UPSC SPECIAL 2(इ-विन परियोजना,राष्ट्रीय आयुष मिशन,राष्ट्रीय इस्पात नीति 2017,CCTNS,ई-एस–टी और ई-प्रान कार्ड….)

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स्वास्थ्य मंत्रालय की इ-विन परियोजना

  • भारत सरकार द्वारा टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ई विन (इलेक्ट्रानिक वैक्सीन ईन्टलीजेन्स नेटवर्क) नामक परियोजना लांच किया गया था। भारत सरकार की ओर से यूनाइटेड नेशन डिवेलपमेण्ट प्रोग्राम (यूएनडीपी) के सहयोग से इलैक्ट्रोनिक वैक्सीन इन्टेलिजेंस नेटवर्क (ई-विन) मोबाइल एप तैयार किया है।
  • इस परियोजना में स्मार्ट फोन में ई विन एप्प के माध्यम से वैक्सीन मांग संधारण तथा वितरण प्रमाली में सुधार लाकर रियल टाईम स्टाक पोजीशन का अवलोकन किया जा सकेगा।
  • ईविन साफ्टवेयर के माध्यम से वैक्सीन कोल्ड चैन स्टोर में क्षेत्रवार लाभर्थियों की वास्तविक संख्या के अनुसार वैक्सीन की मांग एवं पूर्ति को सुनिश्चित कर प्रत्येक वैक्सीन का कोल्डचैन स्टोर में स्टॉक पोजिशन का जायजा जिले स्तर से लेकर राज्य स्तर तक कही भी कभी भी संबंधित अधिकारियों द्वारा लिया जा सकेगा।
  • ईविन साफ्टवेयर की जिला स्तर पर वैक्सीन कोल्ड चैन एवं लॉजिस्टिक में सतत् मानीटरिंग की जावेगी एवं साफ्टवेयर संबंधित देखरेख एवं वैक्सीन प्रबंधन का मूल्यांकन कार्य भी किया जाएगा।
  • इस परियोजना का अध्ययन करने के लिए फिलीपीन्स, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, नेपाल एवं थाईलैंड के प्रतिनिधि भारत की यात्रा पर हैं।

राष्ट्रीय आयुष मिशन

    भारत सरकार ने राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) का प्रमोचन किया है।

    प्रस्तावित मिशन, आयुष स्वास्थ्य सेवाओं / शिक्षा को देश में विशेष रूप से कमज़ोर और दूर-दराज वाले क्षेत्रों में उपलब्ध कराने के लिए राज्य / संघ राज्य क्षेत्रों की सरकारों के प्रयासों में समर्थन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की खाइयों को पाटेगा। NAM के तहत् ऐसे क्षेत्रों की विशिष्ट ज़रूरतों और वार्षिक योजनाओं में उच्च संसाधनों के आवंटन के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस मिशन के उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • आयुष अस्पतालों और डिस्पेंसरी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों को सार्वभौमिक उपयोग के लिए उन्नत कर आयुष की सेवाओं की लागत को प्रभावी बनाना।
  • राज्य स्तरीय आयुष फ़ारमेसी, दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं और ASU व H प्रवर्तन तंत्र को आयुष के शैक्षिक संस्थानों के माध्यम से मज़बूत करना।
  • अच्छी कृषि पद्धतियों को अपनाते हुए चिकित्सकीय पौधों की खेती में सहायक बनना ताकि प्रमाणन तंत्र, अच्छी कृषि / संग्रहण / भंडारण प्रक्रियाओं के लिए कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति और गुणवत्ता के मानकों को बरकरार रखा जा सके।

राष्ट्रीय इस्पात नीति 2017 को मंजूरी:

  • सरकार ने 03 मई 2017 को नयी राष्ट्रीय इस्पात नीति को मंजूरी दे दी जिसमे देश के इस्पात क्षेत्र में 10 लाख करोड रूपए का निवेश आकर्षित करने के साथ ही कच्चे माल के आयात पर निर्भरता खत्म कर इसे और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • नयी नीति के जरिए 2030-31 तक कोकिंग कोल का आयात 50 फीसदी घटाकर घरेलू स्तर पर इसकी आपूर्ति बढ़ाकर 30 करोड़ टन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही साल 2030-31 तक देश में प्रति व्यक्ति इस्पात की खपत बढ़ाकर औसतन 158 किलोग्राम करने का लक्ष्य भी रखा गया है। इसमें गुणवत्ता सुधार के लिए भी मानक तय किए गए हैं।
  • नई इस्पात नीति में घरेलू इस्पात उत्पादों के लिए गुणवत्ता के मानक विकसित करने तथा लागू करने का भी प्रस्ताव किया गया है। वैश्विक मांग के अभाव में उद्योग को घरेलू मांग पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसलिए खरीद नीति के तहत सरकारी एजेंसियों को आयात के बजाय घरेलू स्टील निर्माताओं से इस्पात की खरीद के लिए कहा गया है।
  • वर्ष 2015 में भारत अकेला देश था जहां इस्पात की मांग में 5.3 फीसद की सालाना वृद्धि हो रही थी। जबकि इसके मुकाबले चीन में इस्पात की मांग में सालाना 5.4 फीसद तथा जापान में सात फीसद की गिरावट देखने में आ रही थी।

राष्ट्रगान – आचार संहिता

  • जन-गण-मन को मूल रूप से बंगाली में रंबींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचा गया है जिसके हिंदी संस्करण को 24 जनवरी 1950 को भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया।
  • इसे पहली बार 27 दिसंबर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकाता सत्र में गाया गया था।
  • राष्ट्रगान की अवधि लगभग 52 सेकेंड है। इसका छोटा संस्करण जिसमें पहले और अंतिम अंतरे (जो कि लगभग 20 का है) को ही गाया है, कई अवसरों पर चलाया जाता है।
  • भारत का राष्ट्रगान विभिन्न अवसरों पर गाया जाता है। उन अवसरों पर जिनमें इसे चलाया जाना है, राष्ट्रगान के सही संस्करणों के बारे में समय-समय पर दिशा-निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ऐसे अवसरों पर उचित शिष्टामंडल का पालन करके गानों को सम्मान देने की आवश्यकता के बारे में भी निर्देश दिए जाते रहे हैं।

राष्ट्रगान का पूरा संस्करण निम्नलिखित अवसरों पर गाया जाएगा:

  • सिविल और सैन्य प्रतिष्ठापन;
  • जब राष्ट्रपति या राज्यपाल / लेफ़्टिनेंट गवर्नर को उनके संबंधित राज्यों / संघ शासित प्रदेशों के समारोहों पर राष्ट्रीय सलामी (जिसका अर्थ एक ऐसे आदेश से है जो कि राष्ट्रगान के संगत “सलामी शस्त्र” के रूप में दिया जाता है) दी जाती है।
  • परेड के दौरान, फिर भले ही वहां किसी भी गणमान्य व्यक्ति की उपस्थिति हो या नहीं।
  • सरकारों या सामूहिक कार्यक्रमों द्वारा आयोजित औपचारिक राज्य कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन पर और ऐसे ही कार्यक्रमों से उनके प्रस्थान के समय भी।
  • हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी भारतीयों को अब थियेटर हॉल में फ़िल्म देखने से पहले राष्ट्रगान के लिए खड़ा होना होगा। यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 51(ए) के अनुरूप है जिसके अनुसार राष्ट्रगान का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का मूलभूत कर्तव्य है।

अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और व्यवस्था (CCTNS)

  • अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और व्यवस्था (CCTNS) एक योजना स्कीम है जिसे कॉमन इंटीग्रेटेड पोलिस एप्लिकेशन (CIPA) नामक योजना स्कीम के अनुभव के प्रकाश में देखा गया है।
  • CCTNS भारत सरकार की राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना के तहत् एक मिशन मोड की परियोजना है। CCTNS का उद्देश्य ई-शासन के सिद्धांत को अपनाते हुए, उसके माध्यम से दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए एक व्यापक और एकीकृत प्रणाली बनाना है ताकि राष्ट्रव्यापी नेटवर्किंग के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए अपराध और अपराधियों के जांच के लिए IT सक्षम राज्य का विकास किया जा सके।
  • CCTNS परियोजना के लिए 2000 करोड़ रुपयों का आवंटन किया गया है। आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCEA) ने इस परियोजना को 19.06.2009 को मंजूरी दी थी।

WHO ने मलेरिया के टीके की घोषणा की:

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने तीन अफ्रीकी देशों- घाना, केन्या और मलावी को दुनिया का पहला मलेरिया टीका दिए जाने की घोषणा की। इस टीका का वितरण 2018 में शुरू होगा।
  • ‘आरटीएस,एस टीका’ शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मलेरिया परजीवी के खिलाफ तैयार करेगा। मलेरिया मच्छरों के काटने से फैलता है। यह टीका चार बार दिए जाने की जरूरत है। तीन महीनों तक महीने में एक बार और इसके बाद चौथी खुराक 18 महीने बाद दी जानी है।
  • डब्ल्यूएचओ ने कहा कि इसे पूरी तरह नियंत्रित और नैदानिक परीक्षणों के बाद ही प्राप्त किया गया है, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हुआ है कि इनका प्रयोग उन इलाकों में किया जा सकता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित हैं।
  • यही कारण है कि संयुक्त राष्ट्र संगठन तीन देशों में इसे परीक्षण के तौर पर चला रहा है, ताकि यह देखा जा सके कि क्या इसे पूरे मलेरिया टीका कार्यक्रम की तरह शुरू किया जा सकता है।
  • डब्ल्यूएचओ के अफ्रीका के क्षेत्रीय निदेशक मात्सीदिसो मोइटी ने कहा, मौजूदा मलेरिया के बचाव के प्रयासों के साथ मिलकर इस तरह के टीके से अफ्रीका में हजारों लोगों का जीवन बचाने की क्षमता है।
  • घाना, केन्या और मलावी को इसलिए चुना गया, क्योंकि पहले ही मलेरिया से निपटने के बड़े कार्यक्रम चल रहे हैं। फिर भी ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। डब्ल्यूएचओ के आकड़ों के मुताबिक, बड़ी प्रगति के बावजूद अब भी हर साल 21.2 करोड़ नए मामले सामने आ रहे हैं और इससे 429,000 मौतें हो रही हैं। अफ्रीका इससे बुरी तरह प्रभावित है और ज्यादातर बच्चे मौत का शिकार हो रहे हैं।

अटल पेंशन योजना के लिए ऑनलाइन स्‍टेटमेंट (ई-एस–टी) और ई-प्रान कार्ड लॉन्‍च किया गया:

  • अटल पेेंशन योजना के लिए ऑनलाइन स्टेटमेंट (ई-एसओटी) और ई-पीआरएएन (स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या) कार्ड लाँच किया गया है जिससे इसके 45 लाख से अधिक उपभोक्ता लाभान्वित होंगें।
  • इस स्‍कीम से अटल पेंशन योजना के मेंबर अपने अकाउंट ट्रांजेक्‍शन को ऑनलाइन भी ट्रैक कर सकेंगे। फाइनेंस मिनिस्‍ट्री ने इस स्‍कीम को डिजिटल तरीके से मेंबरशिप बढ़ाने और बेहतर क्‍वालिटी देने के लिए ये सुविधा लॉन्‍च की है।

कार्यविधि:

  • इस स्‍कीम के मेंबर को डिजिटली सशक्त बनाने और क्‍वालिटी में सुधार लाने के लिए ई-एस–टी और ई-प्रान सर्विस लॉन्‍च की गई है। इस सर्विस के उपयोग के लिए इसके मेंबर को इससे संबद्ध वेबसाइटों पर जाना होगा और अटल पेंशन योजना, अकाउंट नंबर डिटेल्‍स और सेविंग अकाउंट नंबर देने पर इस योजना का स्टेटमेंट देख सकेंगे।
  • इसके अलावा जिन मेंबर के पास एपीवाई-पीआरएएन उपलब्‍ध नहीं है। वे एक बार अपना डेट ऑफ बर्थ और सेविंग अकाउंट के जरिए इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा मेंबर ऑनलाइन ट्रांजेक्‍शन, पेंशन शुरू होने की तारीख, नामित व्‍यक्ति का नाम और इसे जुड़े बैंक के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।
  • यह पेंशन योजना पूरे देश में 235 सेवा प्रदाताओं द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है जिनमें 27 सरकारी बैंक, 19 निजी बैंक, एक विदेशी बैंक, 56 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, 109 जिला सहकारी बैंक, 16 राज्य सहकारी बैंक, छह शहरी सहकारी बैंक और डाकघर शामिल हैं।

अटल पेंशन योजना:

    यह भारत सरकार द्वारा समर्थित पेंसन योजना है। इसका लक्ष्य असंगठित क्षेत्र के लोगों को पेंशन की सुविधा प्रदान करना है। इसका आरम्भ कोलकाता में 09 मई 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया।

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