भारत की कृषि विपणन प्रणाली

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भारत की कृषि विपणन प्रणाली

  • admin
  • September 9, 2018

भारत की कृषि विपणन प्रणाली
प्रस्तावना

    भारत में कृषि उत्पादकता के कम होने का एक बड़ा कारण भारत की विकृत कृषि विपणन प्रणाली है. यह कहा गया है कि इस प्रणाली की कमजोरियों के कारण जहां एक और कृषि वस्तुओं के लिए उपभोक्ताओं को ऊंची कीमत देनी पड़ती है वहीं दूसरी ओर किसानों को उपभोक्ताओं द्वारा दी गई कीमत का अत्यल्प भाग ही मिल पाता है. इस कारण न केवल कृषि उत्पादकता प्रभावित हो रही है बल्कि खाद्य वस्तुएं भी महंगी हो रही है.

एक अच्छी कृषि विपणन प्रणाली की विशेषताएं-
एक अच्छी कृषि विपणन प्रणाली की मुख्यतः तीन विशेषताएं होती है-

  • प्राथमिक उत्पादक( किसान) को संभावित श्रेष्ठ प्रतिफल प्राप्त होने चाहिए.
  • प्राथमिक उत्पादक एवं अंतिम उपभोक्ताओं से संबंधित कीमतों में अधिक अंतर नहीं होना चाहिए.
  • कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में कमी किए बगैर उन्हें अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुंचाना.
  • एक अच्छी कृषि विपणन प्रणाली को सुनिश्चित करने से जुड़ी हुई आवश्यकताएं-

  • भंडारण की क्षमता
  • बाजार संबंधी सूचनाएं
  • पर्याप्त एवं सस्ता ट्रांसपोर्ट
  • पर्याप्त एवं बेहतर नियमन वाला विपणन स्थल
  • बिचौलियों की न्यूनतम संख्या.
  • भारतीय कृषि विपणन प्रणाली की कमजोरियां-

  • भंडारण क्षमता की कमी- भारत में अधिकांश किसानों के पास भंडारण की क्षमता नहीं है, इसके अलावा किसानों द्वारा कच्चा भंडारण किया जाता है जो वैज्ञानिक तरीका नहीं है.
  • Lack of holding capacity-भारत में किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर है और वह एक बड़ी सी मात्रा में धन के लेन देन के लिए साहूकारों पर निर्भर रहते हैं.
  • Lack of information- शिक्षा की कमी और अन्य कारणों से बाजार संबंधी सूचनाएं पर्याप्त रूप से नहीं मिल पाती.
  • Lack of transport– भारत में कई गांव रेलवे और अच्छी सड़कों से जुड़े हुए नहीं है इसके अलावा धीमी गति के वाहनों का अधिक प्रयोग होता है जो परिवहन की लागतों को ऊंचा कर देता है.
  • बिचौलियों की अधिक संख्या- भारत में कृषि वस्तुओं के विपणन में औसत रूप से पांच से छह बिचौलिए देखने को मिलते हैं.
  • मंडियों की संख्या का पर्याप्त नहीं होना- एक अनुमान के अनुसार भारत में 454 वर्ग किलोमीटर पर एक मंडी है जबकि राष्ट्रीय किसान आयोग के अनुसार किसी भी गांव के 5 किलोमीटर की त्रिज्या में एक मंडी होनी चाहिए.
  • उपर्युक्त के अलावा भारत कि कृषि विपणन प्रणाली में निम्न अन्य समस्याएं भी है-

  • भारत की मंडियों में किसी वस्तु की ग्रेडिंग के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं है जिसके कारण किसानों को ढेर लगा कर बिना किसी छटनी किए ही माल को बेचना पड़ता है. इस विक्रय से किसानों को उचित कीमत नहीं मिल पाती.
  • मंडियों में बिचौलियों द्वारा किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के शोषण- कमीशन, ढुलाई,गरदा (dust),पल्लेदारी आदि के नाम पर.
  • मंडियों में लगने वाले विभिन्न प्रकार के कर और शुल्क- विपणन शुल्क, ग्रामीण विकास शुल्क, निराश्रित शुल्क, क्रय शुल्क,VAT आदि के नाम पर.
  • उपर्युक्त के अलावा यदि किसी मंडी में किसी कृषि वस्तुओं का बार-बार लेन-देन होता है तो हर बार विपणन शुल्क लगाया जाता है. इसी प्रकार किसी राज्य की एक मंडी से दूसरे राज्य की मंडी में ले जाया जाता है तो पुनः विपणन शुल्क देना पड़ता है इस प्रकार भारत में एक से अधिक जगह पर विपणन शुल्क की स्थिति देखने को मिलती है. इससे कृषि वस्तुएं अनावश्यक रुप से महंगी हो जाती है, हालांकि NAM(National Agriculture Market) में इसे समाप्त किया गया है.

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    Exam Name Exam Date
    IBPS PO, 2017 7,8,13,14 OCTOBER
    UPSC MAINS 28 OCTOBER(5 DAYS)
    CDS 19 june - 4 FEB 2018
    NDA 22 APRIL 2018
    UPSC PRE 2018 3 JUNE 2018
    CAPF 12 AUG 2018
    UPSC MAINS 2018 1 OCT 18(5 DAYS)


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