प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र

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प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र

  • admin
  • November 23, 2017



सन्दर्भ

    केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र (पीएमएमएसके) के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। सरकार देश के 115 सबसे पिछड़े जिलों तक पहुंचने की योजना बना रही है, जिसमें 920 महिला शक्ति केंद्र हैं।

महिला शक्ति केंद्र क्या है ?

    यहाँ कौशल विकास, रोजगार, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य और पोषण के अवसरों के साथ सामुदायिक भागीदारी के माध्‍यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्‍त बनाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि एक ऐसे परिवेश का निर्माण किया जा सके जिसमें महिलाएँ अपनी पूर्ण क्षमता का उपयोग कर सकें।

विशेषताएँ

  • घटते हुए लिंगानुपात में सुधार करना।
  • नवजात कन्‍या की उत्तरजीविता और सुरक्षा को सुनिश्चित करना।
  • उसकी शिक्षा को सुनिश्चित करना और उसकी क्षमता को पूर्ण करने के लिये उसे सशक्‍त बनाना।
  • ग्रामीण महिलाओं को उनके अधिकारों हेतु सरकार से संपर्क करने के लिये इंटरफेस प्रदान करना।
  • प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के माध्‍यम से उन्‍हें सशक्‍त बनाना।
  • स्‍वेच्‍छाकर्मी विद्यार्थी, स्‍वैच्छिक सामुदायिक सेवा और लैंगिक समानता की भावना को प्रोत्‍साहित करना।

कार्य

  • प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र नई स्‍कीम की परिकल्‍पना विभिन्‍न स्‍तरों पर कार्य करने के लिये की गई है।
  • राष्‍ट्र स्‍तरीय (क्षेत्र आधारित ज्ञान सहायता) और राज्‍य स्‍तरीय (महिलाओं के लिये राज्य संसाधन केंद्र) संरचनाएँ महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर संबंधित सरकार को तकनीकी सहायता प्रदान करेगी।
  • जिला और ब्लॉक-स्‍तरीय केंद्र महिला शक्ति केंद्र को सहायता प्रदान करेंगे।
  • साथ ही यह चरणबद्ध तरीके से कवर किये जाने वाले 640 ज़िलों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना को भी आधार प्रदान करेंगे।
  • स्‍वेच्‍छाकर्मी विद्यार्थियों के माध्‍यम से सामुदायिक सेवा की परिकल्‍पना प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र खंड-स्‍तरीय पहलों के रूप में 115 अत्‍यधिक पिछड़े ज़िलों के रूप में परिकल्पित की गई है।
  • स्‍वेच्‍छाकर्मी विद्यार्थी विभिन्‍न महत्त्वपूर्ण सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों के बारे में जागरूकता सृजन करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
  • स्‍वेच्‍छाकर्मी विद्यार्थियों के कार्यकलापों पर आधारित प्रमाण को वैब आधारित प्रणाली के माध्‍यम से मॉनीटर किया जाएगा।
  • कार्य समाप्ति पर सामुदायिक सेवा के प्रमाण-पत्रों को सत्‍यापन के लिये राष्‍ट्रीय पोर्टल पर दर्शाया जाएगा और प्रतिभागी विद्यार्थी भविष्‍य में इन्‍हें अपने संसाधन के रूप में उपयोग कर सकते हैं।

COMMENTS (1 Comment)

Devesh Kumar Pandey Dec 21, 2017

Sie sociology optional

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