समसामयिकी अक्टूबर 1-7,अंतर्राष्‍ट्रीय घटनाक्रम

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समसामयिकी अक्टूबर 1-7,अंतर्राष्‍ट्रीय घटनाक्रम

संयुक्त राष्ट्र के नए महासचिव

पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री एंटोनियो गुतेरस संयुक्त राष्ट्र के नए महासचिव होंगे |

रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार
तीन विज्ञानियों को बेहद छोटी आणविक (मॉलिक्यूलर) मशीन के विकास में अनुसंधान के लिए रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। फ्रांस के जीन पियरे सावेज, ब्रिटेन के जे फ्रेजर स्टोडार्ट तथा नीदरलैंड्स के बर्नार्ड फेरिंगा का संयुक्त रूप से इस पुरस्कार के लिए चयन किया गया।

कोलंबिया के राष्ट्रपति ह्वान मानुएल सांतोस को शांति का नोबल पुरस्कार

कोलंबिया के राष्ट्रपति राष्ट्रपति ह्वान मैनुएल सांतोस को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सांतोस को सिविल वार (सरकार और विद्रोही समूह फार्क के बीच)खत्म करने में उनके सराहनीय योगदान के लिए उन्हें नोबल पुरस्कार दिया गया है। इस युद्ध में करीब 220,000 कोलंबियन नागरिकों की जान गई थी और लगभग 6 मिलियन बेघर हो गए थे। इस मौके पर नोबल कमेटी ने फार्क विद्रोहियों के साथ इनके शांति समझौते की सराहना की।

भारत तेज वृद्धि दर्ज करेगा: विश्व आर्थिक मंच

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने कहा है कि दक्षिण एशियाई क्षेत्र में भूराजनीतिक तनाव का भारत जैसी अर्थव्यवस्थाओं पर कोई प्रतिकूल असर नहीं होगा और यह तेज वृद्धि दर्ज करती रहेगी। डब्ल्यूईएफ की मुख्य अर्थशास्त्री तथा कार्यकारी समिति की सदस्य जेनिफर ब्लैंक ने कहा कि यह क्षेत्र काफी तेज वृद्धि दर्ज करता रहेगा।
ब्लैंक ने रिजर्व बैंक द्वारा को रेपो दर में कटौती पर कहा कि रिजर्व बैंक काफी अच्छा काम करता दिख रहा है। हालांकि उन्होंने इसके साथ ही जोड़ा कि विकासशील अर्थव्यवस्थाएं मौद्रिक नीति पर काफी अधिक निर्भर करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत को एक बेहतर प्रबंधित मौद्रिक प्रणाली की जरूरत है।

राफेल सौदा: रिलायंस-दसाल्ट एविएशन ने बनाई संयुक्त कंपनी

भारत-फ्रांस के 36 राफेल लड़ाकू जेट के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद संयुक्त उद्यम दसाल्ट रिलायंस एयरोस्पेस गठित की गई है।
देश में निजी रक्षा उद्योग के क्षेत्र में हुए एक बड़े सौदे के तहत अनिल अंबानी की अगुवाई वाले रिलायंस समूह तथा राफेल विनिर्माता दसाल्ट एविएशन ने संयुक्त उद्यम लगाने की घोषणा की। यह उद्यम लड़ाकू जेट सौदे के तहत 22,000 करोड़ रुपए के ‘ऑफसेट’ अनुबंध को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
‘ऑफसेट’ अनुबंध के तहत संबंधित कंपनी को सौदे की राशि का एक निश्चित प्रतिशत लगाना पड़ता है। समझौते में 50 प्रतिशत ऑफसेट बाध्यता है जो देश में अबतक का सबसे बड़ा ‘ऑफसेट’ अनुबंध है।
‘ऑफसेट’ समझौते का मुख्य बिंदु यह है कि 74 प्रतिशत भारत से आयात किया जाएगा। इसमें प्रौद्योगिकी साझेदारी की भी बात है जिस पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के साथ चर्चा हो रही है। राफेल सौदे में अन्य कंपनियां भी हैं जिसमें फ्रांस की एमबीडीए तथा थेल्स शामिल हैं। इसके अलावा सैफरान भी ऑफसेट बाध्यता का हिस्सा है। दोनों कंपनियों के संयुक्त बयान के अनुसार इन आफसेट बाध्यताओं के क्रियान्वयन में संयुक्त उद्यम कंपनी दसाल्ट रिलायंस एयरोस्पेस प्रमुख कंपनी होगी।
‘नया संयुक्त उद्यम दसाल्ट रिलायंस एयरोस्पेस मेक इन इंडिया और कुशल भारत अभियान को गति देगा। साथ ही उच्च प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण के साथ बड़े भारतीय कार्यक्रम का विकास करेगा जिससे पूरे एयरोस्पेस क्षेत्र को लाभ होगा। दसाल्ट और रिलायंस के बीच प्रस्तावित रणनीतिक भागीदारी में आईडीडीएम कार्यक्रम (स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित एवं विनिर्मित) के तहत परियोजनाओं के विकास पर जोर होगा। आईडीडीएम कार्यक्रम रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर की एक नई पहल है।

भारत और जापान के बीच परमाणु सहयोग समझौता होने की संभावना

आगामी नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे पर दोनों देशों के बीच परमाणु सहयोग समझौता होने की उम्मीद है।
दुनिया की दूसरी और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बीच परमाणु सहयोग समझौते से अमेरिकन फर्मों को फायदा होगा। भारत ने पहले ही जीई- हिटाची को न्यूक्लियर प्लांट के लिए जमीन दे चुका है। जीई- हिटाची जापान और अमेरिका की फर्मों के बीच सहयोग समझौता है। इसके अलावा तोसिबा वेस्टिंग हाउस को भी भारत ने न्यूक्लियर प्लांट के लिए जमीन दे रखी है।

विश्व बैंक के प्रमुख ने कहा- ऑटोमेशन से भारत में 69% और चीन में 77% नौकरियों पर खतरा

विश्व बैंक के एक ताजा अध्ययन के अनुसार ऑटोमेशन के कारण भारत में 69 प्रतिशत और चीन में 77 प्रतिशत नौकरियों पर खतरा है। विश्व बैंक के अनुसार टेक्नोलॉजी विकसित देशों के पारंपरिक आर्थिक विकास के प्रारूप के बुनियादी तौर पर बदल देगी।
विश्व बैंक के अनुसार “एक बच्चे की नीति इसका एक कारण हो सकती है |लेकिन असल मुद्दा ये है कि शिक्षा के परिणाम और बाल कुपोषण की स्थिति देखें तो भारत में 38.7 प्रतिशत बच्चे कुपोषित हैं यानी भारत के कामगार तबके का करीब 40 प्रतिशत ग्लोबल डिजिटल इकोनॉमी में प्रतिस्पर्धा करने के लायक नहीं होगा। जबकि चीन ने इसे काफी कम कर दिया है।” विश्व बैंक ने कहा कि भारत में सार्वजनिक स्वच्छता का अभाव भी एक कारण हो सकता है जिसकी वजह से बच्चे लगातार डायरिया के शिकार होते रहते हैं।

चीन ने तिब्बत में रोका ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी का पानी

चीन ने अपनी ‘सबसे महंगी’ पनबिजली परियोजना के निर्माण के तहत तिब्बत में ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी का प्रवाह रोक दिया है जिससे भारत में चिंता पैदा हो सकती है क्योंकि इससे नदी के निचले बहाव वाले देशों में जल का प्रवाह प्रभावित होने की आशंका है।
चीन ने तिब्बत के शिगाजे में यारलुंग झांग्बो (ब्रह्मपुत्र का तिब्बती नाम) की सहायक नदी शियाबुकू पर बन रही लाल्हो परियोजना में 4.95 अरब युआन (74 करोड़ डॉलर) का निवेश किया गया है। शिगाजे को शिगात्जे के नाम से भी जाना जाता है। यह सिक्किम से लगा हुआ है। ब्रह्मपुत्र शिगाजे से होकर अरुणाचल आती है।
चीन ने ही जल प्रवाह रोकने की आशंकाओं को दूर करते हुए कहा कि उसके बांध नदी परियोजनाओं के प्रवाह पर बने हैं जिन्हें जल रोकने के लिए नहीं बनाया गया है।
चीन की 12वीं पंचवर्षीय योजना की रूपरेखा से संकेत मिले हैं कि तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी की मुख्यधारा पर तीन और पनबिजली परियोजनाओं के कार्यान्वयन की मंजूरी दी गई है।

अफ्रीकी लोकतंत्र का मॉडल ‘केप वर्दे’ में लगातार दूसरी बार चुनाव जीते राष्ट्रपति फोंसेका

केप वर्दे के राष्ट्रपति जॉर्ज कार्लोस फोंसेका ने करीब तीन चौथाई मत हासिल कर अफ्रीकी लोकतंत्र का मॉडल कहे जाने वाले देश में भारी अंतर से जीत हासिल की है। फोंसेका ने शीर्ष पद के चुनाव में 73 प्रतिशत मत हासिल किए जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों अल्बर्टिनो ग्रासा और जोएक्विम मोंटीरो ने क्रमश: मात्र 23 और तीन प्रतिशत मत हासिल किए।

किशनगंगा विवाद: पाकिस्तान ने अदालत की मध्यस्थता मांग की

पाकिस्तान ने विश्व बैंक से अनुरोध किया है कि किशनगंगा पनबिजली परियोजना पर भारत के निर्माण पर उसकी आपत्तियों पर सुनवाई के लिए एक मध्यस्थता अदालत बनाई जाए। पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर में जलबिजली परियोजना की डिजाइन को लेकर आपत्तियां जताई हैं। उसका कहना है कि यह परियोजना दोनों देशों के बीच सिंधु जल संधि के तहत निर्धारित मानदंडों के अनुरूप नहीं हैं। हालांकि भारत ने परियोजना की डिजाइन को संधि के मानदंडों के अंतर्गत सही बताते हुए विश्व बैंक से अनुरोध किया है कि एक तटस्थ विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाए क्योंकि यह मुद्दा एक तकनीकी विषय है।
इस्लामाबाद की नए सिरे से आपत्तियों के बावजूद भारत बिजली परियोजना पर अपना काम जारी रख सकता है जिसमें 360 मेगावाट बिजली का उत्पादन होने का अनुमान है।

भारतीय नौसेना को मिलेगी 22 विंध्वंसक हारपून मिसाइलें
अमेरिकी रक्षा विभाग ने अमेरिकी रक्षा कंपनी बोइंग को 81 मिलियन डॉलर का कॉन्ट्रै क्टश सौंपा है। इसके तहत भारतीय नौसेना को 22 सबमरीन लॉन्ड् ोन हारपून ओवर-द-होराइजन एंटी शिप मिसाइल मिलेंगी।
यह मिसाइलें पेंटागन के फॉरेन मिलिट्री सेल्सब (FMS) प्राेग्राम के तहत दी जाएंगी। बोइंग भारत को 12 UGM-84L हारपून ब्लॉगक II मिसाइल और 10 UTM-84L हारपून ट्रेनिंग मिसाइल सप्ला1ई करेगा। यह सभी एक कंटेनर में रहेंगी जिन्हेंS एक टॉरपीडो ट्यूब के जरिए लॉन्चल किया जा सकेगा।
साथ ही मिसाइल सिस्टजम को समझने के लिए कंपनी इंस्ट्रSक्शंटस भी मुहैया कराएगी। हथियारों का यह बेड़ा करीब 200 मिलियन डॉलर कीमत का है। यह सौदा जून 2018 में पूरा होगा। भारत ने इससे पहले 2010 में वायुसेना के लिए 24 AGM-84L Block II हारपून खरीदी थीं। इसके बाद 2012 में 200 मिलियन डॉलर देकर 21 अतिरिक्तू हारपून मिसाइलें खरीदी गईं।

भारत के खिलाफ मार्शल द्वीपसमूह का मुकदमा यूएन में खारिज

संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च अदालत ने परमाणु हथियारों की होड़ पर लगाम लगाने में कथित तौर पर नाकाम हुए भारत, पाकिस्तान और ब्रिटेन के खिलाफ मार्शल द्वीपसमूह की ओर से दायर मुकदमा बुधवार को खारिज कर दिया।
बहुमत के आधार पर फैसला सुनाते हुए इंटरनेशनल कोर्ट आॅफ जस्टिस (आईसीजे) ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है कि मार्शल द्वीपसमूह का परमाणु शक्ति संपन्न भारत, पाकिस्तान और ब्रिटेन से पहले कभी कोई विवाद रहा हो या उसने इस मुद्दे पर तीनों देशों से कभी कोई द्विपक्षीय वार्ता की मांग की हो।
साल 1946 से 1958 के बीच मार्शल द्वीपसमूह के प्राचीन प्रवालद्वीपों पर अमेरिका की ओर से उन दिनों कई परमाणु परीक्षण किए गए जब शीत युद्धकाल में हथियारों की होड़ में तेजी आई।
द हेग स्थित न्यायाधिकरण में हुई सुनवाई के बाद मार्शल महाद्वीप ने कहा कि वह ‘फैसले का अध्ययन’ करेगा।

4 नवंबर को प्रभाव में आएगा पेरिस जलवायु समझौता–बान की मून

संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख बान की मून ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौता चार नवंबर को प्रभाव में आएगा। इस समझौते को लागू करने के लिए 55 प्रतिशत वैश्विक ग्रीनहाउस उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार कम से कम 55 देशों के हस्ताक्षर आवश्यक थे और यह आंकड़ा पार करने के साथ ही इस समझौते को लागू किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया। कुल 72 देशों ने इस समझौते का अनुमोदन किया है जो 56 प्रतिशत वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं।
भारत विश्व के 4.1 प्रतिशत उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार है और भारत के अनुमोदन के बाद इसे लागू करने के लिए आवश्यक 55 प्रतिशत उत्सर्जन का आंकड़ा छूने के लिए तीन प्रतिशत अंकों से कुछ ही अधिक की आवश्यकता थी। ऑस्ट्रिया, बोलीविया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, हंगरी, माल्टा, नेपाल, पुर्तगाल और स्लोवाकिया के साथ साथ यूरोपीय संघ ने महासचिव को बुधवार (5 अक्टूबर) को अपने अनुमोदन संबंधी दस्तावेज सौंप दिए जिसके बाद इसे लागू किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया। यह समझौता अब नवंबर में मोरक्को में होने वाले जलवायु सम्मेलन (सीओपी 22) से पहले लागू हो जाएगा। इस सम्मेलन में समझौते के पक्षों की पहली बैठक होगी। अभी तक अनुमोदन नहीं करने वाले देश पर्यवेक्षकों के रूप में शामिल हो सकते हैं।
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के 195 पक्षों ने पेरिस में पिछले साल दिसंबर में सीओपी21 सम्मेलन के दौरान इसे पारित किया था। इस समझौते में देशों से जलवायु परिवर्तन से निपटने और स्थायी कम कार्बन उत्सर्जन वाले भविष्य के लिए आवश्यक निवेश एवं कार्यों में तेजी लाने के साथ साथ जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के अनुसार खुद को ढालने की अपील की गई है। समझौते में तापमान में वैश्विक वृद्धि को दो डिग्री सेल्सियस से कम तक सीमित करने और 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा का लक्ष्य हासिल करने की बात की गई है। इस समझौते पर अप्रैल को 175 देशों ने न्यूयार्क में हस्ताक्षर किए थे।

अमेरिकी महाद्वीप खसरा मुक्त
विश्व स्वस्थ्य संगठन (WHO) ने अमेरिकी महाद्वीप को खसरा मुक्त घोषित कर दिया है | यह दुनिया का पहला खसरा मुक्त क्षेत्र घोसित किया गया हैं |
इसके साथ ही अमेरिकी महाद्वीप 5 बीमारियों से मुक्त हो गया | ये बीमारी है चेचक ,पोलियो ,जर्मन खसरा रूबेला,पन्जेलियाल रूबेला सिंड्रोम और खसरा |
क्या है खसरा ?
खसरा (Measles), एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है। खसरा मीजल्स वायरस (Measles Virus) से फैलता है। इससे ग्रसित रोगी का पहले गला खराब होता है और उसके बाद बुखार आता है।
खसरा (Khasra) श्वसन (सांस) के माध्यम से फैलता है। यह संक्रमण (Infection) औसतन 14 दिनों तक प्रभावी रहता है और 2-4 दिन पहले से दाने निकलने की शुरूआत हो जाती है, अगले 2-5 दिनों तक संक्रमित रहता है (अर्थात कुल मिलाकर 4-9 दिनों तक संक्रमण रहता है), इसका असर इंफेक्शन वाले दिन से नहीं, बल्कि उसके कई दिनों बाद होता है।
यह सबसे अधिक संक्रामक बीमारियों में से एक है। इसके वायरस के संपर्क में आने से कई गैर-प्रतिरक्षक लोग (जिनका टीकाकरण नहीं हुआ), इस श्वसन संबंधी बीमारी का शिकार हो जाते हैं।
खसरे के टीके की दो खुराक से इस बीमारी से बचा जा सकता है। यह रोग 9 माह से 10 वर्ष तक के बच्चों में सर्वाधिक होता हैं।

COMMENTS (1 Comment)

Niraj kumar Oct 11, 2016

Great work again. Some news I never read any place like America continent is measles free declared by WTO.

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Exam Name Exam Date
IBPS PO, 2017 7,8,13,14 OCTOBER
UPSC MAINS 28 OCTOBER(5 DAYS)
CDS 19 june - 4 FEB 2018
NDA 22 APRIL 2018
UPSC PRE 2018 3 JUNE 2018
CAPF 12 AUG 2018
UPSC MAINS 2018 1 OCT 18(5 DAYS)


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