UPSC मेंस सिलेबसGS-PAPER III ,महत्वपूर्ण पुस्तक व रणनीति (SYLLABUS OF UPSC MAINS GS-III,LIST OF IMPORTANT BOOKS FOR PRELIMS )

Bookmark and Share




सामान्य अध्ययन -III :

सिलेबस के बारे में जानने से पहले UPSC द्वारा दिए गए इस दिशा निर्देश को पढ़े —

  • मुख्य परीक्षा का उद्देश्य उम्मीदवारों के समग्र बौद्धिक गुणों तथा उनके गहन ज्ञान का आकलन करना है , मात्र उनकी सूचना के भंडार तथा स्मरण शक्ति का आकलन करना नहीं।
  • सामान्य अध्ययन के प्रश्न पत्रों के प्रश्नों का स्वरुप तथा इनका स्तर ऐसा होगा कि कोई बहु सुशिक्षित व्यक्ति बिना किसी विशेष अध्ययन के इनका उत्तर दे सके। प्रश्न ऐसे होंगे जिनसे विविध विषयों पर उम्मीदवार की सामान्य जानकारी का परिक्षण किया जा सके और जो सिविल सेवा में कैरियर से सम्बंधित होंगे। प्रश्न इस प्रकार के होंगे जो सभी प्रासंगिक विषयों के बारे में उम्मीदवार की आधारभूत समझ तथा परस्पर विरोधी सामाजिक – आर्थिक लक्ष्यों , उद्देश्यों और मांगों का विश्लेषण तथा इन पर दृष्टिकोण अपनाने कि क्षमता का परिक्षण करे। उम्मीदवार संगत, सार्थक तथा सारगर्भित उत्तर दे।
  • यह दिशा निर्देश आपके तैयारी के लिए एक सही दिशा दे सकती है। आपको किसी भी विषय में विशेषज्ञ नही बनना है बस उस विषय के लिए एक समझ विकसित करनी है ,और यह समझ विकसित होगा कुछ पुस्तकों को बार बार पढ़ने से व लिखने के अभ्यास करने से।आपने जिस दिन से मुख्य परीक्षा कि तैयारी शुरू कर दी उसी दिन से आप लिखने का अभ्यास शुरू कर दीजिए।

मोटे तौर पर GS पेपर III में आते है —

  • प्रौद्योगिकी,
  • आर्थिक विकास,
  • जैव विविधता ,
  • पर्यावरण ,
  • सुरक्षा तथा
  • आपदा प्रबंधन

आप इस सिलेबस को बार बार देखे जिससे सारे टॉपिक और सबटॉपिक आप स्मरण कर सके। आइए अब सिलेबस पर विस्तार से चर्चा करते हैं।

भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना,संसाधनों को जुटाने ,प्रगति ,विकास तथा रोज़गार से सम्बंधित विषय.

यह एक बहुत ही वृहद् और व्यापक टॉपिक है.किसी भी अन्य पुस्तक को पढ़ने से पूर्व अभ्यर्थी NCERT की ये पुस्तकें अवश्य पढ़े.
NCERT Class IX – अर्थशास्त्र
NCERT Class X – आर्थिक विकास की समझ
NCERT Class XI – भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास
NCERT Class XII – समष्टि अर्थव्यवस्था

NCERT की इन पुस्तकों को बार बार पढ़ने से इन विषय पर आपकी अवधारणा बहुत स्पष्ट हो जाएगी.इसके उपरांत आप वर्तमान घटनाओं के साथ जोड़कर इन विषयों को पढ़े .वर्तमान घटनाओं से जुड़ने के लिए न्यूज़ पेपर ,योजना ,कुरुछेत्र आदि की सहयता ले.

इन सभी पुस्तकों को पढ़ने के उपरांत रमेश सिंह के द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘भारतीय अर्थव्यवस्था’ को अवश्य पढ़े.बाजार में UPSC के लिए बहुत सारे पुस्तक उपलब्ध है.लेकिन रमेश सिंह के द्वारा लिखी गई यह पुस्तक पेपर 3 के सभी टॉपिक का आवरण करती है, और यह आपके समझ को बढ़ाने में आपकी सहयता करेगी.

समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय.

  • इस विषय को समझने के लिए हमें 11 वीं पंचवर्षीय योजना ,12 वीं पंचवर्षीय योजना एवं सतत विकास लक्ष्य (SDG) 2030 के रिपोर्ट को पढ़ना ,समझना और आवश्यक तथ्यों को रटना होगा.
  • इसके उपरांत समावेशी विकास के लिए सरकार के द्वारा चलाई गई योजनाओं को भारत 2017 से पढ़े.

सरकारी बजट.

मुख्य फसलें – देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न-सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली, कृषि उत्पाद का भंडारण ,परिवहन तथा विपणन सम्बंधित विषय और बाधायें, किसानों की सहायता के लिए ई – प्रौद्योगिकी

    इस टॉपिक को पढ़ने के लिए NCERT की पुस्तक ‘संसाधन एवं विकास’ तथा रमेश सिंह की पुस्तक ‘भारतीय अर्थव्यवस्था’ पढ़े.

प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से सम्बंधित विषय ; जन वितरण प्रणाली -उद्देश्य ,कार्य सीमाएं ,सुधार ; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा सम्बंधित विषय ;प्रौद्योगिकी मिशन ;पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र.

भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं सम्बंधित उद्योग – कार्यक्षेत्र एवं महत्व ,स्थान, ऊपरी और नीचे की अपेक्षाएं, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन.

    इस टॉपिक के लिए आप 12 वीं पंचवर्षीय योजना ,इस उद्योग से सम्बंधित PIB के लेख तथा रमेश सिंह की पुस्तक ‘भारतीय अर्थव्यवस्था’ को पढ़े.

भारत में भूमि सुधार.

    रमेश सिंह की पुस्तक ‘भारतीय अर्थव्यवस्था’.

उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव ,औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव.

    आप इन विषयों को रमेश सिंह की पुस्तक ‘भारतीय अर्थव्यवस्था’ से पढ़े .

बुनियादी ढांचा : ऊर्जा , बंदरगाह , सड़क , विमानपत्तन ,रेलवे आदि.

निवेश मॉडल.

    आप इस विषय के लिए रमेश सिंह की पुस्तक ‘भारतीय अर्थव्यवस्था’ से पढ़े .इसके अतिरिक्त ‘भारत 2107’ में निवेश से सम्बंधित योजनाओं को पढ़े .

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोजमर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव.
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां ;देशज रूप में प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास.
सूचना प्रौद्योगिकी ,अंतरिक्ष , कंप्यूटर , रोबोटिक्स , नैनो टेक्नोलॉजी , बायो टेक्नोलॉजी और बौद्धिक सम्पदा अधिकारों से सम्बंधित विषयों के सम्बन्ध में जागरूकता.

  • ऐसे अभ्यर्थी जो विज्ञान पृष्ठभूमि से नहीं है सर्वप्रथम NCERT विज्ञान क्लास 6 – 10 तक की पुस्तक पढ़े.
  • इसके उपरांत स्पेक्ट्रम पब्लिकेशन की पुस्तक ‘विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी’ को पढ़े .
  • भारत 2017 से सम्बंधित टॉपिक को पढ़े .
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में होने वाले नए परिवर्तनों को समाचार पत्र से पढ़ते रहे.

संरक्षण ,पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन.

    परिस्थितिकी एवं पर्यावरण – एस के ओझा (परीक्षा वाणी) की पुस्तक पढ़े.

आपदा और आपदा प्रबंधन.

    इस टॉपिक के लिए योजना के विशेषांक को पढ़े .


विकास और फैलते उग्रवाद के बीच सम्बन्ध.
आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती उत्पन्न करने वाले शासन विरोधी तत्वों की भूमिका.
संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती ,आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका , साइबर सुरक्षा और बुनियादी बातें ,धन – शोधन और इसे रोकना.
सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियां एवं उनका प्रबंधन ,संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच सम्बन्ध.
विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएं तथा उनके अधिदेश.

अभी तक हमने देखा की हमें कौन कौन सी पुस्तक पढ़नी हैं , अब यक्ष प्रश्न यह हैं कि हम इन सारी चीज़ों को याद कैसे रखे और परीक्षा में एक बेहतर उत्तर कैसे लिखे —

  • अधिकांश अभ्यर्थी एक सामान्य गलती करते हैं कि वह एक ही विषय के लिए बहुत सारी पुस्तकों को पढ़ते हैं, जिससे वो अपना समय और स्मरण करने कि शक्ति दोनों को बर्बाद करते हैं।
  • आप अपने विषयों के लिए अपने स्रोत पर स्थिर रहें और और उसे ही बार बार पढ़े ,और स्मरण करे। किसी भी विषय के विशेषज्ञ बनने से बचे।
  • एक बात हमेशा याद रखे UPSC आपके सामान्य समझ को जांचती हैं न कि विशेष समझ को।
  • आप अपना एक नोट्स बनाए लेकिन वो भी एक विषय के लिए एक ही पुस्तक से भले ही आप उस पुस्तक से पूर्णतः संतुष्ट न हो ।Research करने से बचे।
  • और सबसे महत्वपूर्ण Writing Writing Writing …
  • अर्थात आप पुस्तकों को पढ़े फिर उसी पुस्तकों को तब तक पढ़े जब तक एक समझ विकसित न हो जाए ,फिर उन्ही विषयों पर लिखे और स्मरण करे …..

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*