संवैधानिक निकाय : निर्वाचन आयोग

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संवैधानिक निकाय : निर्वाचन आयोग

निर्वाचन आयोग

    देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए संविधान में एक निर्वाचन आयोग की स्थापना की है. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार संसद, राज्य विधानमंडल, राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति के पद के निर्वाचन के लिए संचालन, निर्देशन व नियंत्रण की जिम्मेवारी चुनाव आयोग की होगी.

संरचना
भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार निर्वाचन आयोग के संबंध में निम्नलिखित उपबंध है–

  • निर्वाचन आयोग मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य आयुक्तों से मिलकर बना होता है.(प्रारंभ से ही यह उपबंध था कि आयोग में एक से अधिक आयुक्त हो सकते हैं किंतु 1989 तक आयोग में केवल एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त होते थे. 1989 के उपरांत मुख्य निर्वाचन आयुक्त के अतिरिक्त अन्य आयुक्त को नियुक्त किया गया.वर्तमान में निर्वाचन आयोग में एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्त होते हैं.)
  • मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है.
  • राष्ट्रपति, निर्वाचन आयोग की सलाह पर प्रादेशिक आयुक्तों की नियुक्ति कर सकता है, जिसे वह निर्वाचन आयोग की सहायता के लिए आवश्यक समझे. इनकी सेवा की शर्तें वह पदावधि राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित की जाती है.

कार्यकाल

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक जो पहले हो, तक होता है. वे किसी भी समय त्यागपत्र दे सकते हैं या उन्हें कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व भी हटाया जा सकता है.(मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से या उन्हीं आधारों पर ही हटाया जा सकता है, जिस रीति व आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाया जाता है.)

आयोग के कार्य
आयोग के निम्नलिखित कार्य हैं –

  • निर्वाचक नामावली तैयार करना.
  • निर्वाचनों का संचालन करना.
  • मतगणना और परिणामों की घोषणा करना.
  • राष्ट्रपति को इस प्रश्न के बारे में सलाह देना कि क्या कोई संसद सदस्य या राज्य विधानमंडल का सदस्य किसी निरर्हता से ग्रस्त हो गया है.
  • राष्ट्रपति को प्रादेशिक आयुक्त की नियुक्ति के लिए सलाह देना.

आयोग की स्वतंत्रता

  • निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत नहीं होती.
  • निर्वाचन आयुक्त को उन्हीं आधारों पर और उसी रीति से हटाया जा सकता है जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को लागू होते हैं.
  • आयुक्त की सेवा की शर्तों में उसकी नियुक्ति के पश्चात उसके लिए अलाभकारी परिवर्तन नहीं किया जाएगा.
  • किसी निर्वाचन आयुक्त या प्रादेशिक आयुक्त को अपने पद से मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना नहीं हटाया जाएगा.
  • संघ और राज्य सरकारें आयोग को अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए आवश्यक कर्मचारी उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है.

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Exam Name Exam Date
IBPS PO, 2017 7,8,13,14 OCTOBER
UPSC MAINS 28 OCTOBER(5 DAYS)
CDS 19 june - 4 FEB 2018
NDA 22 APRIL 2018
UPSC PRE 2018 3 JUNE 2018
CAPF 12 AUG 2018
UPSC MAINS 2018 1 OCT 18(5 DAYS)


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