समसामयिकी मार्च : CURRENT AFFAIRS MARCH:25-31

  • Home
  • समसामयिकी मार्च : CURRENT AFFAIRS MARCH:25-31

समसामयिकी मार्च : CURRENT AFFAIRS MARCH:25-31

जल क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और बवेरिया करेंगे संयुक्‍त दल का गठन:

  • केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने जल क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए भारत और बवेरिया के बीच संयुक्‍त दल के गठन का सुझाव दिया है। सुश्री भारती ने यह सुझाव उस समय दिया जब जर्मनी के बवेरिया प्रांत की पर्यावरण मंत्री उलरिक शाफ नई दिल्‍ली में उनसे मिलीं। दोनों नेताओं ने जल संसाधन क्षेत्र में पारस्‍परिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया।
  • भारती ने कहा कि जर्मनी की डेन्‍यूब नदी की सफाई के बारे में बवेरिया प्रांत का बहुत अच्‍छा अनुभव है और भारत गंगा संरक्षण कार्यक्रम में उसके इस अनुभव का लाभ उठा सकता है। मंत्री महोदया ने बवेरिया की मंत्री को भारत के न‍मामि गंगे कार्यक्रम की विस्‍तृत जानकारी देते हुए इस कार्यक्रम में बवेरिया के सहयोग की अपील की।
  • केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के प्रयासों की सराहना करते हुए बवेरिया की मंत्री ने कहा कि बवेरिया और भारत जल संसाधन के क्षेत्र में अपने अनुभवों और ज्ञान का आदान प्रदान करेंगे।

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री ने ब्रेक्सिट पत्र पर हस्ताक्षर किए:

  • ब्रिटेन की प्रधानंत्री थेरेसा में ने 28 मार्च 2017 को ऐतिहासिक ब्रेक्सिट विधेयक पर अपने हस्ताक्षर करके यूरोपियन संघ से ब्रिटेन के अलग होने का मार्ग प्रशस्त कर दिया। इससे पहले थेरेसा मे ने जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, यूरोपीय संघ के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क, यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जीन क्लॉड जंकर से फोन पर बात की। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि इन फोन कॉल का उद्देश्य यूरोपीय संघ (ईयू) से ब्रिटेन के अलग होने के लिए अधिसूचना पत्र देने से पहले उन्हें पूर्ण जानकारी देना था।
  • इन फोन कॉल के बाद थेरेसा मे ने अनुच्छेद 50 की अधिसूचना पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत ब्रिटेन की यूरोपीय संघ से बाहर निकलने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई।

स्कॉटिश सांसदो ने ब्रिटेन से निकलने के लिए जनमत संग्रह के पक्ष में वोट डाला:

  • स्कॉटलैंड की संसद में ब्रिटेन से अलग होने के लिए दूसरी बार जनमत संग्रह कराने के लिए वोटिंग प्रक्रिया हुई जिसमें सदस्यों के बहुमत ने जनमत संग्रह के पक्ष में वोट दिया जिसके बाद संसद के फर्स्ट मिनिस्टर निकोला स्टरजीन को जनमत संग्रह का मामला ब्रिटिश अधिकारियों के सामने उठाने का संसदीय विकल्प मिल गया। स्कॉटिश संसद के 69 सदस्यों ने ब्रिटेन से जुदाई के लिए जनमत संग्रह कराने के पक्ष में वोट दिया जबकि 59 ने इसका विरोध किया।
  • स्कॉटिश संसद की ओर से जनमत संग्रह के पक्ष में वोट आने के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री थरेसामे के लिए अधिक मुश्किलें खड़ी हो गईं जो देश को एकजुट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्होंने स्कॉटिश सांसदों से इस संबंध में वोट से पहले आवेदन किया था कि वह सोच समझ कर फैसला करे।
  • स्कॉटिश संसद की फर्स्ट मिनिस्टर निकोल स्टरजीन का कहना है कि उम्मीद है कि ब्रिटिश सरकार स्कॉटिश संसद की इच्छा का सम्मान करेगी और अगर ऐसा किया गया तो अच्छे तरीके से सुलह प्रक्रिया पर बातचीत हो सकती है।
  • गौरतलब है कि स्कॉटिश संसद जनमत संग्रह के पक्ष में वोट आने के बाद निकोल स्टरजीन को अभी भी ब्रिटेन से अलग होने के लिए ब्रिटिश संसद और सरकार से जनमत संग्रह के लिए अनुमति लेना होगी लेकिन ब्रिटिश प्रधानमंत्री थरेसामे पहले ही कह चुकी हैं कि यह समय जनमत संग्रह का नहीं है।

एकीकृत स्वचालित विमानन मौसम विज्ञान प्रणाली का आईएनएस राजाली में उद्घाटन:

  • 28 मार्च 2017 को भारतीय नौसेना स्टाफ के चीफ एडमिरल सुनील लांबा ने अब तक के पहले एकीकृत स्वचालित विमानन मौसम प्रणाली (आईएएएमएस) का उद्घाटन किया। इसका उद्घाटन आईएनएस राजाली में हुआ, जिसे अनौपचारिक रूप से तमिलनाडु में अरकोनम नेवल एयर स्टेशन के रूप में जाना जाता है।
  • नौ नौसेना वायु स्टेशनों (एनएएस) के मौसम संबंधी बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करने के लिए बनाया गया आईएएएमएस भारतीय नौसेना की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। स्टेट ऑफ़ द आर्ट मौसम संबंधी सेंसर की स्थिति से लैस – रडार वर्टिकल विंड प्रोफाइलर, ट्रांसमीसिमीटर, सीईओलोमीटर और स्वचालित मौसम निरीक्षण प्रणाली से सुसज्जित IAAMS प्रासंगिक मौसम पैरामीटर की स्वचालित और निरंतर रिकॉर्डिंग करता है जो सटीक मौसम पूर्वानुमान के लिए महत्वपूर्ण हैं।

बिजली उत्पादन में सरकार की बड़ी उपलब्धि, पहली बार भारत नेट आयातक से नेट निर्यातक बना:

  • देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि भारत बिजली के नेट आयात से नेट निर्यातक बना है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक मौजूदा वित्तवर्ष 2016-17 में फरवरी अंत तक भारत ने करीब 580 करोड़ यूनिट बिजली का एक्सपोर्ट किया है जो आयात हुई कुल 558.5 करोड़ यूनिट से करीब 21.3 करोड़ यूनिट अधिक है, भारत में भूटान से बिजली का आयात होता है।
  • ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक बिजली का निर्यात नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार को किया गया है, 2016-17 के दौरान नेपाल को बिजली निर्यात में 2.5 गुना और बांग्लादेश को 2.8 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक पड़ौसी देशों के साथ बिजली निर्यात के लिए आने वाले दिनों में और भी करार होने हैं और आगे चलकर बिजली निर्यात में और भी बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

घरेलू श्रमिकों के लिए राष्ट्रीय नीति का मसौदा:

    घरेलू श्रमिकों के लिए एक मसौदा राष्ट्रीय नीति सरकार के विचाराधीन है। इस पॉलिसी की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • मौजूदा कानूनों में घरेलू श्रमिकों को शामिल करना। घरेलू श्रमिकों को राज्य श्रम विभाग के साथ श्रमिक के रूप में पंजीकरण करने का अधिकार होगा।
  • इस तरह के पंजीकरण से उन्हें श्रमिकों के रूप में अर्जित अधिकारों एवं लाभों तक पहुंच की सुविधा मिल जाएगी। उन्हें स्वयं के संघों, ट्रेड यूनियन बनाने का अधिकार मिलेगा।
  • न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच, दुरुपयोग, उत्पीड़न, हिंसा से सुरक्षा का अधिकार।
  • अपने व्यावसायिक कौशल को बढ़ाने का अधिकार। दुर्व्यवहार और शोषण से घरेलू श्रमिकों का संरक्षण, जिन्हें विदेश में काम करने के लिए भर्ती किया जाता है।
  • घरेलू श्रमिकों को कोर्ट, ट्रिब्यूनल आदि तक पहुंच बनाना। प्लेसमेंट एजेंसियों के नियमन के लिए एक तंत्र की स्थापना।

ऑनलाइन फिल्म सर्टिफिकेशन ‘ई-सिनेप्रमाण’ की शुरूआत हुई:

  • केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए आज ऑनलाइन फिल्म प्रमाणन प्रणाली ‘ई-सिनेप्रमाण’की शुरूआत की गयी।
  • सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने ई सिनेप्रमाण की शुरूआत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कामकाज को आसान बनाने और डिजिटल इंडिया के स्वप्न को पूरा करने की दिशा में ऑनलाइन फिल्म प्रमाणन प्रणाली से फिल्म को सेंसर प्रमाणपत्र देने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनेगी।
  • उन्होंने कहा कि फिल्म प्रमाणन प्रणाली को ऑनलाइन करने का मकसद कामकाज में व्यक्तियों की जरूरत को कम से कम करना है। इससे सीफीएफसी का कार्यालय में कागज का इस्तेमाल बंद होगा और सीबीएफसी के अधिकारियों और आवेदक फिल्म निर्माताओं के बीच फिल्म के प्रमाणन के लिए होने वाली पूरी प्रक्रिया की प्रगति पर निगाह रखी जा सकेगी।

कर्मचारी मुआवजा विधेयक पर संसद की मुहर:

  • रेलवे, जहाजरानी, खनन और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में दुर्घटनाग्रस्त होने वाले कर्मचारियों और उनके परिजनों को नियोक्ताओं द्वारा अनिवार्य मुआवजे का प्रावधान करने वाले कर्मचारी मुआवजा (संशोधन) विधेयक 2016 पर 22 मार्च 2017 को संसद की मुहर लग गई। राज्यसभा ने संबंधित विधेयक पर संक्षिप्त चर्चा के बाद ध्वनिमत से इसे मंजूरी दे दी। इसके साथ इस पर संसद की मुहर लग गई।
  • लोकसभा इसे पहले ही नौ अगस्त 2016 में पारित कर चुकी है। लगभग एक घंटे तक चली चर्चा के बाद श्रम एवं रोजगार मंत्री बंडारु दत्तात्रेय ने कहा कि इससे कर्मचारियों की सुरक्षा में इजाफा होगा। दुर्घटनाग्रस्त होने पर कर्मचारियों और उनके परिजनों का जीवन पूर्व की भांति चल सकेगा। कर्मचारियों को कार्यस्थलों पर होने वाली बीमारी से प्रभावित होने की स्थिति में मुआवजा मिल सकेगा।
  • मुआवजा कम से कम दस हजार रुपए होगा। केंद्र सरकार इस राशि को बढा सकती है। मृत्यु की स्थिति में कम से तीन लाख 97 हजार रुपए का मुआवजा कर्मचारी को देना होगा। विधेयक के अनुसार मुआवजे के संबंध में सूचना देना नियोक्ता का कर्तव्य होगा और इसमें विफल होने पर उसे 50 हजार रुपए से एक लाख रुपए तक का जुर्माना देना होगा। कर्मचारी को सूचना अंग्रेजी, हिन्दी और एक सरकारी कामकाज की भाषा में देनी होगी।
  • विधेयक में प्रावधान है कि मुआवजे के संबंध में किसी विवाद की स्थिति में श्रम आयुक्त और इसके बाद उच्च न्यायालय में अपील की जा सकेगी। हालांकि विवादित राशि कम से कम 300 रुपए होनी चाहिए।

सीबीईसी का नाम बदलकर सीबीआईसी होगा:

  • देश में अप्रत्यक्ष कर की नई व्यवस्था वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ते हुये सरकार केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीईसी) का नाम बदलकर केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) करने जा रही है। जीएसटी एक जुलाई 2017 से लागू किया जाना है।
  • विधायी मंजूरी मिलने के बाद केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) का नाम बदलकर केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) किया जा रहा है। सीबीआईसी अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों, निदेशालयों के काम का निरीक्षण करेगी और सरकार को जीएसटी के मामले में नीति बनाने में सहायता करेगी। इसके साथ ही वह केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क लगाने संबंधी अपने काम को भी जारी रखेगा।
  • वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी क्रियान्वयन के सिलसिले में सीबीईसी के सभी जमीनी स्तर पर काम करने वाले प्रतिष्ठानों के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। वक्तव्य के अनुसार सीबीईसी के तहत वर्तमान में केन्द्रीय उत्पाद और सेवाकर के जितने भी प्रतिष्ठान हैं उनका पुनर्गठन कर उन्हें जीएसटी कानून के प्रावधानों को लागू करने के लिये तैयार किया जा रहा है।
  • नये नाम वाले वस्तु एवं सेवाकर महानिदेशालय को मजबूत बनाया जा रहा है और इसका विस्तार किया जा रहा है ताकि कर चोरी रोकने और कालेधन के खिलाफ सरकार की लड़ाई में इसे एक महत्वपूर्ण विभाग बनाया जा सके।

उत्तराखंड स्वास्थ्य प्रणाली के लिए विश्व बैंक के साथ वित्तपोषण समझौता:

  • उत्तराखंड स्वास्थ्य सिस्टम विकास परियोजना के वित्तपोषण के लिए 25 मार्च 2017 को विश्व बैंक के साथ 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर (समतुल्य) के आईडीए क्रेडिट संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
  • वित्त बैंकिंग समझौते पर भारत सरकार की ओर से आर्थिक मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव राज कुमार और विश्व बैंक की ओर से विश्व बैंक (भारत) के निदेशक हिशम अब्दा ने हस्ताक्षर किए। इसके अलावा एक परियोजना करार पर उत्तराखंड सरकार के अतिरिक्त सचिव (स्वास्थ्य) नीरज खरवाल और हिशम अब्दा ने हस्ताक्षर किए।
  • परियोजना का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार करना है। विशेष रूप से राज्य के पहाड़ी जिलों में और राज्य के निवासियों के लिए स्वास्थ्य वित्तीय जोखिम संरक्षण का विस्तार करना।
  • इस परियोजना से विशेष रूप से पहाड़ी जिलों के निवासियों को फायदा होगा। परियोजना के दो मुख्य घटक हैं, (i) निजी क्षेत्र को आकर्षक बनाने संबंधित नवाचार और (ii) नेतृत्व और प्रणाली में सुधार। 12.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की परियोजना के लिए 2.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर राज्य सरकार देगी।

शिवाजी मेमोरियल की ऊंचाई 192 मीटर से बढ़कर 210 मीटर की जाएगी:

  • महाराष्ट्र सरकार शिवाजी मेमोरियल की ऊंचाई को अब 192 मीटर से बढ़ाकर 210 मीटर तक करना चाहती है। ऐसा होने के बाद यह चीन की सबसे ऊंची बुद्ध की प्रतिमा का रिकॉर्ड तोड़ देगी। राज्य सरकार ने इसके लिए केंद्र के पास प्रस्ताव भेज दिया है ताकि पर्यावरण संबंधी इजाजत मिल सके। बता दें कि स्प्रिंग चीन में स्थित स्प्रिंग टेंपल में बुद्ध की विशालकाय प्रतिमा लगी हुई है।
  • चीन के लूशान काउंटी में स्थित मंदिर में बुद्ध की प्रतिमा के सबसे ऊंची होने का दावा किया जाता है। चीन की बुद्ध प्रतिमा पहाड़ों पर बनी हुई है जो 2008 में बनकर तैयार हुई थी। इस प्रतिमा की मूल ऊंचाई 153 मीटर है लेकिन बाद में जिस पहाड़ी पर ये प्रतिमा है उसे फिर से बनाया गया जिसके बाद इस प्रतिमा की ऊंचाई 210 मीटर हो गई।
  • बता दें कि राज्य सरकार ने शिवाजी मेमोरियल के लिए 3600 करोड़ रुपए का बजट रखा है। पहले चरण में 2,500 करोड़ खर्च करने की बात कही गई थी। उसके लिए टेंडर मंगवाने शुरू भी कर दिए गए हैं। मेमोरियल पर खर्च होने वाले पैसों में से 1200 करोड़ रुपए तो सिर्फ शिवाजी की प्रतिमा बनाने में लगेंगे। जिसे मंबई के वातारण के हिसाब से कांस्य और कई मिश्र धातु का इस्तेमाल करके बनाया जाएगा। काम के लिए 36 महीने की डेडलाइन रखी गई है। काम साल के अंत तक शुरू हो जाएगा।
  • आपको बता दें कि विश्व की सबसे ऊंची छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा मुंबई में समुद्र के बीच स्‍थापित होने वाली है। जिसे नोएडा के पद्म विभूषण मूर्तिकार राम वी. सुतार बनाएंगे। इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं।

नफरत फैलाने वाले बयान पर दंडात्मक कानून चाहता है विधि आयोग:

  • हिंसा के लिए उकसाना ही घृणा फैलाने वाले बयान को तय करने का एक मात्र मापदंड नहीं हो सकता। यह बात विधि आयोग ने कही है और अनुशंसा की है कि भय और घृणा उत्पन्न करने के प्रयास को भी इसके दायरे में लाया जाना चाहिए।
  • विधि आयोग ने कहा कि अगर किसी बयान से हिंसा नहीं भड़कती है, लेकिन इसमें समाज के एक तबके को हाशिए पर भेजने की संभावना रहती है तो उसे नफरत फैलाने वाला माना जाना चाहिए। इसके साथ ही आयोग ने घृणास्पद बयान रोकने के लिए कानूनी प्रावधान में विस्तार करने की मांग की।
  • कानून मंत्रालय को सौंपे गए ‘नफरत फैलाने वाले बयान’ रिपोर्ट में विधि आयोग ने कहा कि भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों में संशोधन करने की जरूरत है ताकि ‘नफरत फैलाने पर रोक’ और ‘कुछ मामलों में भय, बेचैनी या हिंसा के लिए उकसाने’ के प्रावधानों को जोड़ा जा सके।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंसा के लिए उकसाने को ही नफरत फैलाने वाले बयान के लिए एकमात्र मापदंड नहीं माना जा सकता। ऐसे बयान जो हिंसा नहीं फैलाते हैं उनमें भी समाज के एक हिस्से या किसी व्यक्ति को हाशिए पर धकेलने की संभावना होती है।

अर्थ ऑवर डे: 25 मार्च

  • 25 मार्च को विश्व भर में बिजली बचाओ आयोजन के रूप में मनाया जाने वाला अर्थ आवर डे है। 25 मार्च 2017 को पूरी दुनिया अर्थ आवर डे की दसवीं सालगिरह मना रही है। इसमें रात 8:30 से 9:30 बजे तक सारी लाइटें ऑफ करके बिजली बचाने का संदेश दिया जाएगा।
  • अर्थ आवर डे अभियान का उद्देश्य सिर्फ बिजली बचाने के लिए नहीं बल्कि हमारे पूरे पर्यावरण के लिए लोगों को सजग करना है। अर्थ आवर डे की शुरुआत वर्ल्ड वाइड फण्ड फॉर नेचर (wwf) द्वारा शुरू किया गया था। पहली बार इसे साल 2007 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में मनाया गया। इसमें लोगों से सारी लाइटें 60 मिनट के लिए बंद करने की अपील की गई।

नौसेना ने सतह से हवा में मार करने वाली बराक मिसाइल का विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य से पहला सफल परीक्षण किया:

  • नौसेना ने सतह से हवा में मार करने वाली बराक मिसाइल प्रणाली का अपने विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य से पहला सफल परीक्षण किया है। अरब सागर में किए गए परीक्षण में मिसाइल से कम उंचाई पर उच्च गति से उड़ान भर रही एक वस्तु को निशाना बनाया गया। लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेद दिया गया।
  • पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल गिरीश लुथरा के ‘ऑपरेशन रेडीनेस इंसपेक्शन’ के तहत 21 से 23 मार्च के बीच यह लक्ष्य भेदन किया गया। मिसाइल ने हवा में रोकने की काबिलियत और सुरक्षा क्षमताओं में बढोत्तरी के मामले में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

नौसेना को डीआरडीओ से तीन नौसेना प्रणालियां मिली:

  • रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित, तीन नौसेना प्रणालियों को भारतीय नौसेना सौंपा। भारतीय नौसेना को दी गई नौसेना प्रणाली में, USHUS-II पनडुब्बीय सोनार, पतवार घुड़सवार सोनार सरणी के लिए गियर निर्देशन और जहाज अनुप्रयोगों के लिए जरूरी नेविगेशन प्रणाली हैं। सोनार्स पानी पर या पानी के नीचे वस्तुओं का पता लगाता है और नवीनतम सिस्टम से नौसेना के नेविगेशन और संचार नेटवर्क को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने की उम्मीद है।
  • डीआरडीओ की फुल फॉर्म रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation) है। डीआरडीओ का मुख्यालय नई दिल्ली में है। डीआरडीओ की स्थापना 1958 में हुई थी। डीआरडीओ के चेयरमैन एस क्रिस्टोफर हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने धरोहरों की रक्षा के लिए प्रस्ताव पारित किया:

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने वैश्विक सांस्कृतिक धरोहर स्थलों पर सशस्त्र संघर्षों के खतरे के मद्देनजर इनकी सुरक्षा मजबूत करने का प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि अवैध तोड़ फोड़ करने वाले अपराधियों को युद्ध अपराधों के मामले में अभियुक्त बनाया जा सकता है।
  • अफगानिस्तान में बामियान बुद्ध से लेकर टिम्बकटु के प्राचीन तीर्थस्थलों तक विश्व के महान विरासत स्थलों पर हालिया वर्षों में जानबूझकर कई हमले किए गए हैं। सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में सुरक्षा परिषद ने सांस्कृतिक धरोहर स्थलों की व्यवस्थित रक्षा की अपील की है। प्रस्ताव में हर संघर्ष क्षेत्र में ऐतिहासिक स्मारकों एवं स्थलों की रक्षा करने की अपील की गई है, फिर भले ही वे कहीं भी स्थित हों और हमले का प्रकार भले ही तोड़-फोड़ हो, चोरी हो या तस्करी हो।
  • इसमें कहा गया है, ‘‘धर्म, शिक्षा, कला, विज्ञान एवं धर्मार्थ कार्यों के लिए बनी इमारतों एवं स्थलों या ऐतिहासिक स्मारकों पर अवैध हमले निश्चित परिस्थितियों में और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार युद्ध अपराध के बराबर हो सकते हैं और इस प्रकार के हमलों के अपराधियों को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।’’

सिक्किम विधानसभा में जनजातियों के लिए पांच अतिरिक्‍त सीटें आरक्षित करने संबंधी प्रस्‍ताव को केंद्रीय जनजाति आयोग की मंजूरी:

  • केंद्रीय जनजाति आयोग की 24 मार्च 2017 को नई दिल्‍ली में हुई पूर्ण बैठक में सिक्किम विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीटों की संख्‍या 12 से बढाकर 17 करने संबंधित गृह मंत्रालय के प्रस्‍ताव को मंजूरी देने समेत कई महत्‍वपूर्ण फैसले किये गये। सिक्किम विधानसभा में इस समय 32 सदस्‍य हैं जिसे बढाकर 40 किया जाना है। बढ़ाई जाने वाली आठ में से पांच सीटें लिम्‍बू एवं तमांग जनजातियों के लिए आरक्षित होंगी।
  • आयोग ने यह भी फैसला किया कि जनजातियों पर होने वाले अत्‍याचारों के मामलों की मौके पर जांच के लिए तीन सदस्‍यीय उच्‍च स्‍तरीय जांच दल भेजेगा, जो मामलों की जांच कर आयोग को अपनी रिपोर्ट प्रस्‍तुत करेगा। आयोग ने फैसला किया कि सभी राज्‍यों को पत्र भेजकर यह जानकारी एकत्र की जाये कि उनके यहां जन‍जाति कल्‍याण कार्यक्रमों की ताजा स्थिति क्‍या है।
  • राज्‍यों से यह भी कहा जाएगा कि वे अपने यहां गठित आदिम जाति मंत्रणा परिषद की गतिविधियों की भी पूरी जानकारी दें। साथ ही राज्‍यों से यह भी अनुरोध किया जायेगा कि वे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर केंद्रीय जनजाति आयोग का लिंक भी उपलब्‍ध कराए, ताकि लोगों को आयेाग की गतिविधियों की जानकारी प्राप्‍त हो सके।

नौवीं गोरखाओं की पहली बटालियन ने 200 साल पूरे किये:

  • नौवीं गोरखाओं की पहली बटालियन जिसे वर्ष 1817 में अंग्रेजों ने ‘फतेहगढ़ लेवी’ के रूप में बनाया था, ने सिकंदराबाद में 16 मार्च, 2017 को अपनी स्थापना के 200 साल पूरे किये।
  • नौवीं गोरखा राइफल्स को एक अनूठा सम्मान प्राप्त है कि कर्तव्य की पंक्ति में असाधारण प्रदर्शन के लिए सेना के स्टाफ के चीफ ने इसकी सभी बटालियनों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।
  • 200 वर्षों के इसके इतिहास में इस रेजिमेंट को तीन विक्टोरिया क्रॉस, पांच महावीर चक्र और सत्रह वीर चक्र से सम्मानित किया गया है। अफगानिस्तान, फ्रांस और फ्लैंडर्स, मेसोपोटामिया, उत्तरी अफ्रीका, चिंदित, बर्मा, फिलोरा, कुमर्कहल्ली, डेरा बाबा नानक और जम्मू और कश्मीर में भी रेजिमेंट के कुछ युद्ध सम्मान हैं।

मार्स एग्जोस्फेयर सुप्राथर्मल आर्गन का निरीक्षण:

  • भारत द्वारा शुरू किये गए पहले इंटरप्लानेटरी मिशन की मूल रूप से केवल छह महीनों के लिए मंगल ग्रह के आसपास की कक्षा में होने की कल्पना की गयी थी। इसरो के वैज्ञानिकों ने मंगल ऑर्बिटर मिशन को अनिश्चित काल तक विस्तारित करने के लिए अपने तकनीकी कौशल का इस्तेमाल किया है, और अंतरिक्ष यान द्वारा वैज्ञानिक टिप्पणियों का निरीक्षण जारी है।
  • मंगल ऑर्बिटर मिशन ने लाल ग्रह के ऊपरी वायुमंडल में सुपरहॉट आर्गन की खोज की है, यह खोज ऊपरी मंगल ग्रह के वातावरण में ऊर्जा के जमाव की ओर इशारा करती है। और यह खोज इस बात को समझने में एक महत्वपूर्ण कदम है कि मंगल ग्रह के वातावरण एस्केप रेट की दर पहले की तुलना में अधिक क्यों है।
  • मंगल ऑर्बिटर मिशन पर स्थित एक प्रायोगिक पेलोड, जिसे मार्स एक्सोस्फ़ेरिक न्यूट्रल कम्पोजीशन एनालाइजर (एमईएनसीए) के रूप में जाना जाता है, ने यह खोज की है। एमईएनसीए एक मास स्पेक्ट्रोमीटर है, जो तिरुवनंतपुरम में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के स्पेस फिजिक्स प्रयोगशाला द्वारा विकसित की गई है।

COMMENTS (No Comments)

LEAVE A COMMENT

Search


Exam Name Exam Date
IBPS PO, 2017 7,8,13,14 OCTOBER
UPSC MAINS 28 OCTOBER(5 DAYS)
CDS 19 june - 4 FEB 2018
NDA 22 APRIL 2018
UPSC PRE 2018 3 JUNE 2018
CAPF 12 AUG 2018
UPSC MAINS 2018 1 OCT 18(5 DAYS)


Subscribe to Posts via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.