History of Modern India
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जवाहरलाल नेहरू के प्रमुख विचार
  • June 5, 2020

राष्ट्रवाद जवाहर लाल नेहरू आधुनिक भारत के सर्वाधिक प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक थे। नेहरू ने भारत की सामाजिक-आर्थिक तथा राजनीतिक चिंतन प्रक्रिया एवं कार्यक्रमों को गहरे रूप में प्रभावित किया। ‘गहन राष्ट्रवाद’ नेहरू के उस वैचारिक दृष्टिकोण का अभिन्न अंग था, जो राष्ट्रीय आंदोलन के मंथन से उत्पन्न हुआ था। प्रखर अंतरराष्ट्रीयतावादी होने के […]

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन
  • August 21, 2018

क्र.सं. अधिवेशन  स्‍थान अध्‍यक्ष महत्वपूर्ण तथ्य 1 1885 बम्‍बई व्‍योमेश चन्‍द्र बनर्जी प्रथम अधिवेशन ,72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया,कांग्रेस के उद्देश्य तय किए गए 2 1886 कलकत्ता दादाभाई नौरोजी 436 प्रतिनिधियों ने भाग लिया,राष्ट्रीय कांग्रेस और राष्ट्रीय कांफ्रेंस का विलय 3 1887 मद्रास सैयद बदरूद्दीन तैयबजी प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष 4 1888 इलाहाबाद जॉर्ज यूल प्रथम […]

कार्नवालिस के द्वारा किए गए सुधार
  • July 30, 2018

Q. कार्नवालिस के द्वारा किए गए प्रशासनिक एवं अन्य सुधारों ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को एक कंपनी से राज्य के रूप में परिवर्तित कर दिया। कार्नवालिस के द्वारा किए गए सुधारों पर चर्चा कीजिए। Ans- कार्नवालिस ने अपने प्रशासनिक एवं अन्य सुधारों के द्वारा ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को एक कंपनी से राज्य के […]

भारत के गवर्नर जनरल एवं वायसराय
  • November 10, 2017

भारत के गवर्नर जनरल एवं वायसराय भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बैंटिक (1828 ई. से 1835 ई.) लॉर्ड विलियम बैंटिक भारत मेँ किए गए सामाजिक सुधारोँ के लिए विख्यात है। लॉर्ड विलियम बैंटिक ने कोर्ट ऑफ़ डायरेक्टर्स की इच्छाओं के अनुसार भारतीय रियासतोँ के प्रति तटस्थता की नीति अपनाई। इसने ठगों के आतंक से […]

धार्मिक तथा सामाजिक सुधार आन्दोलन
  • November 7, 2017

धार्मिक तथा सामाजिक सुधार आन्दोलन हिन्दू सुधार आन्दोलन राजा राम मोहन रॉय एवं ब्रह्म समाज राजा राममोहन राय को भारतीय नवजागरण का अग्रदूत कहा जाता है। इनका जन्म 22 मई, 1772 को बंगाल के हुगली जिले मेँ स्थित राधानगर मेँ हुआ था। राजा राममोहन राय पहले भारतीय थे जिन्होंने ने सर्वप्रथम भारतीय समाज मेँ व्याप्त […]

भारतीय रियासतें, एकीकरण एवं विलय:The Princely States, Integration And Merger
  • September 26, 2017

भारतीय रियासतें, एकीकरण एवं विलय प्रस्तावना भारतीय रियासतों की संख्या 562 थी तथा इनके अंतर्गत 7,12,508 वर्ग मील का क्षेत्र था। ये रियासतें भारतीय प्रायद्वीप के अल्प उर्वर एवं दुर्गम प्रदेशों में स्थित थीं। ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने विजय अभियान में महत्वपूर्ण तटीय क्षेत्रों, बड़ी-बड़ी नदी घाटियों- जो कि नौ-परिवहन की दृष्टि से अत्यंत […]

भारत में प्रेस का विकास
  • September 16, 2017

प्रस्तावना भारत का पहला समाचार-पत्र जेम्स आगस्टस हिक्की ने 1780 में प्रकाशित किया, जिसका नाम था द बंगाल गजट या कलकत्ता जनरल एडवरटाइजर। प्रारंभिक व्यवस्थायें समाचार पत्रों का पत्रेक्षण अघिनियम, 1799 The censorship of press act, 1799 फ्रांसीसी आक्रमण के भय से लार्ड वेलेजली ने इसे लागू किया तथा सभी समाचार-पत्रों पर सेंसर लगा दिया। […]

श्रमिक विधान का विकास: Development of labor legislation
  • September 1, 2017

प्रस्तावना 19वीं शताब्दी में यूरोप में हुये औद्योगीकरण के परिप्रेक्ष्य में, भारत में इस अवधि में विभिन्न कारखानों एवं बागानों में कार्य की दशायें अत्यंत दयनीय थीं। कार्य के घंटे काफी-लंबे थे तथा पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं एवं बच्चों को भी काफी लंबे समय तक काम करना पड़ता था। इन मजदूरों का वेतन भी काफी […]

कांग्रेस के गठन से पूर्व की राजनीतिक संस्थायें
  • July 26, 2017

Click on the Link to Download Political Institutions Before The Formation Of The Congress PDF प्रस्तावना 19वीं शताब्दी के पूर्वाध में भारत में जिन राजनीतिक संस्थाओं की स्थापना हुयी उनका नेतृत्व मुख्यतः समृद्ध एवं प्रभावशाली वर्ग द्वारा किया गया। इन संस्थाओं का स्वरूप स्थानीय या क्षेत्रीय था। इन्होंने विभिन्न याचिकाओं एवं प्रार्थना-पत्रों के माध्यम से […]

माउंटबैटन योजना, 3 जून 1947
  • March 7, 2017

Click on the Link to Download माउंटबैटन योजना PDF प्रस्तावना 1947 के प्रारंभ में साम्प्रदायिक दंगों की आग में झुलस रहे देश तथा कांग्रेस एवं लीग के मध्य बढ़ते गतिरोध के कारण भारतीय राष्ट्रवादी विभाजन के उस दुखद एवं ऐतिहासिक निर्णय के संबंध में सोचने को विवश हो गये, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं […]


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