़ ,स्प्रूस, देवदार (शंकुधारी वनों की पेटी).
  • 5.अल्पाइन वनस्पति

  • 3660 4876 m की ऊंचाई तक पाए जाते है .
  • प्रमुख वृक्ष – सिल्वर फर, जुनीपर
  • 6.तुन्द्रा वनस्पति

  • 4876 – 5100 m की ऊंचाई तक पाए जाते है.
  • छोटी झाड़ियां , घास , काई एवं फूल वाले पौधे पाए जाते है .
  • पश्चिमी हिमालय वनस्पति

  • पूर्वी हिमालय की तुलना में अधिक शुष्क और ठंडा .
  • परजीवी पौधे और फर्न का अभाव.

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