ग्लोबल न्यूट्रिशन रिपोर्ट 2017

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ग्लोबल न्यूट्रिशन रिपोर्ट 2017

ग्लोबल न्यूट्रिशन रिपोर्ट (वैश्विक पोषण रिपोर्ट) 2017 के अनुसार 140 देशों में कुपोषण की समस्या प्रमुख रूप से विद्यमान है। अध्ययन किये गए सभी 140 देशों में, रिपोर्ट के अनुसार कुपोषण के तीन महत्वपूर्ण रूपों को व्यापक ट्रेंड के सूचक के रूप में उपयोग किया गया है:

  • अविकसित बचपन: पोषक तत्वों की कमी के कारण बच्चों का अपनी उम्र से कम लगना, मस्तिष्क की क्षमता को अपरिवर्तनीय नुकसान पहुंचना।
  • प्रजनन की उम्र में महिलाओं में एनीमिया: यह एक गंभीर स्थिति है जो मां और बच्चे के लिए दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभाव डाल सकती है।
  • अधिक वजन वाली वयस्क महिलाएं: यह एक गंभीर समस्या है, जिसकी वजह से महिलाएं वैश्विक मोटापा महामारी से विषमतापूर्वक ग्रसित हैं।

रिपोर्ट में पाया गया कि अधिकतर देश (88%) कुपोषण के दो या तीन प्रकारों से वीभत्स रूप से ग्रस्त हैं। यह रिपोर्ट इस तथ्य पर प्रकाश डालती है कि कुपोषण कैसे वैश्विक विकास प्रयासों पर हानिकारक प्रभाव डाल रहा है।

रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएं:

  • ग्लोबल न्यूट्रिशन रिपोर्ट 2017 यह बताती है कि पोषण को गरीबी समाप्त करने, बीमारियों से लड़ने, शैक्षिक मानकों को बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन से निपटने जैसे प्रयासों के दिल में रखने की आवश्यकता है।
  • यह विकास के अन्य सभी मुद्दों के साथ ही कुपोषण के मुद्दे को भी स्थान देने पर सहमति जताती है।
  • रिपोर्ट में पाया गया कि लगभग सभी देशों में अधिक वजन की समस्या हो रही है और मोटापा बढ़ रहा है। दुनिया के 7 अरब लोगों में से 2 अरब से अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं। इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2025 तक मोटापे और मधुमेह में वृद्धि को रोकने के वैश्विक लक्ष्य को पूरा करने का एक प्रतिशत से भी कम मौका है।
  • पांच वर्ष से कम लगभग 41 लाख बच्चे अधिक वजन वाले हैं और यह समस्या उच्च और निम्न आय वाले देशों को समान रूप से प्रभावित करने वाली है। अफ्रीका में कम से कम 10 मिलियन बच्चों को अब अधिक वजन के रूप में वर्गीकृत किया गया है। एक तिहाई उत्तर अमेरिकी पुरुष (33%) और महिलायें (34%) मोटापे से ग्रस्त हैं।

ग्लोबल न्यूट्रिशन रिपोर्ट 2017 के बारे में:

    वैश्विक पोषण रिपोर्ट दुनिया के पोषण की स्थिति का स्वतंत्र रूप से तैयार किया गया वार्षिक विश्लेषण है। यह मातृ, शिशु और युवा बच्चों के पोषण और विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य देशों में आहार से संबंधित पुरानी बीमारियों के लक्ष्य की प्रगति को ट्रैक करती है।

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