आईएनएलसीयू एल-51 जहाज, नौसेना में शामिल

  • Home
  • आईएनएलसीयू एल-51 जहाज, नौसेना में शामिल

आईएनएलसीयू एल-51 जहाज, नौसेना में शामिल

नौसेना के नवीनतम जहाज आईएनएलसीयू एल-51 को बेड़े में शामिल किया गया:

  • अंडमान और निकोबार नौसेना कमान के कमांडर वाइस एडमिरल बिमल वर्मा, एवीएसएम ने आईएनएलसीयू एल-51 (INCLU- Indian Navy inducts surveillance ship) को 28 मार्च, 2017 को पोर्ट ब्लेयर में राष्ट्र को समर्पित किया। समारोह में वारशिप प्रोड्क्शन एंड एक्विजिशन के नियंत्रक वाइस एडमिरल दिलिप देशपांडे, रियल एडमिरल वी.के. सक्सेना (अवकाश प्राप्त), जीआरएसई के सीएमडी तथा भारतीय नौसेना के आला अधिकारी भी उपस्थित थे।
  • आईएनएलसीयू एल-51, एलसीयू एमके IV श्रेणी के आठ पोतों में से पहला है। इसे मेसर्स गार्डन रीच शिप बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड, कोलकाता ने निर्मित किया है। यह पोत दो 30 एमएम सीआरएन-91 तोपों से सुसज्जित है, जिसे आयुध फैक्टरी मेदक ने निर्मित किया है।
  • पोत पर नियंत्रण और तेज कार्रवाई के लिए इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम और इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम भी मौजूद है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि स्वदेशी तकनीकी से बने इस जहाज को बेड़े में शामिल करने से भारत के ‘मेक इन इंडिया’ पहल में एक गौरवशाली अध्याय जुड़ेगा।

विमान की विशेषताएं:

  • 900 टन के विस्थापन के साथ यह शानदार जहाज 62.8 मीटर लंबा और 11 मीटर चौड़ा है।
  • जहाज 1840 किलोवाट रेटिंग के 2 एमटीयू डीजल इंजनों द्वारा संचालित है और 15 नॉट तक गति को प्राप्त कर सकता है।
  • इस जहाज को एम्फीबियस कार्यों में सहायता करने के लिए बनाया गया है और यह 1500 समुद्री मील तक बिना किसी परेशानी के सफर कर सकता है।
  • यह हिंद महासागर क्षेत्र में शिकार, अवैध रूप से मछली पकड़ने, मादक पदार्थ की तस्करी एवं अन्य गैर कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए तैनात बेड़े का हिस्सा होगा।
  • यह मानवतावादी सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) संचालन में अंडमान और निकोबार कमान की क्षमताओं को भी बढ़ाएगा।
  • जहाज पर मौजूद शस्त्रागार में ऑर्डनेंस फैक्ट्री, मेडक द्वारा निर्मित दो 30 मिमी सीआरएन -91 बंदूकें शामिल हैं।
  • बंदूक एक इलेक्ट्रिक डे-नाईट फायर कण्ट्रोल प्रणाली द्वारा नियंत्रित है जिसे स्टेब्लाइज़ड ऑप्ट्रोनिक पेडस्टल (एसओपी) कहा जाता है, इसका निर्माण भारत इलेक्ट्रानिक लिमिटेड (बीईएल) द्वारा किया गया।
  • जहाज में 12.7 मिमी भारी मशीन बंदूकें और 7.62 मिमी मध्यम मशीन बंदूकें भी सुसज्जित हैं।
  • इसके अलावा, शत्रुओं का शीघ्र पता लगाने के लिए जहाज स्टेट ऑफ़ आर्ट इलेक्ट्रॉनिक वारफेर सूट के साथ सुसज्जित है।
  • यह जहाज स्वचालित नियंत्रण और त्वरित कामकाज के लिए समेकित प्लेटफार्म मैनेजमेंट सिस्टम और इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम से सुसज्जित है।
  • आईएनएलसीयू एल51 की कमांड सीडीआर विश्वेश एस नाडकर्णी के पास है।

COMMENTS (No Comments)

LEAVE A COMMENT

Notice: Undefined variable: req in /var/www/html/iashindi/wp-content/themes/iashindi/single.php on line 94
/>
Notice: Undefined variable: req in /var/www/html/iashindi/wp-content/themes/iashindi/single.php on line 99
/>

Search