विश्व अंतरिक्ष सप्ताह(WORLD SPACE WEEK OCT 4-10): 2016 में हासिल की गई 10 बड़ी उपलब्धियां

  • Home
  • विश्व अंतरिक्ष सप्ताह(WORLD SPACE WEEK OCT 4-10): 2016 में हासिल की गई 10 बड़ी उपलब्धियां

विश्व अंतरिक्ष सप्ताह(WORLD SPACE WEEK OCT 4-10): 2016 में हासिल की गई 10 बड़ी उपलब्धियां

‘विश्व अंतरिक्ष सप्ताह’

संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1999 में विज्ञान के प्रचार-प्रसार के लिए हर साल 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक ‘विश्व अंतरिक्ष सप्ताह’ मनाने की घोषणा की।
4 अक्टूबर 1957 को पहला मानव निर्मित सेटेलाइट स्पूतनिक-1 अंतरिक्ष में भेजा गया था।
वर्ष 2016 के लिए ‘विश्व अंतरिक्ष सप्ताह’ का विषय है –‘रिमोट सेंसिंग – इनेबलिंग आवर फ्यूचर’

इस साल अंतरिक्ष के क्षेत्र में हासिल की गई 10 बड़ी उपलब्धियों पर-

1- भारत का पहला ग्लोबल नैविगेशन सिस्टम नाविक (नैविगेशन विथ इंडियन कॉन्स्टलेशन) शुरू हो गया। ‘नाविक’ सात सैटेलाइटकी मदद से चलता है। ये अमेरिकी जीपीएस जैसा है लेकिन भारत में ये जीपीएस की तुलना में ज्यादा सटीक तरीके से कारगर होगा। इसके साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया जिनके पास अपना नैविगेशन सिस्टम है। इससे पहले केवल अमेरिका, रूस, चीन और यूरोपीय संघ के पास अपने नैविगेशन सिस्टम थे। कानूनन युद्ध के समय भारत जीपीएस का प्रयोग नहीं कर सकता ऐसे में “नाविक” उसके लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

2- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस साल मई में पहला भारत-निर्मित अंतरिय यान अंतरिक्ष में भेजा। भारत ने इस अतंरिक्ष यान को भारत में बने ‘रीयूजेबल लॉन्च वेहिकल-टेक्नोलॉजी डेमोनस्ट्रेटर’ से भेजा था।

3- इस साल भारत ने एक रॉकेट से 20 सेटेलाइट एक साथ अतंरिक्ष में भेजकर अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले 2008 में भारत ने एक साथ 10 सेटेलाइट अतंरिक्ष में भेजे थे। हालांकि एक साथ सबसे अधिक सेटेलाइट अंतरिक्ष में भेजना का विश्व रिकॉर्ड रूस के पास है जिसने 2014 में एक साथ 33 सेटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे थे।

4- इस साल अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन ने पृथ्वी की एक लाख परिक्रमा पूरी कर ली। 1998 में अंतरिक्ष में स्थापित किए गए इस स्पेस स्टेशन ने इस दौरान चार अरब किलोमीटर की दूरी तय की।

5- अमेरिका के यूनाइटेड लॉन्च (यूएलए) अलायंस ने एक स्पाई सेटेलाइट लॉन्च किया। यूएलए ने कहा कि ये लॉन्चिंग “देश की सुरक्षा में मदद” के लिए की गई है।

6- नासा ने जूपिटर (बृहस्पति) मिशन के तहत अपने अंतरिक्ष यान जूनो को जूपिटर की कक्षा में स्थापित कर दिया। इस यान को अगस्त 2011 में लॉन्च किया गया था। जूपिटर सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। जूनो इसके वायुमंडल का अध्ययन करेगा।

7- नासा ने अपना पहला एस्टरॉयड सैंपलिंग मिशन ‘ओसिरी-रेक्स’ अंतरिक्ष में भेजा। इस अंतरिक्ष यान का मकसद एस्टरॉयड की सतह से धूल के कम और टूटे हुए हिस्से इकट्ठा करना। ये यान 2023 तक पृथ्वी पर वापस आएगा तब वैज्ञानिक इसके द्वारा लाए गए नमूनों का अध्ययन कर सकेंगे।

8- नासा ने स्टार ट्रेक की 50वीं सालगिरह पर गहरे अंतरिक्ष की सैकड़ों नई तस्वीरें जारी कीं।

9- नासा ने एक वीडियो जारी किया जिसमें दिखाया गया कि जब एक तारा ब्लैक होल के बहुत करीब जाता है तो क्या होता है।

10- अटलांटिक महासागर में एक ड्रोन शिप में एक रॉकेट भेजा गया। इस रॉकेच को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैप कैनावेरल एयरफोर्स स्टेशन से लॉन्च किया गया था।

स्रोत-जनसत्ता

COMMENTS (1 Comment)

Niraj kumar Oct 7, 2016

Again mind blowing article
.good one.

LEAVE A COMMENT

Search



Subscribe to Posts via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.