समसामयिकी अक्टूबर 8-15,अंतर्राष्‍ट्रीय घटनाक्रम

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समसामयिकी अक्टूबर 8-15,अंतर्राष्‍ट्रीय घटनाक्रम

मधुमेह पर विश्व स्वास्थ संगठन(WHO) के निर्देश –

  • विश्व स्वास्थ संगठन ने मधुमेह जैसी बीमारी को रोकने के लिए भारत सरकार से चीनी से बने खाद्य और पेय पदार्थ पर राजकोषीय प्रतिबन्ध लगाने के लिए कहा है ताकि उन पदार्थो का खपत कम किया जा सके |
  • विश्व स्वास्थ संगठन ने अपनी रिपोर्ट में भारत को एक ऐसी राजकोषीय नीति बनाने को कहा है जिसमे फल और सब्जियों पर टैक्स में छूट और हानिकारक खाद्य पदार्थों पर टैक्स में वृद्धि किया जाए |

अंतर्राष्ट्रीए बालिका दिवस

  • 11 अक्टूबर को संपूर्ण विश्व में अंतर्राष्ट्रीए बालिका दिवस मनाया गया , जिसका विषय था ‘बालिकाओं की प्रगति =लक्ष्यों की प्रगति : बालिकाओं के लिए क्या मायने रखता है ‘(Girls ‘progress = goals’progress: what counts for girls)

थाईलैंड के राजा का निधन

  • थाईलैंड के राजा भूमिबोल अदुल्यदेज का निधन हो गया है |वो दुनिया के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले राजा थे |

किगाली समझौता

  • किगाली में भारत समेत दुनिया के 197 देश ग्रीन हाउस गैस हाइड्रोफ्लूरोकार्बन (एचएफसी) के उत्सर्जन को चरणबद्ध तरीके से कम करने पर सहमत हो गए हैं।

प्रमुख तथ्य —

  • मांटियल प्रोटोकॉल के तहत इस समझौते के प्रावधान हस्ताक्षर करने वाले देशों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी होंगे।
  • इसमें दुनिया के दो सबसे बड़े प्रदूषक देश अमेरिका और चीन भी शामिल हैं।
  • संधि 1 जनवरी, 2019 से अमल में आएगी।
  • विकसित देश एचएफसी गैसों के उत्सर्जन में दस फीसद की कटौती के साथ समझौते के प्रावधानों पर साल 2019 से ही अमल शुरू कर देंगे। वर्ष 2036 तक इस आंकड़े को 85 फीसद तक लाया जाएगा।
  • चीन 2022 से समझौते पर अमल शुरू कर 2045 तक एचएफसी गैसों के उत्सर्जन में 80 से 85 फीसद की कटौती करेगा।
  • इस मसले पर विकासशील देश दो खेमों में बंट गए हैं। पहला गुट समझौते पर 2024 से और दूसरा 2028 से अमल शुरू करेगा। भारत, ईरान, इराक, पाकिस्तान और खाड़ी के देश दूसरे गुट में शामिल हैं।
  • पूरी दुनिया वर्ष 2045 तक इन खतरनाक गैसों के उत्सर्जन को 85 प्रतिशत तक कम कर देगी। गर्म जलवायु और लगातार बढ़ते मध्यवर्ग के चलते विकासशील देशों ने अतिरिक्त समय की मांग की थी। भारत को फैलते उद्योगों को नुकसान पहुंचने का भी अंदेशा है।

हाइड्रोफ्लूरोकार्बन मानव निर्मित शक्तिशाली ग्रीन हाउस गैस हैं ,जिसका प्रयोग एयर कंडीशनिंग, प्रशीतन, फोम आदि में होता हैं|

चीन-बांग्लादेश में समझौतों

  • बांग्लादेश और चीन ने 27 समझौतों पर हस्ताक्षर किए जिनमें बुनियादी ढांचे से जुड़े ऋण एवं निवेश के करार शामिल हैं।
  • चीनी राष्ट्रपति पिछले 30 साल में बांग्लादेश आने वाले पहले चीनी राष्ट्राध्यक्ष हैं।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम

  • वर्ल्क इकोनॉमिक फोरम की ट्रेवल एंड टूरिज्म की रिपोर्ट में विश्व के सुरक्षित और असुरक्षित देशों के बारे में बताया गया है।
  • असुरक्षित देशों की लिस्ट में नाइजीरिया का नाम सबसे ऊपर है। इसके बाद कोलंबिया, यमन, पाकिस्तान और वेनेजुएला का नाम आया है। इनके अलावा मिश्र, ग्वाटमाल, अल साल्वाडोर, थाईलैंड, केन्या, लेबनान, इंडिया, फिलीपिंस और जमैक देश भी शामिल हैं। वहीं भारत इस लिस्ट में 13वें नंबर पर है।
  • सुरक्षित देशों की लिस्ट में फिनलैंड सबसे ऊपर है। इसके बाद कतर, संयुक्त अरब अमीरात, आइसलैंड, ऑस्ट्रेलिया, लक्जमबर्ग, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, ओमान और पुर्तगाल हैं।
  • रिपोर्ट में ज्यादात्तर सुरक्षित देश यूरोप के हैं। वहीं अरसुरक्षित देशों की लिस्ट में ज्यादात्तर लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, एशिया और मिडल ईस्ट के देश हैं।

तूफान ‘मैथ्यू’

  • कैरेबियाई क्षेत्र से उठे श्रेणी पांच के तूफान मैथ्यू’ ने हैती, क्यूबा और डोमिनिकन गणराज्य में भारी तबाही मचाई। पूर्वोत्तर फ्लोरिडा तट पर पहुंचे मैथ्यू के कारण 175 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं।

गंगा बैरेज परियोजना

  • बांग्लादेश चार अरब डॉलर वाली प्रस्तावित गंगा बैरेज परियोजना में भारत को ‘पक्ष’ बनाना चाहता है |
  • गंगा बांग्लादेश में भारत से होकर बहती है, और बांग्लादेश इसमें भारत को शामिल करना चाहता हैं।’
  • भारत के जल संसाधन मंत्रालय की एक टीम बैरेज परियोजना पर जल्द ही चर्चा के लिए ढाका का दौरा करेगी। गंगा बैरेज राजबारही से चपईनबावगंज जिले तक 165 किलोमीटर लंबा जलाशय होगा और इसकी गहराई 12.5 मीटर होगी।

एशिया में जीका वायरस फैलने के खतरे

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से एशिया में जीका वायरस फैलने के खतरे के बारे में चेतावनी जारी की गई है।

क्या है जीका

  • मछर से फैलने वाला यह वायरस गर्भवती महिलाओं के लिए यह बेहद खतरनाक है। यह गर्भ में पल रहे भ्रूण को प्रभावित करता है। यह मस्तिष्क विकृति माइक्रासिफली समेत कई गंभीर जन्मजात दोषों का कारण बनता है। इसकी चपेट में आने से भ्रूण का दिमाग अविकसित रह जाता है।

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